Breaking News:

मिस उत्तराखंड प्रतियोगिता “फस्ट लुक” आयोजित -

Saturday, September 22, 2018

सीएम ने किया ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत श्रमदान -

Saturday, September 22, 2018

जल्द नजर आएंगे विराट कोहली बड़े पर्दे,जानिए खबर -

Saturday, September 22, 2018

30 साल से बिना वेतन के संभालते हैं गंगाराम जी ट्रैफिक, जानिए खबर -

Saturday, September 22, 2018

रमेश सिप्पी को भा गई दून की वादियां, उत्तराखंड फिल्म इंडस्ट्री का भविष्य -

Saturday, September 22, 2018

रोटी डे क्लब 23 सितंबर को मनाएगा रोटी दिवस महोत्सव -

Friday, September 21, 2018

शौचालयों के संबंध में कैग की रिपोर्ट पर निदेशक की स्पष्टीकरण , जानिए खबर -

Friday, September 21, 2018

उत्तराखंड : सदन में पटल पर रखी गई कैग की रिपोर्ट -

Friday, September 21, 2018

पर्यटन स्थलों को स्वच्छ रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारीः राज्यपाल -

Friday, September 21, 2018

डीएम मंगेश घिल्डियाल राइंका खेड़ाखाल में जाकर बच्चों को पढ़ाया -

Friday, September 21, 2018

Asia Cup 2018: भारत-पाकिस्तान के बीच फिर होगा मुकाबला, जानिए खबर -

Friday, September 21, 2018

इस साल दो पीढ़ियों ने एक साथ बनाया गणेशोत्सव और मुहर्रम -

Friday, September 21, 2018

निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है उत्तराखण्ड -

Thursday, September 20, 2018

गोविंदा इस ऐक्टर को मानते है सबसे मेहनती, जानिए खबर -

Thursday, September 20, 2018

हार्दिक पंड्या चोटिल, स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाए गए -

Thursday, September 20, 2018

उत्तराखंड : 22 सितम्बर को ‘रेलवे स्वच्छता दिवस’ -

Thursday, September 20, 2018

बाजार में नकली हेलमेटों की बाढ़ -

Thursday, September 20, 2018

दून में आयोजित करेंगी जुड़वा पर्वतारोही बहनें नुंग्शी व ताशी बेस कैंप फेस्टिवल आॅफ इंडिया -

Thursday, September 20, 2018

विधानसभा में गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने के अनुरोध का संकल्प पारित -

Wednesday, September 19, 2018

पाकिस्तान से क्रिकेट पर शर्तों के साथ प्रतिबंध नहीं होना चहिए -

Wednesday, September 19, 2018

जल संचय के प्रति जन जागरूकता जरूरी : सीएम

देहरादून | मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में जल संचय के प्रति सत्त जन जागरूकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में पानी की कमी को दूर करने के लिये वाॅटर हार्वेस्टिंग के साथ ही वाॅटर कारपस की दिशा में भी हमें सोचना होगा।   सचिवालय में राज्य योजना आयोग द्वारा उत्तराखण्ड में वर्षा जल संचयन ओर भूजल पुनर्भरण हेतु दिशा निर्देश पुस्तिका का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र ने कहा कि जल बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन है। जिसका प्रबंधन तथा उपयोग बेहतर तरीके से किया जना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमारे प्राकृतिक जल श्रोत्रों का प्रवाह बना रहे, इस दिशा में भी हमें सोचना होगा। इसके लिये वर्षा जल संग्रहण पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के प्रति उनका चिन्तन रहा है। इस दिशा में वे वर्ष 2022 में जल चेतना यात्रा का भी संचालन कर चुके है। उन्होंने कहा कि पानी की कमी को दूर करने के लिये राज्य सरकार द्वारा भी प्रयास किये जा रहे है। सूर्यधार झील, सौंग व जमरानी जैसे बांधों पर ध्यान दिया जा रहा है। इससे देहरादून, हल्द्वानी को ग्रेविटी का पानी उपलब्ध होगा तथा भूजल का स्तर भी बना रहेगा।   मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र ने कहा कि हमें अपनी सोच में परिवर्तन कर अपनी दैनिक जल की आवश्यकताओं की आंशिक पूर्ति के लिये वर्षा जल संचयन एवं उपयोग की तकनीक अपनाने पर ध्यान देना होगा तथा अपने प्राकृतिक जल संसाधनों का भी पुनर्भरण की दिशा में सोचना होगा। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि सभी शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में इस पुस्तिका का व्यापक प्रसार होगा जिससे लोग अपने घर के आंगन, मकान की छतों में वर्षा जल संचयन, भण्डारण एवं उपयोग की रीति के क्रियान्वयन को अपना सकें। इस अवसर पर सलाहकार राज्य योजना आयोग  एच.पी.उनियाल ने उत्तराखण्ड में जल संचय से संबंधित प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव  मनीषा पंवार, सचिव डाॅ.भूपेन्द्र कौर औलख,  अमित नेगी, आर.मीनाक्षी सुन्दरम,  राधिका झा,  अरविन्द सिंह ह्यांकी, डाॅ.पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Leave A Comment