Breaking News:

गैरसैण बनेगी ई-विधानसभा : सीएम त्रिवेंद्र -

Friday, June 5, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में कोरोना मरीजो की संख्या हुई 1215 , ठीक हुए मरीजो की संख्या हुई 344 -

Friday, June 5, 2020

“उत्तराखंड की शान भैजी विरेन्द्र सिंह रावत” ऑडियो वीडियो का हुआ शुभारम्भ -

Friday, June 5, 2020

डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी -

Friday, June 5, 2020

कोरोना से बचे : कोरोना मरीजो की संख्या हुई 1199, देहरादून में 15 नए मामले मिले -

Friday, June 5, 2020

7 जून से “एसपीओ” द्वारा राष्ट्रीय ऑनलाइन योगा प्रतियोगिता का आयोजन -

Friday, June 5, 2020

उत्तराखंड : 10वीं च 12वीं की शेष परीक्षाएं 25 जून से पहले होंगी -

Friday, June 5, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में आज कोरोना मरीजो की संख्या हुई 1153 आज 68 नए मरीज मिले -

Thursday, June 4, 2020

पांच जून को अधिकांश जगह बारिश की संभावना -

Thursday, June 4, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में आज कोरोना मरीजो की संख्या हुई 1145 -

Thursday, June 4, 2020

जागरूकता और सख्ती पर विशेष ध्यान हो : सीएम त्रिवेंद्र -

Thursday, June 4, 2020

दुःखद : बॉलीवुड कास्टिंग निदेशक का निधन -

Thursday, June 4, 2020

वक्त का फेर : चैम्पियन तीरंदाज सड़क पर बेच रही सब्जी -

Thursday, June 4, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में आज कोरोना मरीजो की संख्या 1085 हुई , 42 नए मरीज मिले -

Wednesday, June 3, 2020

अभिनेत्री ने जहर खाकर की खुदकुशी, जानिए खबर -

Wednesday, June 3, 2020

मुझे बदनाम करने की साजिश : फुटबॉल कोच विरेन्द्र सिंह रावत -

Wednesday, June 3, 2020

मोदी 2.0 : पहले साल लिए गए कई ऐतिहासिक निर्णय -

Wednesday, June 3, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में कोरोना मरीजो की संख्या 1066 हुई -

Wednesday, June 3, 2020

सराहनीय पहल : एक ट्वीट से अपनों के बीच घर पहुंचा मानसिक दिव्यांग मनोज -

Tuesday, June 2, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में कोरोना मरीजो की संख्या हुई 1043 -

Tuesday, June 2, 2020

इंटरनेशनल मुक्केबाज आज ठेले पर आइसक्रीम बेचने को हुआ मजबूर

पत्थर तोड़कर परिवार का पेट भरने वाले झारखंड के हॉकी चैंपियन गोपाल भेंगरा, अंबाला रेलवे स्टेशन पर कुली का काम कर रहे नेशनल हॉकी मेडलिस्ट तारा सिंह की तरह ही वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर दिनेश कुमार कर्ज चुकाने के लिए आजकल ठेले पर आइसक्रीम बेच रहे हैं। ये देश का दुर्भाग्य है फिलहाल तो हम बात कर रहे हैं सड़क पर आइसक्रीम का ठेला लगाकर घर-गृहस्थी की गाड़ी खींच रहे हरियाणा के वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर दिनेश कुमार की, लेकिन उससे पहले पिछले साल का एक और वाकया याद कर लेते हैं। भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर गुमनाम अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी गोपाल भेंगरा से रांची (झारखंड) के आदिवासी बहुल तोरपा इलाके के सुदूर उयुर गुरिया गांव में मिलते हैं तो उनके घर में मानो खुशियों की बहार आ जाती है। अपने मामूली से खपरैल वाले घर के दरवाजे पर जब लुंगी-जर्सी में खड़े बहत्तर साल के आदिवासी भेंगरा से गावस्कर की मुलाकात होती है, उन्हे अपने वे दिन याद आ जाते हैं, जब बचपन में वह माड़-भात खाकर बांस के स्टिक से घंटों खेला करते थे।वह गरीबी की वजह से तीसरी क्लास तक ही पढ़ पाए। उस वक्त भी दिहाड़ी खटते रहे। बड़े हुए तो फौज में भर्ती होकर दशकों तक हॉकी में जबरदस्त शॉर्ट कॉर्नर हिट से बड़े-बड़ो को हैरत में डालते रहे। रिटायर हुए तो मामूली पेंशन से घर नहीं चल पाता था। किसी के आगे हाथ फैलाने में स्वाभिमान आड़े आ जाता। तत्कालीन सांसद सुशीला केरकेट्टा से मदद मांगी। कुछ नहीं मिला। पत्थर तोड़ने की मजदूरी करने लगे। जब सुनील गावस्कर की कंपनी ‘चैंप्स’ से पहली बार उन्हे आर्थिक मदद मिली, फफक कर रो पड़े। आज भी उन्हे ‘चैंप्स’ से ही साढ़े सात हज़ार रुपए हर महीने मिलते हैं।खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के मामले में हरियाणा तो देश में सबसे आगे रहता है लेकिन भारत का क्यूबा यानी मुक्केबाजी की मंडी कहे जाने वाले भिवानी क्षेत्र के दिनेश कुमार, जो वर्ष 2008 में बीजिंग ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, आज आर्थिक तंगी से दो-दो हाथ कर रहे हैं। इंटरनेशनल बॉक्सर दिनेश कुमार आजकल भिवानी (हरियाणा) में दो जून की रोटी और उधारी चुकाने के लिए सड़कों पर आइसक्रीम का ठेला लगाते हैं। वही दिनेश कुमार, जिन्होंने कभी भारत के लिए सत्रह गोल्ड, एक सिल्वर, पांच ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। घरेलू तंगी में आज वह भी सरकार से मदद मांग रहे हैं लेकिन सुनता कौन है! दिनेश के पिता ने कभी उनको इंटरनेशनल टूर्नामेंट में भेजने के लिए कर्ज लिया था, आज उसे ही चुकाने के लिए पिता के साथ आइसक्रीम बेच रहे हैं। दिनेश चाहते हैं कि सरकार उन्हे नौकरी दे।

Leave A Comment