Breaking News:

चन्द्रकुंवर की जन्म शताब्दी समारोह मनाया गया धूमधाम से , जानिए खबर -

Monday, August 19, 2019

मां गंगा है मोक्षदायिनी : स्वामी कैलाशानंद -

Monday, August 19, 2019

उत्तराखंड : आपदाग्रस्त क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी -

Monday, August 19, 2019

एनसीएपी में के जरिये से दून को वायु प्रदुषण कम करने की दिशा में मिलेगा लाभ -

Monday, August 19, 2019

सीएम त्रिवेंद्र उत्तराखण्ड में अतिवृष्टि को लेकर अमित शाह से की भेंट -

Monday, August 19, 2019

दो दिवसीय फोटोग्राफी प्रदर्शनी का शुभारंभ, जानिए खबर -

Sunday, August 18, 2019

मैड संग दो हज़ार बच्चों ने किया ईको फ्रेंडली -

Sunday, August 18, 2019

अप्रत्याशित फीस बढ़ाने पर भड़के संयुक्त अभिवावक संघ , जानिए खबर -

Sunday, August 18, 2019

जम्मू-कश्मीर में शहीद संदीप थापा को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने दी श्रद्धांजलि -

Sunday, August 18, 2019

उत्तरकाशी में हुई भारी बारिश, जानिए खबर -

Sunday, August 18, 2019

शहीद संदीप थापा का पार्थिव शरीर पहुँचा दून , नम आखों हुई अंतिम विदाई -

Sunday, August 18, 2019

आलिया भट्ट ने ‘सड़क 2’ के बारे में बतायी खास बात , जानिए ख़बर -

Sunday, August 18, 2019

युवा किसानों को रोजगारपरक प्रशिक्षण जल्द : डीएम मंगेश -

Saturday, August 17, 2019

देहरादून में गति फाउंडेशन ने किया ई-वेस्ट मैनेजमेंट पर सर्वे, जानिए खबर -

Saturday, August 17, 2019

शहीद हुए लांसनायक संदीप थापा की शहादत पर सीएम त्रिवेंद्र ने शोक व्यक्त किया -

Saturday, August 17, 2019

देहरादून का लाल संदीप थापा हुए शहीद -

Saturday, August 17, 2019

उत्तराखण्ड व उत्तर प्रदेश के मध्य लम्बित मामलों का जल्द से जल्द हो निस्तारण : सीएम त्रिवेंद्र -

Saturday, August 17, 2019

“टिकटॉक” के साथ उत्तरखंड पुलिस ने मिलाया हाथ , जानिए खबर -

Friday, August 16, 2019

सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक : गति फाउंडेशन -

Friday, August 16, 2019

पारम्परिक वेशभूषा में उत्तराखण्ड प्रवासियों के दल ने दी प्रस्तुति , जानिए खबर -

Friday, August 16, 2019

दस किमी की परिधि में मिलेें स्वास्थ्य सुविधाएं : सीएम त्रिवेंद्र

जीवनरक्षक दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित हो

देहरादून | मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने निर्देश दिए हैं कि उत्तराखण्ड में दस किमी की परिधि में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी है। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर समयबद्धता से काम किया जाए। संस्थागत प्रसव के प्रतिशत को बढ़ाया जाए। प्रसव के तुरंत बाद नवजात को मां का दूध पिलाए जाने के महत्व को प्रचारित किए जाने की आवश्यकता है। सरकारी अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाईयो की उपलब्धता को सुनिश्चित कर लिया जाए। जिन जिलों मे बालिका लिंगानुपात अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री, सचिवालय में चिकित्सा, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा कर रहे थे। यह समीक्षा सीएम डैश बोर्ड में निर्धारित के.पी.आई. के आधार पर की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य में स्वास्थ्य सूचकों में काफी सुधार हुआ है। स्वास्थ्य के विभिन्न क्षेत्रों में तय किए गए टार्गेट को पूरा करने के लिए इसी प्रतिबद्धता से आगे भी काम करना होगा। अस्पतालों में प्रसव सुविधाओं में और सुधार किया जाए। न्यूट्रिशनल रिहेबिलिटेशन सेंटरों (एनआरसी) से वापिस घर जाने वाले कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों की ट्रेकिंग की जाए। वर्ष 2022 तक सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वैलनैस सेंटर में अपग्रेड किया जाना है। आवश्यकता समझे जाने पर स्पेशलिस्ट व सुपर स्पेशलिस्ट डाक्टरों की सेवानिवृत्ति की आयु को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाए। जीवनरक्षक दवाईयों की कमी न रहे। बैठक में बताया गया कि उत्तराखण्ड में पिछले वर्षों में अनेक स्वास्थ्य सूचकों में सुधार हुआ है। संस्थागत प्रसव 50 प्रतिशत से बढ़कर 71 प्रतिशत हो गया है। एसआरएस सर्वे के अनुसार मातृत्व मृत्यु दर में 84 अंकों की गिरावट आई है। शिुश मृत्यु दर 38 प्रति हजार से घटकर 32 प्रति हजार जीवित जन्म हो गयी है। प्रदेश में टीकाकरण का प्रतिशत 2 वर्षों में 87 प्रतिशत से बढ़कर 99 प्रतिशत हो गया है। राज्य का बालिका लिंगानुपात तीन वर्षों में 906 से बढ़कर 938 हो गया है। सभी ब्लड बैंकों को ई-रक्तकोष से जोड़ दिया गया है। डाक्टरों की संख्या वर्तमान में 2152 है। जल्द ही 314 और डाक्टरों की भर्ती कर ली जाएगी। आई.सी.यू 8 जिलों में संचालित हैं। अगले वर्ष तक सभी 13 जिलों में शुरू कर दिए जाएंगे। अटल आयुष्मान योजना में 60 प्रतिशत परिवारों द्वारा कार्ड बनवा लिए गए हैं और अभी तक लगभग 64 हजार लोग इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय मेडिकल काॅलेजों में लगभग 90 असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियमित नियुक्ति दी गई है। भारत सरकार द्वारा राज्य के तीनों राजकीय मेडिकल काॅलेजों (हल्द्वानी, श्रीनगर व देहरादून) को ईडब्ल्यूएस के तहत एमबीबीएस के लिए कुल 75 सीटों की अतिरिक्त स्वीकृति प्रदान की गई है। राजकीय मेडिकल काॅलेज हल्द्वानी में स्थित स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट को उच्चीकृत कर स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट बनाया जा रहा है। बैठक में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्या, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव नीतेश झा, सौजन्या सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Leave A Comment