Breaking News:

रोज योग करने का सीएम त्रिवेंद्र ने दिया सन्देश …… -

Wednesday, June 20, 2018

सफर देवभूमि से योगभूमि तक का ……. -

Wednesday, June 20, 2018

ग्रेटर नोएडा में पतंजलि मेगा फूड पार्क के लिए रास्ता साफ जानिए ख़बर -

Wednesday, June 20, 2018

उत्तराखंड सरकार को हाईकोर्ट से झटका जानिए ख़बर -

Wednesday, June 20, 2018

पिरूल घास से डीजल, तारकोल, तारपीन का तेल तथा बिजली की जा रही पैदा, जानिए ख़बर -

Wednesday, June 20, 2018

कलाकारों से नहीं होने देंगे कोई भेदभाव : चन्द्रवीर गायत्री -

Wednesday, June 20, 2018

21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर रिहर्सल, जानिए ख़बर -

Tuesday, June 19, 2018

जम्मू कश्मीर सरकार गिरी, बीजेपी ने पीडीपी से तोड़ा गठबंधन जानिए ख़बर -

Tuesday, June 19, 2018

नारायणबगड़ में शीघ्र ही खुलेगा डिग्री काॅलेज, जानिए ख़बर -

Tuesday, June 19, 2018

उत्तराखंड को 18 साल बाद बीसीसीआइ से मिली मान्यता जानिए ख़बर -

Tuesday, June 19, 2018

सीएम से पांच देशों की सागर परिक्रमा पूर्ण करने वाली लेफ्टिनेंट कमाण्डर वर्तिका एवम उनकी टीम ने की भेंटवार्ता -

Tuesday, June 19, 2018

देवभूमि से एक और लाल हुआ शहीद, जानिए ख़बर -

Tuesday, June 19, 2018

महिला अधिकारी योग के प्रति की जन जागरुकता -

Tuesday, June 19, 2018

पेट्रोल, डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती की संभावना को अरुण जेटली ने किया खारिज -

Tuesday, June 19, 2018

मुख्यमंत्री ने शहीद जवान विकास गुरूंग को श्रद्धांजलि दी -

Monday, June 18, 2018

सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती -

Monday, June 18, 2018

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र से केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री रामकृपाल यादव ने की शिष्टाचार भेंट -

Monday, June 18, 2018

आयरनमैन बनाम अल्ट्रामैन जानिए ख़बर -

Monday, June 18, 2018

आॅडिशन में प्रतिभागियों ने बिखेरे जलवे, जानिए ख़बर -

Monday, June 18, 2018

मैड संस्था ने चलाया सफाई अभियान, जानिए ख़बर -

Monday, June 18, 2018

एक कंपनी जो प्लास्टिक कचरे को रीसाइकल कर के कमा रही करोड़ों जानिए ख़बर

प्लास्टिक हमारे ईको-सिस्टम के लिए खतरा तो है, साथ ही प्राकृतिक माहौल को भी बिगाड़ता है, जिससे पौधों, जीव-जंतुओं के साथ-साथ मानव समाज को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मणिपुर की राजधानी इंफाल में बाप-बेटे की एक जोड़ी आम लोगों के घरों के प्लास्टिक कचरे को रीसाइकल करने का काम कर रही है। इंफाल के रहने वाले सडोक्पम इतोंबी सिंह और सडोक्पम गुनाकांता एक रीसाइकलिंग प्रोग्राम की अगुवाई करके एक कंपनी चला रहे हैं, जो लोगों के घरों से निकलने वाले प्लास्टिक के कचरे को रीसाइकल करती है। इतोंबी ने साल 2007 में एस. जे. प्लास्टिक इंडस्ट्रीज नाम से एक कंपनी शुरू की जो आसपास के इलाके से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे को रीसाइकल करने का काम करती है। इससे पहले 90 के दशक में यहां 65 वर्षीय गुनकांता भी इस तरह का छोटा सा काम कर रहे थे। वह पहले प्लास्टिक की बोतलें इकट्ठा करते और उन्हें दिल्ली और गुवाहाटी के प्लास्टिक रीसाइकल प्लांट्स में भेजते थे। गुनाकांता कहते हैं, ‘प्लास्टिक को रीसाइकल किया जा सकता है। हमें इस तरह के कचरे को रीसाइकल करने के प्रति सतर्क और जागरूक रहना होगा और हमारे पानी के स्रोतों और अन्य जगहों को प्रदूषित होने से बचाना चाहिए।’ वर्तमान में इनकी कंपनी में 35 रेग्युलर स्टाफ और 6 लोग प्रतिदिन मजदरी करने वाले हैं। 1.5 लाख रुपये की लागत से शुरू हुई इस कंपनी का मौजूदा सालाना टर्नओवर 1.2 करोड़ रुपये है। साल 2010 में नई मशीनें आने के बाद प्लास्टिक कचरे से पाइप, टब और इसी तरह के कई सारे प्लास्टिक आइटम बनाए जाने लगे। मणिपुर में ही 120 प्रकार के प्लास्टिक की पहचान हुई है। इसमें 30 ऐसे हैं, जिन्हें मणिपुर में ही रीसाइकल किया जाता है और बाकी को गुवाहाटी और दिल्ली भेजा जाता है।

Leave A Comment