Breaking News:

लॉकडाउन : रचायी जा रही शादी पुलिस ने रुकवाई, 15 लोगों पर मुकदमा दर्ज -

Friday, April 3, 2020

उत्तराखंड : त्रिवेन्द्र सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए जारी किये 85 करोङ रूपए -

Friday, April 3, 2020

ऋषियों का मूल मंत्र ’तमसो मा ज्योतिर्गमय’ एक अद्भुत आइडियाः स्वामी चिदानन्द सरस्वती -

Friday, April 3, 2020

आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने किया रक्तदान -

Friday, April 3, 2020

कोरोना वॉरियर्स का सभी करे सहयोग : सीएम त्रिवेंद्र -

Friday, April 3, 2020

किन्नरों ने लोगों को भोजन, राशन वितरित किया -

Thursday, April 2, 2020

3 अप्रैल से बैंक सुबह 8 से अपरान्ह 1 बजे तक खुले रहेंगे -

Thursday, April 2, 2020

पहल : तीन बेटियों ने डेढ़ सौ परिवारों के पास घर-घर पहुंचाया खाने का सामान -

Thursday, April 2, 2020

हम सब उत्तराखंड पुलिस को सहयोग करे: दीपक सक्सेना -

Thursday, April 2, 2020

लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए : सीएम त्रिवेन्द्र -

Thursday, April 2, 2020

डीडी उत्तराखंड का प्रसारण 24 घंटे का हुआ -

Wednesday, April 1, 2020

फेक न्यूज या गलत जानकारी देने पर प्रशासन द्वारा होगी कानूनी कार्रवाई -

Wednesday, April 1, 2020

लाकडाऊन के दौरान रखे संयम: पीआरएसआई देहरादून चैप्टर -

Wednesday, April 1, 2020

लॉकडाउन : डीएम के आदेश को रखा ठेंगे पर, जानिए खबर -

Wednesday, April 1, 2020

मुंबई की सड़कों पर खाना बाँटते नज़र आये अली फजल, जानिए कैसे -

Wednesday, April 1, 2020

कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष पद की अपवाह से तूफान, जानिए खबर -

Tuesday, March 31, 2020

आकाश इंस्टीट्यूट ने कोरोना वायरस से मुकाबले को केंद्र सरकार को एक करोड़ रु की सहायता दी -

Tuesday, March 31, 2020

हजारों ई-बुक फ्री में उपलब्ध करने की घोषणा, जानिए खबर -

Tuesday, March 31, 2020

सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराया जाए : सीएम त्रिवेन्द्र -

Tuesday, March 31, 2020

सीएम त्रिवेंद्र पांच माह का देंगे वेतन , जानिए खबर -

Tuesday, March 31, 2020

परमार्थ निकेतन में धूमधाम और उल्लास से मनाई गई शिवरात्रि

ऋषिकेश |  परमार्थ निकेतन में उमंग और उल्लास के साथ शिवरात्रि महोत्सव मनाया गया। परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने ड्रम और ढोल की ताल व कीर्तन एवं मंत्रमुग्ध करने वाले संगीत के साथ भगवान शिव की बारात निकाली। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज एवं अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव की निदेशक साध्वी भगवती सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में भगवान शिव का अभिषेक कर पौधा रोपण का संकल्प लिया। परमार्थ गंगा तट पर महाशिवरात्रि का पूजन वैदिक मंत्रों एवं दिव्य शंख ध्वनि के साथ किया। विश्व के अनेक देशों से  आये श्रद्धालुओं ने मिलकर शिवाभिषेक किया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि शिवरात्रि के अवसर पर शिवपरिवार से विविधता में एकता का संदेश ग्रहण करना चाहिये। भगवान शिव कि गले में सर्प है तो श्री गणेश का वाहन चूहा है और कार्तिकेय का वाहन मोर है, सर्प, चूहे का भक्षण करता है और मोर, सर्प का परन्तु परस्पर विरोधी स्वभाव होते हुये भी सब इस परिवार में आपस में प्रेम से रहते है यही शिक्षा आज के पर्व से ग्रहण करने की जरूरत है कि अलग-अलग विचारों, प्रवृतियों, अभिरूचियों और अनेक विषमताओं के बावजूद मित्रता से मिलजुल कर रहना ही हमारी संस्कृति है।स्वामी जी ने कहा कि उत्तराखण्ड के कण-कण में शिव का वास  है । शिव, आदि योगी हैं, कल्याणकारी हैं। भगवान शिव ने जगत के कल्याण के लिये विष को अपने कंठ में धारण किया। कहा कि हमारे चारों ओर वातावरण में और विचारों में विष और अमृत दोनों व्याप्त हैं, अब यह हमारा दृष्टिकोण है कि हम  विष युक्त जीवन जियंे या अमृत से युक्त जियें। हम अपनी जिन्दगी को अमृत से भर लें या विष से भर दें। अगर हम जिन्दगी को विष से भरते है तो हमारा जीवन दिन प्रतिदिन कड़वा होते जायेगा और अगर हम जीवन को अमृत से भर दें तो जीवन दिन प्रतिदिन बेहतर होते जायेगा। स्वामी जी महाराज ने सभी से आह्वान किया कि ’शिवाभिषेक के साथ-साथ विश्वाभिषेक करंे’ आज सम्पूर्ण धरा को आवश्यकता है धराअभिषेक की, धरा को प्रदूषण मुक्त करने की, एकल उपयोग प्लास्टिक से मुक्त करने की। उन्होने कहा कि अब गलियों का अभिषेक करने की जरूरत है। हर व्यक्ति अपनी-अपनी गलियों को गोद लें तो स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत और समृद्ध भारत होते देर नहीं लगेगी। अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर स्वामी जी ने कहा कि मातृभूति, माता और मातृभाषा के बिना हमारा जीवन सम्भव नहीं है। अपनी मातृभाषा का उपयोग गर्व के साथ करें और भाषाई संस्कृति और विविधता को बनायें रखंे। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने सभी शिवभक्तों और श्रद्धालुओं का आह्वान करते हुये कहा कि अपनी जीवनदायिनी नदियों, पर्यावरण एवं धरा को स्वच्छ और एकल उपयोग प्लास्टिक से मुक्त करने का संकल्प करें तथा यात्रा की याद में कम से कम एक-एक पौधों का रोपण अवश्य करें।

Leave A Comment