Breaking News:

फिल्म संजू का नए पोस्टर रिलीज, फिल्म 29 जून को होगी रिलीज़ -

Sunday, May 27, 2018

मुख्यमंत्री मोबाइल एप पर शिकायत, और मिली जी.पी.एफ. की धनराशि -

Saturday, May 26, 2018

देहरादून के अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का संचालन एवं देख-रेख का कार्य आईएफएलएस को, जानिए ख़बर -

Saturday, May 26, 2018

उत्तराखण्ड बोर्ड रिजल्ट : 10वीं में काजल व 12वीं में दिव्यांशी रही टॉपर -

Saturday, May 26, 2018

परीक्षा परिणाम में असफल विद्यार्थी न हो निराश, सफल विद्यार्थियों को बधाई : त्रिवेंद्र सिंह रावत -

Saturday, May 26, 2018

एक कंपनी जो प्लास्टिक कचरे को रीसाइकल कर के कमा रही करोड़ों जानिए ख़बर -

Saturday, May 26, 2018

कोलकाता को 14 रनों से हरा कर हैदराबाद फाइनल में, कल होगा महा मुकाबला -

Saturday, May 26, 2018

उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं और 12वीं के नतीजे आज आएंगे जानिए ख़बर -

Saturday, May 26, 2018

चार वर्षों में देश आर्थिक, सामाजिक समृद्धि एवं विकास की नई ऊँचाइयों को छुआ : सीएम -

Friday, May 25, 2018

हेमकुंड साहिब के कपाट खुले, यात्रा शुरू -

Friday, May 25, 2018

टिहरी महोत्सव का शुभारंभ, सीएम ने किया योजनाओं का शिलान्यास -

Friday, May 25, 2018

राम रहीम का केस लड़ेंगे तलवार दंपति को बरी कराने वाले वकील जानिए ख़बर -

Friday, May 25, 2018

मेजर गोगोई मामले में आर्मी चीफ ने दिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश -

Friday, May 25, 2018

शक्ति पम्पस का इस वर्ष वित्तीय लाभ में हुआ बढ़ोत्तरी -

Friday, May 25, 2018

उत्तराखण्ड : सीएम ने प्रयोगशाला काॅम्पलेक्स का किया उद्घाटन -

Thursday, May 24, 2018

विराट कोहली ने मोदी को दिया फिटनेस चैलेंज, पीएम ने किया स्वीकार -

Thursday, May 24, 2018

फिल्म एप्रिसिएशन कोर्स हेतु आवेदन की तिथि हुई 30 मई, जानिए ख़बर -

Thursday, May 24, 2018

डोनाल्ड ट्रंप ने किम से होने वाली मुलाकात रद्द की जानिए ख़बर -

Thursday, May 24, 2018

सीएम त्रिवेंद्र ने उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए, जानिए खबर -

Thursday, May 24, 2018

फिल्म ‘स्टूडेंटऑफ द इयर 2’ का पहला पोस्टर रिलीज़ -

Thursday, May 24, 2018

धरती का सीना छलनी करके आखिर क्या मिला

आज 45वां पृथ्वी दिवस यानि 22 अप्रैल का दिन है, विश्व के 192 देश पृथ्वी के प्रति आज अपना चिंतन ब्यक्त करेंगे… जीवन दायनी पृथ्वी पर हो रहे उथल पुथल के लिए हमें तय करना होगा हम जिस प्रकार का जीवनयापन कर रहे हैं, क्या उससे आने वाली पीढियां हमें माफ़ कर पायेंगी? विश्व की जनसँख्या आज 7 अरब के पार पहुँच चुकी है, अकेले भारत पर गौर करें तो 68 वर्ष पूर्व जब भारत आजाद हुवा था तब भारत की जनसँख्या मात्र 30 करोड़ थी जो आज बढ़ कर 130 करोड़ हो चुकी है और ये सरकारी आंकड़ा है जिस पर हमेशा प्रश्नचिन्ह रहता है, बांग्लादेश, पाकिस्तान, नेपाल आदि देशों के भी करोड़ों लोग अवैध रूप से भारत में रहते हैं| संसाधनों की बात करें तो भारत में आज़ादी के समय से ही भुखमरी चल रही थी जबकि तब जनसँख्या मात्र 30 करोड़ थी, ऐसे में आज ये और भी सोचनीय विषय हो जाता है कि आज भारत की 130 करोड़ की जनसँख्या के लिए खाद्यान कहाँ पैदा होता होगा? कहाँ इतनी जनसँख्या रहती होगी ? क्या खाती होगी ? कहाँ चलती होगी ? और कैसे चलती होगी ? क्या हमने कभी इस ओर गौर किया ?

आज विश्व भर में 7 अरब से उपर की जनसँख्या हो चुकी है, ऐसे में गौर करने वाली बात ये है कि केवल जनसँख्या ही नहीं बढ़ी बल्कि मनुष्य की भौतिक आवश्यकताएं भी साथ-साथ बढीं हैं ? भवन, गाड़िया, सड़क, कारखाने, होटल, मॉल, दुकान, रेल, जहाज, मोबाइल, टीवी, फ्रिज, एसी, कूलर, पंखे, बल्ब, प्लास्टिक, लोहा, कांच, कोयला, तेल, गैस, चूल्हा, चिमनी, कम्प्यूटर, फैक्स, फोटो स्टेट मशीन, बिजली परियोजनायें, मोटर, बैट्री, टाइल, ईंट, सीमेंट, पेंट, मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, चर्च, आश्रम खिलोने आदि ? ये सब बढ़ा है और बेतहाशा बढ़ा है और ये सब हमें किसने दिया ? हम इंसानों ने अपनी भौतिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जिस भी वस्तु की आवश्यकता हुई वो हमने पृथ्वी से हासिल की इतना ही नहीं हमें जो आवश्यक नहीं भी था वो हमने धरती का सीना छलनी करके हासिल की ? हम हिन्दू,मुसलमान,सिख,इसाई,बौध,पारसी,यहूदी चाहे किसी भी समुदाय से हों, चाहे कितने ही पूंजीपति या गरीब हों हम सबका अस्तित्व तभी तक है जब तक ये धरती और इसका पर्यावरण सुरक्षित है, यहाँ शुद्ध पीने का पानी, खाने के लिए पोष्टिक खाद्यान और साँस लेने के लिए शुद्ध हवा है | धरती को सुरक्षित रखने की नैतिक जिम्मेदारी हम मानवों पर है और हम मानव ही इसको नष्ट करने पर तुले हैं| हमें धरती के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा | हमें धरती पर कम से कम कंक्रीट, जीव-जंतुओं,पशु-पक्षियों की सुरक्षा, शुद्ध पानी के लिए वृक्षारोपण, कूड़े का जैविक निस्तारण, जैविक खेती, सौर एवं पवन उर्जा का स्त्माल, ग्रीन-हाउस गैसों में कमी लाने के लिए ठोस और कारगर कदम उठाने होंगे, तभी जाकर हम धरती को सुरक्षित रख पायेंगे |

भार्गव चन्दोला (सामाजिक कार्यकर्ता, हिमालय बचाओ आन्दोलनकारी)

Leave A Comment