Breaking News:

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में आज कोरोना मरीजो की संख्या 1085 हुई , 42 नए मरीज मिले -

Wednesday, June 3, 2020

अभिनेत्री ने जहर खाकर की खुदकुशी, जानिए खबर -

Wednesday, June 3, 2020

मुझे बदनाम करने की साजिश : फुटबॉल कोच विरेन्द्र सिंह रावत -

Wednesday, June 3, 2020

मोदी 2.0 : पहले साल लिए गए कई ऐतिहासिक निर्णय -

Wednesday, June 3, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में कोरोना मरीजो की संख्या 1066 हुई -

Wednesday, June 3, 2020

सराहनीय पहल : एक ट्वीट से अपनों के बीच घर पहुंचा मानसिक दिव्यांग मनोज -

Tuesday, June 2, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में कोरोना मरीजो की संख्या हुई 1043 -

Tuesday, June 2, 2020

उत्तराखंड : मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में करें अब आनलाईन आवेदन -

Tuesday, June 2, 2020

10 वर्षीय आन्या ने अपने गुल्लक के पैसे देकर मजदूर का किया मदद -

Tuesday, June 2, 2020

उत्तराखंड में कोरोना मरीजो की संख्या 999 हुई, 243 मरीज हुए ठीक -

Tuesday, June 2, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में आज कोरोना मरीजो की संख्या हुई 958 -

Monday, June 1, 2020

उत्तराखंड : कोरोना मरीजो की संख्या 929 हुई, चम्पावत में 15 नए मामले मिले -

Monday, June 1, 2020

जागरूकता: तंबाकू छोड़ने की जागरूकता के लिए स्वयं तत्पर होना जरूरी -

Monday, June 1, 2020

मदद : गांव के छोटे बच्चों को पढ़ा रही भावना -

Monday, June 1, 2020

नही रहे मशहूर संगीतकार वाजिद खान -

Monday, June 1, 2020

नेक कार्य : जरूरतमन्दों के लिए हज़ारो मास्क बना चुकी है प्रवीण शर्मा -

Sunday, May 31, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में कोरोना मरीजो की संख्या पहुँची 907, आज 158 कोरोना मरीज मिले -

Sunday, May 31, 2020

सोशल डिस्टन्सिंग के पालन से कोरोना जैसी बीमारी से बच सकते है : डाॅ अनिल चन्दोला -

Sunday, May 31, 2020

कोरोंना से बचे : उत्तराखंड में मरीजो की संख्या 802 हुई -

Sunday, May 31, 2020

उत्तराखंड : 1152 लोगों को दून से विशेष ट्रेन से बेतिया बिहार भेजा गया -

Sunday, May 31, 2020

तय की जाएगी लापरवाही पर अधिकारियों की जवाबदेही: मुख्यमंत्री

देहरादून | कतिपय विभागों द्वारा सीएम घोषणाओं के अनुपालन में देरी किए जाने पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि लापरवाही किए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन के वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में सीएम घोषणाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं समयबद्धता के साथ शत प्रतिशत पूरी होनी चाहिए। यह बताए जाने पर कि 1641 में से 910 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं जबकि बाकी गतिमान हैं, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कार्यवाही गतिमान वाली घोषणाओं को पूर्ण किए जाने की अवधि स्पष्ट रूप से बताई जाए। घोषणाओं को पूरा करने के लिए विभागीय बजट का सदुपयोग किया जाए। अतिरिक्त फंड की आवश्यकता होने पर वित्त विभाग को अवगत कराया जाए। सभी सचिव अपने-अपने विभागों से संबंधित घोषणाओं के क्रियान्वयन की लगातार माॅनिटरिंग करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी भवनों में रूफ टाॅप रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य तौर पर किया जाना है। सभी विभाग एक माह में जलसंस्थान को अवगत कराना सुनिश्चित करें। हरेला पर्व पर प्रदेश में व्यापक वृक्षारोपण किया जाना है। सभी सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को भी इसमें शामिल होना है। कोशिश की जाए कि हर जिले में बनाए जाने वाले पार्कों को कलर कल्चर दिया जाए। साहसिक गतिविधियों के निदेशालय का ढांचा तैयार किया जाए।

गौरीकुंड जलाशय व सुरकंडा देवी रोपवे का काम इसी वर्ष पूरा हो जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में जनसहभागिता से एक-एक नदी/जलस्त्रोत का संरक्षण, संवर्धन व पुनर्जीविकरण किया जाना है। इस योजना में निर्माण की बजाय वाटर रिचार्ज पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। चारधाम परियोजना की तर्ज पर लोक निर्माण विभाग की सडकों पर भी स्थान-स्थान पर सुविधा केंद्र विकसित किए जाएं। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर उच्च स्तरीय शौचालय सुविधाएं विकसित करते हुए इनके रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। होम स्टे योजना की नियमों व प्रक्रियाओं को सरल किया जाए। होम स्टे संचालकों की शंकाओं को दूर करते हुए इन्हें पंजीकृत किया जाए। धनोल्टी इको पार्क की तरह ही प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी इको पार्क विकसित किए जाएं। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष के अंत तक गौरीकुंड जलाशय को पहले जैसी स्थिति में लाया जाएगा। सुरकंडा रोपवे पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। जल्द ही इसे पर्यटकों व श्रद्धालुओं के लिए प्रारम्भ कर दिया जाएगा। प्रदेश में पिरूल कलेक्शन होने लगा है। इसके लिए परियोजनाओं के आवंटन पत्र दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ों में सिंचाई की लिफ्ट योजनाओं का उपयोग पेयजल में भी करने की सम्भावनाओं पर विचार किया जाए। जिन योजनाओं को नाबार्ड में लिया जा सकता है, उनके प्रस्ताव बना लिए जाएं। मुख्य शहरों में जलभराव की समस्या के निदान के लिए पुख्ता व्यवस्था की जाए। गंगोत्री में उच्च गुणवत्ता के घाट निर्माण का कार्य जल्द किया जाए। ल्वाली में झील का निर्माण एक वर्ष में सुनिश्चित किया जाए। छोटे कस्बों में कूड़ा निस्तारण के लिए डीआरडीओ द्वारा विकसित किल वेस्ट मशीन के प्रयोग की सम्भावना देख ली जाए। अनेक नगर निकायों द्वारा प्लास्टिक से आय सृजित की जा रही है। प्लास्टिक के रिसाईकिल कर उपयोग के लिए शहरी विकास विभाग व लोक निर्माण विभाग आपस में समन्वय करें। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, एल.फैनई, राधिका झा, दिलीप जावलकर, शैलेश बगोली, सौजन्या, हरबंस सिंह चुघ, सुशील कुमार, पीसीसीएफ जयराज सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Leave A Comment