Breaking News:

भारतीय फुटबॉलर प्रथमेश ने किया रैंप -

Monday, October 14, 2019

कवि सम्मेलन : प्यार से भी हम मर जाते, आपने क्यों हथियार खरीदा… -

Monday, October 14, 2019

तीन निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ दर्ज हुए केस, जानिए खबर -

Monday, October 14, 2019

आम लोगों के लिए लगाया प्याज मेला , जानिए ख़बर -

Monday, October 14, 2019

उत्तराखंड : मंत्रिमण्डल की बैठक होगी पेपरलेस -

Monday, October 14, 2019

जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, जानिए खबर -

Sunday, October 13, 2019

दून में लाइफस्टाइल फैशन वीक हुआ शुरू -

Sunday, October 13, 2019

चमोली में मैक्स गिरी खाई में नौ लोगों की मौत -

Sunday, October 13, 2019

एक वर्ष हो गए अभी भी घोषित नहीं हुए परीक्षा परिणाम , जानिए खबर -

Sunday, October 13, 2019

“भारत भारती” के नाम से राज्य में प्रतिवर्ष हो एक कार्यक्रम -

Sunday, October 13, 2019

जापान में 60 साल का सबसे भीषण तूफान -

Saturday, October 12, 2019

बिग बॉस धारावाहिक के खिलाफ रक्षा दल -

Saturday, October 12, 2019

अज्ञात बीमारी से एक माह में छह लोगों की हो चुकी मौत,जानिए ख़बर -

Saturday, October 12, 2019

विरासत: कत्थक डांसर गरिमा आर्य व शाहिद नियाजी की प्रस्तुति -

Saturday, October 12, 2019

छड़ी यात्रा से उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा : सीएम त्रिवेंद्र -

Saturday, October 12, 2019

समय पर इलाज कराइए, जोड़ों के दर्द को दूर भगाइए -

Friday, October 11, 2019

फैशन वीक कल से , जानिए खबर -

Friday, October 11, 2019

पर्यावरणविद चंडी प्रसाद भट्ट को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय पुरस्कार -

Friday, October 11, 2019

गाजियाबाद से पिथौरागढ़ हवाई सेवा शुरू, जानिए ख़बर -

Friday, October 11, 2019

अस्पताल ईलाज के दौरान मौत पर ईलाज का भुगतान बिल करे माफ : अपने सपने संस्था -

Friday, October 11, 2019

कमजोर तबकों के लोगों की ब्लड बैंक तक पहुंच आसान हो : सीएम त्रिवेंद्र

देहरादून | मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिह रावत ने कहा कि खून के अभाव में किसी की जान नहीं जानी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ब्लड बैंकों तक आर्थिक व सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों की भी पहुंच बने। रक्तदान के साथ ही अंगदान के लिए भी वातावरण बनाए जाने की जरूरत है। अंगदान से अपनी मृत्यु के पश्चात भी दूसरों के जीवन को बचाया जा सकता है, खुशहाल बनाया जा सकता है। इसके लिए पूरे समाज में जागरूकता लानी होगी। सोच ऐसी विकसित करनी होगी ताकि अधिक से अधिक लोग रक्तदान की ही तरह अंगदान के लिए भी प्रेरित हों।  मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर जनता दर्शन हाॅल, सीएम आवास में आयोजित रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया। रक्तदान शिविर का आयोजन स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल व उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा किया गया। 

उत्तराखण्ड, रक्तदान में सरप्लस स्टेट

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में औसतन प्रति वर्ष 80 हजार यूनिट ब्लड की आवश्यकता होती है जबकि यहां 1 लाख यूनिट रक्तदान, हर साल किया जा रहा है। इस तरह हम रक्तदान में सरप्लस स्टेट हैं। दूसरे उन राज्यों में भी मदद कर सकते हैं जहां ब्लड की जरूरत होती है।  
रक्तदान से बढ़ती है रोग प्रतिरोधक क्षमता मुख्यमंत्री ने रक्तदान से जुड़े अपने छात्र जीवन के संस्मरण बताते हुए कहा कि वे अपने साथियों के साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर रक्तदान शिविर का आयोजन करते थे। उस समय लोगों में जागरूकता नहीं थी। और दान किए गए रक्त को अधिक समय तक सुरक्षित रखने की भी व्यवस्था नहीं होती थी। तमाम तरह की दुश्वारियां आती थीं। अब समय बदल गया है। उत्तराखण्ड में हर जिले में ब्लड बैंक हैं। राज्य में 25 सरकारी व 17 गैर सरकारी ब्लड बैंक हैं। लोगों में भी इसके प्रति काफी जागरूकता आई है। परंतु अभी भी बहुत से लोग हैं जो कि रक्तदान को लेकर भ्रमित हैं। उन्हें बताया जाना चाहिए कि रक्तदान से दूसरो के स्वास्थ्य को तो ठीक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, खुद के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। 

रक्तदान है जीवनदान और महादान

मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि रक्तदान जीवनदान है, महादान है। उन्होंने लोगों से रक्तदान के साथ ही अपनी दैनिक जीवनचर्या से प्लास्टिक का दान भी करने का आह्वान किया।

रक्तदान को लेकर भ्रांतियों को दूर करना जरूरी

इस अवसर पर एम्स ऋषिकेश की डाॅ. गीता नेगी ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि रक्तदान के साथ ही सुरक्षित रक्तदान भी जरूरी है। औसतन प्रति हजार जनसंख्या पर 25 रक्तदाताओं की जरूरत होती है। विकसित देशों में यह औसत 50 प्रति हजार है जबकि भारत में प्रति हजार जनसंख्या पर केवल 8 रक्तदाता हैं। देश में आवश्यकता की अपेक्षा रक्त की कमी है। वैसे सामान्य भारतीय रक्तदान को इच्छुक रहता है परंतु कतिपय भ्रांतियों के कारण रक्तदान नहीं करता है। इन भ्रांतियों को दूर करने के लिए आम व्यक्ति को जागरूक बनाना होगा। कार्यक्रम में इंडिया फाउंडेशन के श्री शौर्य डोभाल, राज्य स्तरीय बीस सूत्री कार्यक्रम और क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष नरेश बसंल, सचिव नितेश झा, प्रभारी सचिव डा. पंकज पाण्डे, डीजी हेल्थ डा.अमिता उप्रेति, डा. अर्जुन सिंह सैंगर, अनिल सती आदि उपस्थित थे।

Leave A Comment