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काली कमाई के नोट बैंक में जमा करने पर हो सकती है 7 साल तक की सजा

500

देहरादून। 500 तथा 1000 के नोट चलन में बंद होने से इन्हें बैंक में जमा करना ही एकमात्र विकल्प बचा है। यदि यह नोट भ्रष्टाचार या टैक्स चोरी की काली कमाई के हैं तो ऐसे जमा करने वाले को सात साल तक की सजा भी हो सकती है। भ्रष्टाचार नियंत्रण तथा सरल आयकर कानून सहित 38 पुस्तकों के लेखक तथा कानून के जानकर नदीम उद्दीन एडवोकेट के अनुसार बैंक में नोट जमा करते ही यह धन जमाकर्ता के रिकाॅर्ड में आ जायेगा और आयकर विभाग तथा सतर्कता विभाग, लोक आयुक्त आदि इसकी जानकारी लेकर यह जांच करने में सक्षम हो जायेंगे कि यह धन भ्रष्टाचार या कर चोरी से कमाया तो नहीं है। यदि धन का जमाकर्ता खातेदार हिसाब नहीं दे पाता है और वह लोक सेवक सरकारी कर्मचारी आदि है या उसके परिवार का सदस्य है तो इसे आय के अनुपात से अधिक सम्पत्ति माना जा सकता है। जिसके लिये भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के अन्तर्गत सात वर्ष तक सजा हो सकती है जो एक वर्ष की सजा से कम नहीं होगी। इसके अतिरिक्त इस पर आयकर तथा पैनल्टी का भुगतान भी करना होगा। यदि यह धन अन्य किसी व्यक्ति द्वारा जमा किया जाता है और वह आयकर विभाग के अधिकारियों को इसका हिसाब नहीं दे पाता है तो इस पर टैक्स तथा आयकर अधिनियम की धारा के अन्तर्गत टैक्स की तिगुनी तक पैनल्टी उससे वसूली जा सकती है। ।

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