Breaking News:

उत्तराखंड : महसूस हुए भूकंप के झटके -

Tuesday, November 19, 2019

उत्तराखण्ड : समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल निलंबित -

Tuesday, November 19, 2019

मैट्रो से नही दून-ऋषिकेश व हरिद्वार को मिनी मैट्रो से जोड़ा जायेगा -

Tuesday, November 19, 2019

भोजपुरी फिल्म प्रोड्यूसर एवं फिल्म निर्देशक सीएम से की भेंट -

Tuesday, November 19, 2019

केदारनाथ परिसर में बनेगा भगवान शिव की पुरातात्विक महत्व की प्रतिमाओं का नया संग्रहालय, जानिए खबर -

Tuesday, November 19, 2019

कांग्रेस बागी विधायकों के लिए फिर दरवाजे खोलने को तैयार ! -

Monday, November 18, 2019

सीएम ने स्वच्छ कॉलोनी के पुरस्कार से किया सम्मानित, जानिए खबर -

Monday, November 18, 2019

पर्वतीय क्षेत्रों में 500 उपभोक्ता पर एक मीटर रीडर हो ,जानिए खबर -

Monday, November 18, 2019

ईरान एवं भारत में है गहरा सांस्कृतिक सम्बन्धः डॉ पण्ड्या -

Monday, November 18, 2019

गांधी पार्क में ओपन जिम का सीएम त्रिवेंद्र ने किया लोकार्पण -

Monday, November 18, 2019

स्मार्ट सिटी हेतु 575 करोड़ रूपए के कामों का हुआ शिलान्यास, जानिए खबर -

Sunday, November 17, 2019

मिसेज दून दिवा सेशन-2 के फिनाले में पहुंचे राहुल रॉय , जानिए खबर -

Sunday, November 17, 2019

शीघ्र ही नई शिक्षा नीति : निशंक -

Sunday, November 17, 2019

उत्तराखंड : युवा इनोवेटर्स ने विकसित किए ऊर्जा दक्ष वाहन -

Sunday, November 17, 2019

यमकेश्वर : कार्यरत स्टार्ट अप को मुख्यमंत्री ने दिए 10 लाख रूपए -

Sunday, November 17, 2019

भगवा रक्षा दल : पंकज कपूर बने प्रदेश मीडिया प्रभारी -

Saturday, November 16, 2019

उत्तराखण्ड स्कूलों में वर्चुअल क्लास शुरू करने वाला बना पहला राज्य -

Saturday, November 16, 2019

सूचना कर्मचारी संघ चुनाव : भुवन जोशी अध्यक्ष , सुषमा उपाध्यक्ष एवं सुरेश चन्द्र भट्ट चुने गए महामंत्री -

Saturday, November 16, 2019

रेस लगाना पड़ा महंगा, हादसे में तीन की मौत -

Saturday, November 16, 2019

पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी आफ इंडिया : 41वीं नेशनल कान्फ्रेंश के ब्रोशर का हुआ विमोचन -

Saturday, November 16, 2019

टिहरी झील बनी आसपास के गांवों के लिए आफत

tihari

देहरादून। जिस एतिहासिक पुरानी टिहरी को टिहरी डैम की झील में डूबोकर टिहरी डैम का निर्माण कर इसे देश के लिए लिए वरदान कहा जाता है | वही टिहरी झील आज झील से सटे आसपास के गांवों के लिए अभिशाप बन गई है। टिहरी झील के पानी के कारण आसपास के गांवो में हो रहे भूस्खलन से मकानों में दरारें आ गई है। खेती योग्य भूमि धस चुकी है दर्जनों मकान पूरी तरह से जंमीदोज हो चुके हैं और लोग विस्थापन की मांग कर रहे हैं। लेकिन वर्षों से उन्हें विस्थापन के नाम पर मिलता रहा है तो सिर्फ आश्वासन। टिहरी डैम की झील के पर आज भले ही 8 राज्यों को रोशन करने का जिम्मा और यूपी और दिल्ली में सिंचाई का जिम्मा हो और इसे एक ऐसे वरदान के रूप में देखा जा रहा है जो कि देश के लिए विकास का प्रतीक हो.लेकिन वही वरदान आज टिहरी झील से सटे 17 गांवों के 415 परिवारों के लिए एक एसा अभिशाप हो साबित हो रहा हैं। जिससे मुक्ति पाने के लिए ग्रामीण वर्षों से विस्थापन की मांग कर रहे हैं। झील से सटे मदननेगी,नदंगांव,रोलाकोट,भटकंडा,पिपोला,गोजियाणा,तुणेठा सहित 17 गांव ऐसे हैं जहां झील के पानी के उतार चढ़ाव से सबसे अधिक भूस्खलन हो रहा है। नंदगांव निवासी आशा देवी का कहना है कि मकानों में दरारें आ गई है,कई मकान पूरी तरह से जमीदोज हो चुके हैं और कई मकान तो बल्लियों के सहारे अटके हए हैं.खेती योग्य भूमि में भी दरारें आ गई है और भूमि धसने लगी है जिससे वहां खेती कर पाना जान का जोखिम बन गया है.वर्षों से टिहरी झील का दंश झेल रहे ग्रामीण विस्थापन की मांग कर रहे हैं। वर्ष 2010 में राज्य सरकार द्वारा एक्सपर्ट कमेटी वैज्ञानिकों द्वारा झील प्रभावित गांवों का सर्वे कराया गया जिसने गांवों में जाकर झील के कारण हो रहे भूस्खलन का जायजा लिया। वर्ष 2012 में झील से प्रभावित 415 परिवारों को विस्थापन की श्रेणी में भी रखा गया लेकिन उनका विस्थापन आज तक नहीं हो पाया है। झील से सटे रोलाकोट और नंदगांव तो एसे गांव हैं जहां अब मकानों में आई दरारें काफी बढ़ गई है। लोगों के मकान टूट चुके हैं और खेत धीरे धीरे धसते जा रहे हैं। झील प्रभावित नंदगांव संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह राणा का कहना है कि वर्ष 2010 से ही नंदगांव के ग्रामीण विस्थापन की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और अभी भी उनका आंदोलन पुर्नवास कार्यालय के बाहर चल रहा है। नंदगांव के करीब 47 परिवारों को विस्थापन के नाम पर कभी 15 दिन तो कभी एक माह का आश्वासन मिला लेकिन विस्थापन आज तक नहीं हुआ.पुर्नवास विभाग और टीएचडीसी की आपसी खींचतान में ग्रामीण पिसने को मजबूर हैं।

Leave A Comment