Breaking News:

कांग्रेस बागी विधायकों के लिए फिर दरवाजे खोलने को तैयार ! -

Monday, November 18, 2019

सीएम ने स्वच्छ कॉलोनी के पुरस्कार से किया सम्मानित, जानिए खबर -

Monday, November 18, 2019

पर्वतीय क्षेत्रों में 500 उपभोक्ता पर एक मीटर रीडर हो ,जानिए खबर -

Monday, November 18, 2019

ईरान एवं भारत में है गहरा सांस्कृतिक सम्बन्धः डॉ पण्ड्या -

Monday, November 18, 2019

गांधी पार्क में ओपन जिम का सीएम त्रिवेंद्र ने किया लोकार्पण -

Monday, November 18, 2019

स्मार्ट सिटी हेतु 575 करोड़ रूपए के कामों का हुआ शिलान्यास, जानिए खबर -

Sunday, November 17, 2019

मिसेज दून दिवा सेशन-2 के फिनाले में पहुंचे राहुल रॉय , जानिए खबर -

Sunday, November 17, 2019

शीघ्र ही नई शिक्षा नीति : निशंक -

Sunday, November 17, 2019

उत्तराखंड : युवा इनोवेटर्स ने विकसित किए ऊर्जा दक्ष वाहन -

Sunday, November 17, 2019

यमकेश्वर : कार्यरत स्टार्ट अप को मुख्यमंत्री ने दिए 10 लाख रूपए -

Sunday, November 17, 2019

भगवा रक्षा दल : पंकज कपूर बने प्रदेश मीडिया प्रभारी -

Saturday, November 16, 2019

उत्तराखण्ड स्कूलों में वर्चुअल क्लास शुरू करने वाला बना पहला राज्य -

Saturday, November 16, 2019

सूचना कर्मचारी संघ चुनाव : भुवन जोशी अध्यक्ष , सुषमा उपाध्यक्ष एवं सुरेश चन्द्र भट्ट चुने गए महामंत्री -

Saturday, November 16, 2019

रेस लगाना पड़ा महंगा, हादसे में तीन की मौत -

Saturday, November 16, 2019

पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी आफ इंडिया : 41वीं नेशनल कान्फ्रेंश के ब्रोशर का हुआ विमोचन -

Saturday, November 16, 2019

अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भारत से साध्वी भगवती सरस्वती ने किया सहभाग -

Saturday, November 16, 2019

देहरादून में हुआ भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा का भव्य स्वागत, जानिए खबर -

Friday, November 15, 2019

भिक्षा मांग रहे बच्चो को भिक्षा की जगह शिक्षा दे : एडीजी अशोक कुमार -

Friday, November 15, 2019

हरिद्वार : पर्यटकों के लिए खुले राजा जी रिजर्व पार्क के दरवाजे -

Friday, November 15, 2019

शहर में दूसरा प्लास्टिक बैंक हुई स्थापित, जानिए खबर -

Friday, November 15, 2019

उत्तराखण्ड को मिलेगी 300 मेगावाट बिजली, जानिए खबर

लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के लिए एमओयू हस्ताक्षरित

केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण तथा जहाजरानी, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, राजस्थान की वसुन्धरा राजे, हरियाणा के मनोहर लाल, हिमाचल प्रदेश के जयराम ठाकुर और दिल्ली के अरविंद केजरीवाल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। मंगलवार को नेशनल मीडिया सेंटर, नई दिल्ली में लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना के निर्माण के लिए 06 राज्यों के मध्य एमओयू किया गया है। ऊपरी यमुना बेसिन क्षेत्र में 3966.51 करोड़ रूपए की लागत वाली लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना के एमओयू पर केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण तथा जहाजरानी, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, राजस्थान कीती वसुन्धरा राजे, हरियाणा के मनोहर लाल, हिमाचल प्रदेश के जयराम ठाकुर और दिल्ली के अरविंद केजरीवाल ने हस्ताक्षर किए।  उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना, सभी साझेदार छः राज्यों, विशेष तौर पर उत्तराखण्ड के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे राज्य को 300 मेगावाट बिजली प्राप्त होगी। परियोजना के बनने से क्षेत्र में पर्यटन सहित आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। उत्तराखण्ड की बिजली जरूरतों को पूरा करने में यह योजना का अहम योगदान होगा।

वर्ष 1992 से रूकी परियोजना को पुनः शुरू कराने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र के रहे विशेष प्रयास

वर्ष 1992 में परियोजना का काम रूक गया था। उस समय तक 30 प्रतिशत निर्माण कार्य हो चुका था। परियोजना को दुबारा शुरू कराने के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री नीतिन गड़करी का आभार व्यक्त किया। वर्ष 1992 से रूकी परियोजना को पुनः शुरू कराने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र के विशेष प्रयास रहे | उन्होंने कहा कि जिस तरह से विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने लखवाड़ परियोजना के लिए आपसी सहमति बनाई, वह नए भारत के निर्माण में टीम इंडिया की भावना का अच्छा उदाहरण है। गौरतलब है कि लखवाड़ परियोजना के तहत उत्तराखंड में देहरादून जिले के लोहारी गांव के पास यमुना नदी पर 204 मीटर ऊंचा कंक्रीट का बांध बनाया जाना है। बांध की जल संग्रहण क्षमता 330.66 एमसीएम होगी। इससे 33,780 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जा सकेगी। इसके अलावा इससे यमुना बेसिन क्षेत्र वाले छह राज्यों में घरेलू तथा औद्योगिक इस्तेमाल और पीने के लिए 78.83 एमसीएम पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। परियोजना से 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। परियोजना निर्माण का काम उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड करेगा। परियोजना पर आने वाले कुल 3966.51 करोड़ रुपये की लागत में से बिजली उत्पादन पर होने वाले 1388.28 करोड़ का खर्च उत्तराखंड सरकार वहन करेगी। परियोजना पूरी हो जाने के बाद तैयार बिजली का पूरा फायदा भी उत्तराखंड को ही मिलेगा। परियोजना से जुड़े सिंचाई और पीने के पानी की व्यवस्था वाले हिस्से के कुल 2578.23 करोड़ के खर्च का 90 प्रतिशत (2320.41 करोड़ रुपये) केन्द्र सरकार वहन करेगी जबकि बाकी 10 प्रतिशत का खर्च छह राज्यों के बीच बांट दिया जाएगा। इसमें हरियाणा को 123.29 करोड़ रुपये, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में से प्रत्येक राज्य को 86.75 करोड़ रुपये, राजस्थान को 24.08 करोड़ रुपये, दिल्ली को 15.58 करोड़ रुपये तथा हिमाचल प्रदेश के 8.13 करोड़ रुपये देने होंगे। लखवाड़ परियोजना के तहत संग्रहित जल का बंटवारा यमुना के बेसिन क्षेत्र वाले छह राज्यों के बीच 12.05.1994 को किये गये समझौता ज्ञापन की व्यवस्थाओं के अनुरूप होगा। लखवाड़ बांध जलाशय का नियमन यू.वाई.आर.बी. के जरिए किया जाएगा। लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के अलावा ऊपरी यमुना क्षेत्र में किसाऊ और रेणुकाजी परियोजनाओं का निर्माण भी होना है। किसाऊ परियोजना के तहत यमुना की सहायक नदी टौंस पर देहरादून जिले में 236 मीटर ऊंचा कंक्रीट का बांध बनाया जाएगा। वहीं रेणुकाजी परियोजना के तहत यमुना की सहायक नदी गिरि पर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में 148 मीटर ऊंचे बांध का निर्माण किया जाएगा।

Leave A Comment