Breaking News:

श्री विश्वनाथ मां जगदीशिला डोली के आयोजन स्थलों पर पौधारोपण होगा : नैथानी -

Friday, May 29, 2020

हरेला पर 16 जुलाई को वृहद स्तर पर पौधारोपण किया जाएगाः सीएम -

Friday, May 29, 2020

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का निधन -

Friday, May 29, 2020

ज्योतिषी बेजन दारूवाला का निधन -

Friday, May 29, 2020

ब्लैकमेल : न्यूज़ पोर्टल संचालक हुआ गिरफ्तार -

Friday, May 29, 2020

कोरोना का कोहराम : उत्तराखंड में आज कोरोना मरीजो की संख्या हुई 716, आज सबसे अधिक 216 मरीज मिले -

Friday, May 29, 2020

उत्तराखंड : उत्तराखंड में कोरोना मरीजों की संख्या हुई 602 , देहरादून में आज आये 54 नए मामले -

Friday, May 29, 2020

उत्तराखंड : दुकान खुलने का समय प्रातः 7 बजे से सांय 7 बजे तक हुआ -

Thursday, May 28, 2020

कोरोना कहर : उत्तराखंड में कोरोना मरीजों की संख्या पहुँची 500 -

Thursday, May 28, 2020

टीवी अभिनेत्री का सड़क हादसे में हुई मौत -

Thursday, May 28, 2020

बिहार की बेटी ज्योति के मुरीद हुए विदेशी भी, जानिए खबर -

Thursday, May 28, 2020

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’’ का शुभारंभ हुआ -

Thursday, May 28, 2020

उत्तराखंड : कोरोना मरीजो की संख्या हुई 493 -

Thursday, May 28, 2020

उत्तराखंड : मुख्यमंत्री राहत कोष में आज यह दिए दान, जानिए खबर -

Wednesday, May 27, 2020

देहरादून से विशेष ट्रेन द्वारा हज़ारो मजदूर बिहार एंव उत्तर प्रदेश के लिए रवाना, जानिए खबर -

Wednesday, May 27, 2020

उत्तराखंड : कोरोना मरीजो की संख्या हुई 469, आज 69 मरीज मिले कोरोना के -

Wednesday, May 27, 2020

ऋषिकेश-धरासू हाइवे पर 440 मीटर लंबी टनल हुई तैयार, सीएम त्रिवेंद्र ने जताया आभार -

Wednesday, May 27, 2020

कोरोना का कहर : उत्तराखंड में कोरोना मरीज हुए 438 -

Wednesday, May 27, 2020

उत्तराखंड : राज्य में कोरोना मरीजो की संख्या हुई 401 -

Tuesday, May 26, 2020

“आप” पार्टी से जुड़े कई लोग, जानिए खबर -

Tuesday, May 26, 2020

जब रिक्‍शेवाले ने सुसाइड करने से बचाया लड़की को , 8 साल बाद आखिर क्या हुआ, जानिए खबर ..

Rickshaw-puller-girl-viral-storyअच्छे काम करने का फल कही न कही जरूर प्राप्त होता है लेकिन कुछ लोग कहते हैं कि कितने भी अच्‍छे काम करो, लेकिन जिंदगी में जो मिलना होता है वहीं मिलता है, परन्तु रिक्‍शा चलाने वाले इस आदमी की इमोशनल स्‍टोरी सुनकर आप भी कहेंगे कि अच्‍छा काम कभी बेकार नहीं जाता। जिंदगी कब हमें कौन सा खूबसूरत उपहार दे दे, हम नहीं जान सकते। फेसबुक पर वायरल हुई बबलू शेख नाम के इस रिक्‍शाचालक की सच्‍ची कहानी एक यूजर GMB Akash ने शेयर की है। इस रिक्‍शाचालक ने एक जवान लड़की की जान बचा ली, जब वो ट्रेन से कटकर आत्‍महत्‍या करने पहुंची थी। लड़की ने बबलू से कहा मुझसे कभी मत मिलना और बबलू अपने सीने में यह बात दबाए रहा। 8 साल बाद जब बबलू अस्‍पताल के बेड पर पड़ा दर्द से कराह रहा था, उस समय वही लड़की लौटी एक ऐसी कहानी के साथ, जिसने बबलू के सारे जख्‍म एक झटके मे भर दिए। बबलू शेख नाम का यह शख्‍स करीब 30 साल से रिक्‍शा चला रहा है। बबलू बताता है कि वो हमेशा से एक बेटी चाहता था, लेकिन उसके 3 लड़के थे। अपनी पत्‍नी से हमेशा कहता था कि लड़कियां किस्‍मत वालों को ही मिलती हैं, हमारी किस्‍मत में बेटी नहीं है। एक रोज एक आदमी ने अपनी जवान बेटी को कॉलेज छोडने के लिए मुझे हायर किया। उसने कहा कि देखो ध्‍यान से ले जाना। वो अपनी बेटी से बोला कि रिक्‍शा ठीक से पकड़कर बैठना कहीं गिर मत जाना।मैं उसे रिक्शे पर बिठाकर कुछ दूर चला था कि मुझे उसके रोने की आवाज सुनाई दी। मैंने रिक्‍शा रोककर उससे बात करने की सोची कि आखिर वो रो क्‍यों रही है, लेकिन उसने मुझे झिड़कते हुए कहा कि पीछे मुड़कर मत देखो। कुछ देर बात लड़की ने रिक्‍शा रोकने को कहा और वो किसी को फोन लगाकर बात करने लगी। फोन पर बात करते हुए वो लगातार रो रोकर चिल्‍ला रही थी। उसकी बातों से मुझे लगा कि वो शायद किसी लड़के के साथ घर से भागना चाहती है। यह सोचते ही मुझे गुस्‍सा आने लगा। मुझे लगा कि अच्‍छा है कि मेरी बेटी नहीं है। मैं यह बात सोच ही रहा था तभी….अचानक वो रिक्‍शे से कूदी और पास से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक की ओर भागने लगी। वो शायद आत्‍महत्‍या करने जा रही है। पहले मुझे लगा कि जाने दो वो जहां जा रही है, लेकिन मेरे दिल ने मुझे आगे बढ़ने ही नहीं दिया। मैनें रिक्‍शा किनारे लगाया और उसके पीछे भागते हुए रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया। मैने उसे समझाते हुए वहां से चलने का कहा, लेकिन उसने मुझे गंवार और बेवकूफ आदमी कहते हुए झिड़क दिया। वो बहुत बहुत जोर जोर से रो रही थी। मैनें उसे रोने दिया ताकि उसका दिल हल्‍का हो जाए। मैं उसे इस सुनसान इलाके में अकेला छोड़ने में डर रहा था। उस बेचारी लडकी की खातिर मैं वहां घंटों तक रुका रहा। तभी बारिश होने लगी। इसके कुछ देर आखिरकार उसने मुझसे कहा कि रिक्‍शा लाइए। मैं रिक्‍शा लाया और फिर पूरी स्‍पीड में उसे उसके घर की ओर लेकर चला। हमने आपस में कोई बात नहीं की। जब मैंने लड़की को उसके घर छोड़ा तो उसने मुझसे कहा कि आप प्‍लीज यहां दोबारा कभी मत आइएगा। मैं सिर झुकाकर चुपचाप वहां से चला गया।इस घटना को 8 साल से ज्यादा समय बीत चुका था। एक बार रोड पर रिक्‍शा चलाते समय मेरा एक्‍सीडेंट हो गया। मैं पूरी तरह बेहोश था। कुछ लोग मुझे उठाकर अस्‍पताल ले गए। कुछ देर बाद जब मुझे होश आया तो एक लड़की मेरे पास खड़ी थी। उसने मेरा हाथ पकड़कर कहा कि अब कैसे हैं। मुझसे मिलने दोबारा कभी घर क्‍यों नहीं आए। उसके ऐसा कहने के बाद मैं सोचता रहा कि डॉक्‍टर की ड्रेस में वो लड़की कौन है। मेरा इलाज अच्‍छा चल रहा था। मुझे बड़े डॉक्‍टर के पास ले जाया गया। उस लड़की ने बड़े डॉक्‍टर से कहा कि ये मेरे पापा हैं। इस पर बड़े डॉक्‍टर ने लडकी से अंग्रेजी में कुछ बात की। लड़की ने मेरा हाथ पकड़कर कहा कि अगर मेरे ये पिता उस समय मेरा सपोर्ट नहीं करते तो आज मैं डॉक्‍टर नहीं बन पाती। उस लड़की के ऐसा कहते ही मैनें आंखें मूंद लीं। उस समय मुझे कितनी खुशी महसूस हो रही थी मैं किसी से बता नहीं सकता था। सालों पहले मिली वो लड़की आज डॉक्‍टर बेटी बनकर मुझे मिल गई थी।

Leave A Comment