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निजी स्कूलों पर हिंसा के द्वारा मनमानी रोकना उचित नहीं

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निजी स्कूलों की मनमानी पर आंदोलन और धरना सरकार के दबाव के लिए एक रास्ता दिखता है पर जिस तरह से निजी स्कूलों पर छात्र संगठन अपनी मनमानी कर रहे है वह कितना उचित है | निजी स्कूलों द्वारा फ़ीस कम करने के लिए स्कूलों पर हिंसक व्यवहार करना क्या उचित है, जिस तरह से स्कूल कालेज मनमानी फ़ीस उसूल रहे है उसको सही ठहराया नहीं जा सकता है परन्तु जब कोई संगठन हिंसक आचरण करता है तो उसको भी सही नहीं ठहराया जा सकता है |स्कूलों की फ़ीस रूपी मनमानी को रोकना अति आवश्यक है पर स्कूलों में तोड़ फोड़ कर के हम बच्चो को क्या संदेश दे रहे है |ऐसा करना बच्चो के मन में हिंसक प्रवित्य लाना है न की दवाव का रास्ता |सरकार ऐसे संगठनो पर कड़ी निगरानी कर उचित कारवाई करे परन्तु सरकार भी जनता का पर हो रहा शोषण का भी ध्यान रखे जिससे निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगया जा सके |

अरुण कुमार यादव (संपादक )

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