Breaking News:

उत्तराखण्ड : सीएम त्रिवेंद्र ने सांसद आदर्श ग्राम योजना की समीक्षा की -

Thursday, November 14, 2019

अंगीठी की गैस से दम घुटने के कारण मां-बेटी की मौत -

Thursday, November 14, 2019

भारतीय वन्य जीव संस्थान का दल पहुंचा परमार्थ निकेतन -

Thursday, November 14, 2019

पिथौरागढ़ विस उपचुनाव: प्रचार को कांग्रेस प्रभारी भी -

Thursday, November 14, 2019

मुख्यमंत्री ने 150 करोड़ रूपए लागत की विभिन्न विकास योजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास -

Thursday, November 14, 2019

जनभावनाओं के अनुरूप श्रीराम का भव्य मंदिर जल्द : सीएम योगी आदित्यनाथ -

Wednesday, November 13, 2019

उत्तराखण्ड : मंत्रिमंडल की बैठक में 27 फैसलों को मंजूरी -

Wednesday, November 13, 2019

फीस वृद्धि : छात्रों में भारी आक्रोश, की तालाबंदी -

Wednesday, November 13, 2019

उत्तराखण्ड : 25 नवंबर से शुरू होगा खेल महाकुम्भ, जानिए खबर -

Wednesday, November 13, 2019

मिसेज दून दिवा सेशन-4 फिनाले 16 नवंबर को -

Wednesday, November 13, 2019

सीएम त्रिवेन्द्र ने कुम्भ मेले के तैयारियों की समीक्षा की -

Wednesday, November 13, 2019

बुजुर्गो से ठगी करने वाला गिरफ्तार , जानिए खबर -

Tuesday, November 12, 2019

फीस वृद्धि के खिलाफ आयुष छात्रों का आंदोलन जारी -

Tuesday, November 12, 2019

धूमधाम से मनाया गया 550वां प्रकाशोत्सव -

Tuesday, November 12, 2019

पिथौरागढ़ में भूकंप के झटके, जानिए खबर -

Tuesday, November 12, 2019

बचपन की कुछ बातें और उनसे जुडी कुछ यादें….. -

Tuesday, November 12, 2019

प्रकाशपर्व: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने मत्था टेक प्रदेश की खुशहाली की कामना की -

Tuesday, November 12, 2019

उत्तराखण्ड: सीएम को फोन पर धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार -

Monday, November 11, 2019

छात्रो ने फैशन शो में पेश किया नया क्लेक्शन -

Monday, November 11, 2019

पौड़ी के विकास में सीता माता सर्किट होगा मील का पत्थर साबित : सीएम -

Monday, November 11, 2019

आयुर्वेद की अमृता यानी गिलोय के औषधीय लाभ, जानिए खबर

पिछले दिनों जब स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ा तो लोग आयुर्वेद की शरण में पंहुचे। इलाज के रूप में गिलोय का नाम खासा चर्चा में आया। गिलोय या गुडुची, जिसका वैज्ञानिक नाम टीनोस्पोरा कोर्डीफोलिया है, का आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण स्थान है। इसके खास गुणों के कारण इसे अमृत के समान समझा जाता है और इसी कारण इसे अमृता भी कहा जाता है। प्राचीन काल से ही इन पत्तियों का उपयोग विभिन्न आयुर्वेदिक दवाइयों में एक खास तत्व के रुप में किया जाता है। गिलोय की पत्तियों और तनों से सत्व निकालकर इस्तेमाल में लाया जाता है। गिलोय को आयुर्वेद में गर्म तासीर का माना जाता है। यह तैलीय होने के साथ साथ स्वाद में कडवा और हल्की झनझनाहट लाने वाला होता है। गिलोय के गुणों की संख्या काफी बड़ी है। इसमें सूजन कम करने, शुगर को नियंत्रित करने, गठिया रोग से लड़ने के अलावा शरीर शोधन के भी गुण होते हैं। गिलोय के इस्तेमाल से सांस संबंधी रोग जैसे दमा और खांसी में फायदा होता है। इसे नीम और आंवला के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने से त्वचा संबंधी रोग जैसे एग्जिमा और सोराइसिस दूर किए जा सकते हैं। इसे खून की कमी, पीलिया और कुष्ठ रोगों के इलाज में भी कारगर माना जाता है। सूजन कम करने के गुण के कारण, यह गठिया और आर्थेराइटिस से बचाव में अत्यधिक लाभकारी है। गिलोय के पाउडर को सौंठ की समान मात्रा और गुगुल के साथ मिलाकर दिन में दो बार लेने से इन बीमारियों में काफी लाभ मिलता है। इसी प्रकार अगर ताजी पत्तियां या तना उपलब्ध हों तो इनका ज्यूस पीने से भी आराम होता है। आयुर्वेद के हिसाब से गिलोय रसायन यानी ताजगी लाने वाले तत्व के रुप में कार्य करता है। इससे इम्यूनिटी सिस्टम में सुधार आता है और शरीर में अतिआवश्यक सफेद सेल्स की कार्य करने की क्षमता बढ़ती है। यह शरीर के भीतर सफाई करके लीवर और किडनी के कार्य को सुचारु बनाता है। यह शरीर को बैक्टिरिया जनित रोगों से सुरक्षित रखता है। इसका उपयोग सेक्स संबंधी रोगों के इलाज में भी किया जाता है। लंबे समय से चलने वाले बुखार के इलाज में गिलोय काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह शरीर में ब्लड प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाता है जिससे यह डेंगू तथा स्वाइन फ्लू के निदान में बहुत कारगर है। इसके दैनिक इस्तेमाल से मलेरिया से बचा जा सकता है। गिलोय के चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर इस्तेमाल करना चाहिए। शरीर में पाचनतंत्र को सुधारने में गिलोय काफी मददगार होता है। गिलोय के चूर्ण को आंवला चूर्ण या मुरब्बे के साथ खाने से गैस में फायदा होता है। गिलोय के ज्यूस को छाछ के साथ मिलाकर पीने से अपाचन की समस्या दूर होती है साथ ही साथ बवासीर से भी छुटकारा मिलता है। गिलोय में शरीर में शुगर और लिपिड के स्तर को कम करने का खास गुण होता है। इसके इस गुण के कारण यह डायबीटिज टाइप 2 के उपचार में बहुत कारगर है।गिलोय एडाप्टोजेनिक हर्ब है अतरूमानसिक दवाब और चिंता को दूर करने के लिए उपयोग अत्यधिक लाभकारी है। गिलोय चूर्ण को अश्वगंधा और शतावरी के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है। इसमें याददाश्त बढ़ाने का गुण होता है। यह शरीर और दिमाग पर उम्र बढ़ने के प्रभाव की गति को कम करता है। अपने अनगिनत गुणों के साथ गिलोय सभी उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद है परंतु कुछ लोगों में इससे विपरीत प्रभाव पड़ सकते हैं। इससे कुछ लोगों की पाचन क्रिया खराब हो सकती है। गर्भवती महिलाओं को बिना चिकित्सकीय सलाह के इसके इस्तेमाल से बचना चाहिए।

Leave A Comment