Breaking News:

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बने देश के पहले लोकपाल, जानिए ख़बर -

Tuesday, March 19, 2019

सेल्समैन ने लौटाया दस लाख रुपयों से भरा बैग, जानिए ख़बर -

Tuesday, March 19, 2019

संजय दत्त पहनेंगे ‘पानीपत’ में 35 किलो का कवच ! -

Tuesday, March 19, 2019

जेईई मेन के अंक और रैंक में सुधार करने का दूसरा मौका, जानिए खबर -

Tuesday, March 19, 2019

लोकसभा चुनाव : सी-विजिल एप पर 857 शिकायतें एवम टोल फ्री नम्बर 1950 पर 33 हजार काॅल आईं -

Tuesday, March 19, 2019

‘कलंक’ फिल्म देखने को बेहद उत्‍साहित हैं जाह्नवी कपूर, जानिए ख़बर -

Monday, March 18, 2019

गोवा के मुख्यमंत्री बनेगे बीजेपी के प्रमोद सावंत , जानिए ख़बर -

Monday, March 18, 2019

दो साल में प्रदेश के ढाई लाख युवाओं को जोड़ा गया रोजगार से : सीएम -

Monday, March 18, 2019

युवा मतदाताओं के लिए ‘‘इन्टरेविटव सेशन‘‘ का हुआ आयोजन -

Monday, March 18, 2019

होली खेलें समय त्वचा का रखें खास ख्यालः डा. आशुतोष -

Monday, March 18, 2019

शहर कोतवाल के मौसेरे भाई की गोली मारकर हत्या -

Monday, March 18, 2019

कांग्रेस और भाजपा के बीच एक नई वॉर शुरू -

Sunday, March 17, 2019

उत्तरांचल प्रेस क्लब ने मनाया धूमधाम से होली मिलन समारोह -

Sunday, March 17, 2019

लंबे समय से कैंसर से पीड़ित ,गोवा के सीएम मनोहर पर्रिकर का निधन -

Sunday, March 17, 2019

प्रिया प्रकाश की फिल्‍म ‘श्रीदेवी बंगलो’ का टीजर रिलीज -

Sunday, March 17, 2019

राजनीतिक विज्ञापनों का पूर्व सर्टिफिकेशन आवश्यक , जानिए खबर -

Sunday, March 17, 2019

लोकसभा निर्वाचन में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण : डीएम दीपक रावत -

Sunday, March 17, 2019

बीसी खंड़ूड़ी के पुत्र मनीष खंडूड़ी हुए कांग्रेस में शामिल -

Saturday, March 16, 2019

देहरादून रैली : पीएम मोदी पर जमकर बरसे राहुल गांधी -

Saturday, March 16, 2019

बीसीसीआई ने शहीदों के परिवारों के लिए उठाया सराहनीय कदम -

Saturday, March 16, 2019

उत्तर प्रदेश के सीएम और डेप्युटी सीएम की सीटों पर हुए चुनाव में गिरा वोट प्रतिशत

VOTERS

उत्तर प्रदेश की दो सबसे वीआईपी लोकसभा सीटों पर उपचुनाव की वोटिंग संपन्न हो गई है। फूलपुर और गोरखपुर की सीटों पर इस बार पिछले चुनावों के मुकाबले कम मतदान हुआ है। गोरखपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम) के मुताबिक सीएम योगी आदित्यनाथ के गृहक्षेत्र में 47.45 फीसदी वोटिंग हुई, वहीं फूलपुर में 37.39 फीसदी मतदान हुआ है। राज्य निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक मतदान सुबह सात बजे शुरू होकर शाम पांच बजे तक चला और यह शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ बूथों पर ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के खराब होने की शिकायतें आईं। तत्काल मशीनों को बदल दिया गया। इस बार मतदाताओं में उत्साह की कमी नजर आई, जिसकी वजह से कम लोगों ने मतदान किया। स्वच्छ एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। 2014 में इन दोनों सीटों पर बीजेपी ने बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। यहां तक कि एसपी, बीएसपी और कांग्रेस को मिले सम्मिलित वोट भी बीजेपी के विजयी उम्मीदवार से कम थे। 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान फूलपुर में 50.20 फीसदी मतदान हुआ था, जबकि गोरखपुर में 54.64 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। यानी मतदान में पिछले चुनाव के मुकाबले 12 फीसदी तक की गिरावट दर्ज हुई है। प्रदेश के सीएम और डेप्युटी सीएम की सीटों पर हुए चुनाव में गिरता वोट प्रतिशत आखिर किस पार्टी के पक्ष में वोटर का रुझान दिखा सकता है। क्या एसपी-बीएसपी के एक साथ आने से बीजेपी को मुश्किल होगी, या बीजेपी को सत्ता विरोधी रुझान का सामना करना पड़ सकता है। एक बार इन संभावनाओं पर गौर करते हैं। दोनों ही लोकसभा सीटों पर शहरी इलाकों की कम वोटिंग बीजेपी के लिए चिंता वाली बात हो सकती है। उत्तर प्रदेश की फूलपुर लोकसभा सीट जिसका क्षेत्र इलाहाबाद के प्रमुख शहरी क्षेत्रों से लेकर यमुनापार के ग्रामीण इलाकों तक फैला हुआ है, बीजेपी की इस चिंता की सबसे प्रमुख वजह है। इलाहाबाद उत्तर विधानसभा में सबसे कम 21.65 फीसदी मतदान हुआ है। यह शहर का सबसे प्रबुद्ध इलाका माना जाता है। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी भी इसी क्षेत्र में आती है। इसके अलावा मुरली मनोहर जोशी और प्रमोद तिवारी जैसे बड़े नेता भी इसी विधानसभा के निवासी हैं। कचहरी भी इसी इलाके में है। डेप्युटी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर कम मतदान से बीजेपी के अंदरूनी संगठन में हलचल मची हुई है। जानकारों का मानना है कि शहर के प्रबुद्ध इलाकों के वोटरों के क्षेत्र में मतदान का आंकड़ा गिरने का नुकसान बीजेपी को हो सकता है। जानकारों का मानना है कि अगर इलाहाबाद के शहरी इलाकों में बीजेपी की वोटिंग कम होती है तो इसका सीधा लाभ एसपी को मिलेगा। दूसरी स्थिति यह भी है कि एसपी-बीएसपी के गठबंधन में इस सीट के पटेल, यादव, मुस्लिम और दलित वोटरों का गठजोड़ भी बीजेपी को झटका दे सकता है। वहीं दूसरी ओर पूर्व सांसद अतीक अहमद की निर्दलीय उम्मीदवारी की स्थिति में बीजेपी के स्थानीय नेता इस बात से आशान्वित हैं कि उनकी उम्मीदवारी से एसपी को होने वाला नुकसान बीजेपी के लिए संजीवनी सा हो सकेगा।

Leave A Comment