Breaking News:

आॅडिशन में प्रतिभागियों ने बिखेरे जलवे, जानिए ख़बर -

Monday, June 18, 2018

मैड संस्था ने चलाया सफाई अभियान, जानिए ख़बर -

Monday, June 18, 2018

मैक्सिको ने गत चैंपियन जर्मनी को 1-0 से हराया जानिए ख़बर -

Monday, June 18, 2018

इस देश में फेसबुक, वॉट्सएेप, ट्विटर चलाने पर देना होगा टैक्स जानिए ख़बर -

Monday, June 18, 2018

उत्तराखण्ड न्यू-इंडिया में महत्वपूर्ण भागीदारी के लिए संकल्पबद्ध : मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र -

Sunday, June 17, 2018

छोटे-छोटे प्रयास लाता है बड़ा परिणाम : हरक सिंह रावत -

Sunday, June 17, 2018

केजरीवाल के समर्थन में आए ममता बनर्जी सहित चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों जानिए ख़बर -

Sunday, June 17, 2018

एक मिस कॉल, और डांस की सबसे ऊंची सीढ़ी, जानिए ख़बर -

Sunday, June 17, 2018

अक्षय कुमार की फिल्म गोल्ड’ का नया टीजर रिलीज -

Sunday, June 17, 2018

प्रदूषण रोकने के लिए क्या किया? : दिल्ली हाईकोर्ट -

Sunday, June 17, 2018

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र व मंत्रियों ने किया वाॅक फाॅर योग, जानिए ख़बर -

Saturday, June 16, 2018

केदारनाथ आपदा के पांच वर्ष : सीएम त्रिवेन्द्र का भावपूर्ण स्मरण -

Saturday, June 16, 2018

आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल डीजीपी से मिला -

Saturday, June 16, 2018

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट शिफ्ट को लेकर हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य से मांगा जवाब -

Saturday, June 16, 2018

मूसलाधार बारिश से नदियों ने लिया विकराल रूप, जानिए ख़बर -

Saturday, June 16, 2018

लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी की शूटिंग के दौरान तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती -

Saturday, June 16, 2018

अमेरिकी ड्रोन ने आतंकी फजलुल्लाह को मारा गया जानिए ख़बर -

Saturday, June 16, 2018

वन्यजीवों द्वारा मानव क्षति पर मुआवजे की राशि में हुई बढ़ोतरी जानिए ख़बर -

Friday, June 15, 2018

आप भी IAS और IPS की फ्री कोचिंग का लाभ उठा सकते हैं जानिए ख़बर -

Friday, June 15, 2018

दिव्या सूर्यदेवरा बनीं जनरल मोटर्स की पहली महिला सीएफओ जानिए ख़बर -

Friday, June 15, 2018

उत्तर प्रदेश के सीएम और डेप्युटी सीएम की सीटों पर हुए चुनाव में गिरा वोट प्रतिशत

VOTERS

उत्तर प्रदेश की दो सबसे वीआईपी लोकसभा सीटों पर उपचुनाव की वोटिंग संपन्न हो गई है। फूलपुर और गोरखपुर की सीटों पर इस बार पिछले चुनावों के मुकाबले कम मतदान हुआ है। गोरखपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम) के मुताबिक सीएम योगी आदित्यनाथ के गृहक्षेत्र में 47.45 फीसदी वोटिंग हुई, वहीं फूलपुर में 37.39 फीसदी मतदान हुआ है। राज्य निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक मतदान सुबह सात बजे शुरू होकर शाम पांच बजे तक चला और यह शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ बूथों पर ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के खराब होने की शिकायतें आईं। तत्काल मशीनों को बदल दिया गया। इस बार मतदाताओं में उत्साह की कमी नजर आई, जिसकी वजह से कम लोगों ने मतदान किया। स्वच्छ एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। 2014 में इन दोनों सीटों पर बीजेपी ने बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। यहां तक कि एसपी, बीएसपी और कांग्रेस को मिले सम्मिलित वोट भी बीजेपी के विजयी उम्मीदवार से कम थे। 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान फूलपुर में 50.20 फीसदी मतदान हुआ था, जबकि गोरखपुर में 54.64 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। यानी मतदान में पिछले चुनाव के मुकाबले 12 फीसदी तक की गिरावट दर्ज हुई है। प्रदेश के सीएम और डेप्युटी सीएम की सीटों पर हुए चुनाव में गिरता वोट प्रतिशत आखिर किस पार्टी के पक्ष में वोटर का रुझान दिखा सकता है। क्या एसपी-बीएसपी के एक साथ आने से बीजेपी को मुश्किल होगी, या बीजेपी को सत्ता विरोधी रुझान का सामना करना पड़ सकता है। एक बार इन संभावनाओं पर गौर करते हैं। दोनों ही लोकसभा सीटों पर शहरी इलाकों की कम वोटिंग बीजेपी के लिए चिंता वाली बात हो सकती है। उत्तर प्रदेश की फूलपुर लोकसभा सीट जिसका क्षेत्र इलाहाबाद के प्रमुख शहरी क्षेत्रों से लेकर यमुनापार के ग्रामीण इलाकों तक फैला हुआ है, बीजेपी की इस चिंता की सबसे प्रमुख वजह है। इलाहाबाद उत्तर विधानसभा में सबसे कम 21.65 फीसदी मतदान हुआ है। यह शहर का सबसे प्रबुद्ध इलाका माना जाता है। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी भी इसी क्षेत्र में आती है। इसके अलावा मुरली मनोहर जोशी और प्रमोद तिवारी जैसे बड़े नेता भी इसी विधानसभा के निवासी हैं। कचहरी भी इसी इलाके में है। डेप्युटी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर कम मतदान से बीजेपी के अंदरूनी संगठन में हलचल मची हुई है। जानकारों का मानना है कि शहर के प्रबुद्ध इलाकों के वोटरों के क्षेत्र में मतदान का आंकड़ा गिरने का नुकसान बीजेपी को हो सकता है। जानकारों का मानना है कि अगर इलाहाबाद के शहरी इलाकों में बीजेपी की वोटिंग कम होती है तो इसका सीधा लाभ एसपी को मिलेगा। दूसरी स्थिति यह भी है कि एसपी-बीएसपी के गठबंधन में इस सीट के पटेल, यादव, मुस्लिम और दलित वोटरों का गठजोड़ भी बीजेपी को झटका दे सकता है। वहीं दूसरी ओर पूर्व सांसद अतीक अहमद की निर्दलीय उम्मीदवारी की स्थिति में बीजेपी के स्थानीय नेता इस बात से आशान्वित हैं कि उनकी उम्मीदवारी से एसपी को होने वाला नुकसान बीजेपी के लिए संजीवनी सा हो सकेगा।

Leave A Comment