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आईटी बेस्ड गवर्नेंस से पब्लिक सर्विंस डिलिवरी सिस्टम होता है मजबूत : सीएम

देहरादून | मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एमडीडीए द्वारा प्रारम्भ किये गये आॅनलाईन पीएफएमएस सिस्टम को पारदर्शी प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी के प्रयोग से जन सुविधाओं को बेहतर बनाया जाय। उन्होंने कहा कि आईटी बेस्ड गवर्नेंस से पब्लिक सर्विंस डिलिवरी सिस्टम मजबूत होता है और सरकार के कामकाज में पारदर्शिता आती है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग में ड्राईविंग लाईसेंस और रोड टैक्स का कार्य आॅनलाईन शुरू हो गया है। प्रमुख अस्पतालों में ओपीडी के लिये आॅनलाईन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। खनन विभाग में ई-आॅक्शन शुरू किया गया है। सरकारी विभागों में ई-टेडरिंग लागू हो गई है। समाज कल्याण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग आदि में सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से कामकाज को सरल एवं पारदर्शी बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि एमडीडीए की भांति अन्य विभाग भी जन सुविधाओं से जुड़े कार्यों को आॅनलाईन प्लेटफोर्म पर ले आयेंगे। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण उत्तराखण्ड, राज्य का पहला विकास प्राधिकरण बना है, जिसे अन्तर्राष्ट्रीय संगठन आई.एस.ओ. का प्रमाण पत्र मिला है। आई.एस.ओ. ने प्राधिकरण को कार्यशैली एवं कार्यगुणवत्ता के लिए तीन प्रमाण पत्र, आईएसओ 9001 गुणवत्ता प्रबन्धन प्रणाली, आईएसओ 14001 वातावरण प्रबन्धन प्रणाली व ओएचएसएएस 18001 व्यवसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रबन्धन प्रणाली हेतु प्रदान किये हैं।  एमडीडीए के उपाध्यक्ष  आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने किये जा रहे विभिन्न विकास कार्यों को बेहतर बनाने व उनमें पारदर्शिता लाये जाने हेतु एक नया साॅफ्टवेयर प्रोजेक्ट फाईनेंस मैनेजमेंट सिस्टम(पीएफएमएस) विकसित किया गया है। इस साफ्टवेयर के माध्यम से विभिन्न प्रकार के विकास कार्यों पर पारदर्शी एवं प्रभावी रूप से कार्य किया जा सकेगा। विभिन्न विकास कार्यों की स्वीकृति साॅफ्टवेयर के माध्यम से की जायेगी तथा एस्टिमेट भी तैयार किया जायेगा। सभी ‘‘शिड्यूल आॅफ रेट्स’’ सिस्टम पर उपलब्ध रहेंगे। विकास कार्यों की भौतिक स्थिति की जानकारी ‘‘जीओ टैग्ड’’ फोटोग्राफ के माध्यम से उपलब्ध रहेगी।  समस्त विकास कार्यों की एम.बी.(मेजरमेंट बुक) साॅफ्टवेयर के माध्यम से पूर्ण की जायेगी। अभी तक एम.बी. निरीक्षण करने में लेखा अनुभाग को काफी समय लगता था। साफ्टवेयर के माध्यम से एम.बी. का निरीक्षण किया जायेगा, जिससे समय की बचत होगी व त्रुटि होने की सम्भावना नगण्य हो जायेगी। साॅफ्टवेयर द्वारा प्रत्येक कार्य की प्रगति विवरण उच्चाधिकारियों को उनके डैशबोर्ड पर उपलब्ध रहेगी तथा विलम्ब होने की स्थिति में सम्बन्धित अधिकारी का लाॅगइन ब्लाॅक हो जायेगा एवं उपाध्यक्ष द्वारा ही पुनः स्वीकृति के पश्चात संचालित किया जा सकेगा। साॅफ्टवेयर के माध्यम से टेडरिंग की प्रक्रिया को भी पूर्ण किया जायेगा। साॅफ्टवेयर को लेखा अनुभाग के साथ एकीकृत किया गया है जिससे कार्यदायी संस्था को उनके कार्य के अनुपात में भुगतान आर.टी.जी.एस. व नेट बैंकिंग के माध्यम से किया जायेगा। इस अवसर पर स्थानीय विधायक  खजान दास भी उपस्थित थे।

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