Breaking News:

आगामी महाकुम्भ को प्लास्टिक मुक्त बनाया जायेगा : त्रिवेन्द्र सिंह रावत -

Monday, July 23, 2018

टैलेंट शो प्रतिभा को निखारने में एक बेहतर प्लेटफार्मः शैल -

Monday, July 23, 2018

अजब गजब : “तेल चोर” सक्रिय गिरोह सीसीटीवी कैमरे में कैद -

Monday, July 23, 2018

रिस्पना टू ऋषिपर्णा अभियान में हजारों की संख्या मे जुटे लोग -

Sunday, July 22, 2018

निस्वार्थ भाव से मां गंगा की सेवा में जुटे हैं युवा, जानिए खबर -

Sunday, July 22, 2018

राज्य सरकार के योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाए भाजपा कार्यकर्ता : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र -

Sunday, July 22, 2018

Social-Media पर झूठे व भ्रामक सन्देश पर होगी कड़ी कार्रवाई -

Sunday, July 22, 2018

जीएसटी : रजिस्ट्रेशन होगा अनिवार्य अब 20 लाख के टर्न ओवर पर -

Sunday, July 22, 2018

शैल का नया गीत “कोका” बना युवा दिलो का धड़कन -

Saturday, July 21, 2018

मुख्यमंत्री केरवां गांव से रिस्पना पुनर्जीविकरण का करेंगे शुभारंभ जानिये खबर -

Saturday, July 21, 2018

डब्ल्यूआईसी इंडिया में फोटो प्रदर्शनी को कला प्रेमियों ने सराहा -

Saturday, July 21, 2018

देशभर में सेब का हब बन सकता है उत्तराखण्ड, जानिये खबर -

Saturday, July 21, 2018

सीएम त्रिवेंद्र कल केरवां गांव से रिस्पना पुनर्जीविकरण का करेंगे शुभारंभ -

Saturday, July 21, 2018

2026 में FIFA वर्ल्ड कप खेल सकता है भारत यदि …. -

Saturday, July 21, 2018

त्रिवेंद्र सरकार उत्तराखंड की जनता के सपने को कर रही साकार , जानिये खबर -

Friday, July 20, 2018

पूजा बेदी द्वारा फिक्की फ्लो के लिए ‘लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन’ कार्यशाला -

Friday, July 20, 2018

पर्यटन व वन विभाग के मध्य उचित समन्वय आवश्यक : मुख्यमंत्री -

Friday, July 20, 2018

धरती के इतिहास में वैज्ञानिकों ने खोजा ‘मेघालय युग’ जानिये खबर -

Friday, July 20, 2018

सोनाली बेंद्रे ने बेटे रणवीर के लिए लिखी दिल छू जाने वाली बातें , जानिये खबर -

Friday, July 20, 2018

विकास कार्यों में धीमापन बरदाश्त नहींः मुख्यमंत्री -

Friday, July 20, 2018

उत्तराखंड : त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के 6 माह …

cm-uk

देहरादून | मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने 6 माह का कार्यकाल पूरा कर लिया है। आम जनता, गरीब, पिछड़े और दलित समाज के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार ने अपने इस छः माह के अल्पकार्यकाल में कुछ ठोस निर्णय लिये है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की स्पष्ट सोच रही है कि समाज के निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाएं पहुंचे। विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र व्यक्ति को मिले। इसके लिए उन्होंने कार्यभार ग्रहण करने के दिन से ही पहल शुरू कर दी थी। आम आदमी की पहुंच सरकार तक हो, इसके लिए कुछ प्रयास किये है, जिनके सार्थक परिणाम सामने आ रहे है। मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने का काम किया है। सरकारी कामकाज में अधिक से अधिक आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगायी जा सकें। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र जनता से स्वयं सीधा संवाद स्थापित कर रहे है, इसके लिए आधुनिक तकनीक का भी पूरा उपयोग कर रहे है। आज फेसबुक, टिव्टर जैसे सोशल मीडिया सबसे सरल माध्यम है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचा सकता है। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने अधिकारियों को भी स्पष्ट निर्देश दिये है कि आम जनता से सीधा संवाद कायम किया जाय, जन समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाय। जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान हो, इसके लिए समाधान पोर्टल को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। समाधान पोर्टल के साथ ही शिकायत दर्ज कराने के लिये टोल फ्री नम्बर 1905 हेल्पलाइन की व्यवस्था की गई है तथा आई.वी.आर.एस. के माध्यम से स्थानीय बोलियों में भी शिकायतें दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्रदेश में सुशासन स्थापित करने एवं जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री द्वारा साप्ताह में एक दिन व मंत्रियों द्वारा प्रतिदिन जनता दरबार आयोजित किए जा रहे हैं। सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में भी मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों द्वारा नियमित जनता मिलन कार्यक्रम व समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। सेवा के अधिकार अधिनियम को और अधिक सशक्त बनाया गया है, इसके दायरे में अन्य आवश्यक सेवाओं को शामिल कर 150 सेवाओं की सूची तैयार की गई है। ब्लॉक स्तर तक बायोमैट्रिक हाजिरी शुरू कर दी गई है। विभिन्न अनियमित्ताओं की त्वरित जांच हेतु एस.आई.टी. का गठन किया गया है। सीएम डेशबोर्ड जैसी अभिनव पहल शुरू की गई है। इसके माध्यम से विभागों से संबंधित जानकारी उपलब्ध होगी, जिस पर सीधा नियंत्रण मुख्यमंत्री कार्यालय का होगा। किसी भी सरकार की कार्य प्रणाली का आंकलन उसके द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के आधार पर किया जा सकता है, कि वह किस दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री  ने सबसे पहले राज्यहित में कुछ लक्ष्य निर्धारित किये है, जिनमें 2019 तक हर घर को बिजली एवं शत-प्रतिशत साक्षरता, 2022 तक सबको घर, किसानों की आय दोगुनी करने तथा 5 लाख बेरोजगार युवाओं के लिए कौशल विकास का लक्ष्य रखा गया है। इन लक्ष्यों से यह समझा जा सकता है कि राज्य सरकार का फोकस आम जन के हित में है। इन लक्ष्यों की पूर्ति के लिए अधिकारियों को निर्देश ही जारी नही किये गये है, बल्कि इसके लिए ठोस कार्ययोजना भी तैयार करने को कहा गया है, और इस दिशा में कार्य शुरू भी हो गया है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अन्तर्गत शेष 63 ग्रामों का विद्युतीकरण दिसम्बर, 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। समस्त परिवारों को 2019 तक विद्युत कनेक्शन देने का लक्ष्य है। बिजली चोरी रोकने के लिये ओवरहेड एल.टी. लाइनों को एल.टी.ए.वी. केबल प्रयोग करने का निर्णय लिया गया है। 05 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाओं को राज्य के स्थायी निवासियों हेतु आरक्षित किया गया है। उजाला एल.ई.डी. योजना के तहत 39 लाख एल.ई.डी. बल्ब वितरित कर दिए गये हैं। मार्च 2018 तक 100 लाख एल.ई.डी. बल्ब वितरण का लक्ष्य रखा गया है। सरकारी दफ्तरों में एल.ई.डी. का उपयोग अनिवार्य किया गया है। उत्तराखण्ड का ग्रामीण क्षेत्र खुले में शौच मुक्त होने वाला देश का चैथा राज्य बना है। राज्य में स्वच्छता अभियान को भारत सरकार का बैस्ट प्रैक्टिसेज दर्जा मिला है। शहरी स्वच्छता कार्यक्रम के लिए मार्च, 2018 तक सभी 92 शहरी निकायों को ओ.डी.एफ. बनाने का लक्ष्य पूरा करने का दायित्व जिलाधिकारियों को दिया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और अन्य राजस्व कार्यों हेतु 1000 पटवारी भर्ती करने का निर्णय लिया गया है। पर्वतीय चकबंदी कार्य के लिए अधिनियम और नियमावली के लिए कृषि मंत्री की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के स्वयं के गाँव से चकबंदी आरम्भ करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में ’उत्तराखंड की बेटियां’ सम्मान समारोह, नव विवाहित जोड़ों से बेटी बचाओ शपथ पत्र हस्ताक्षर कार्यक्रम, बेटी जन्मोत्सव एवं गोद भराई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर ’बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ का व्यापक प्रचार किया जा रहा है। कुपोषण से मुक्ति हेतु वृहद स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। टेक होम राशन की आपूर्ति महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से करायी जाएगी। ’डिजिटल इंडिया’ को साकार करने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। राज्य में सभी ग्राम पंचायतों में जन्म-मृत्यु पंजीकरण व परिवार रजिस्टर पंजीकरण की ऑनलाइन सुविधा प्रदान की गई है। राज्य में 5904 देवभूमि जन सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनसे ई-डिस्ट्रिक्ट की 14 सेवाएं जुड़ी हैं पी.एम.जी.डी.आई.एस.एच.ए. के तहत 32000 को ट्रेनिंग दी गई है। पंचायत स्तर पर भीम एप्प के प्रचार के लिए शिविर लगाये गये। ग्रामीण क्षेत्रों में 900 वित्तीय साक्षरता शिविरों का आयोजन किया जा चुुका है। हल्द्वानी, हरिद्वार व देहरादून में डिजि धन मेले आयोजित किए गये। देहरादून-पंतनगर के बीच डेक्कन एविएशन की सेवा अक्टूबर, 2017 से शुरू की जाएगी। उज्जवला योजना के तहत 8,817 गैस कनेक्शन तीन महीनों में जारी किये गए। सेतु-भारतम योजना के अन्तर्गत मार्च, 2017 में राज्य में 2 आर.ओ.बी. के निर्माण के लिए केंद्र की स्वीकृति मिली है। केन्द्र सरकार की तीन परियोजनाओं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन, चारधाम आल वेदर रोड एवं पंचेश्वर बाॅंध का कार्य प्रगति पर है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत 1.12 लाख किसानों का बीमा कराया गया है। योजना के तहत 5 लाख किसानों के बीमा का लक्ष्य रखा गया है।

 

Leave A Comment