Breaking News:

उत्तराखंड : निकाय चुनाव का मतदान 18 नवंबर को -

Monday, October 15, 2018

व्यंग्यः कितना दर्द दिया मीटू के टीटू ने…..! -

Monday, October 15, 2018

टिहरी गढ़वाल के बंगसील स्कूल में सफाई अभियान की अनोखी पहल -

Monday, October 15, 2018

गडकरी, एम्स डायरेक्टर समेत आठ लोगों के खिलाफ मातृसदन दर्ज कराएगा हत्या का मुकदमा -

Monday, October 15, 2018

साधन विहीन व निर्बल वर्ग के बच्चों को यथा सम्भव पहुंचे सहायता : राज्यपाल -

Monday, October 15, 2018

#MeToo: बॉलिवुड की अभिनेत्रियों ने आरोपियों के साथ काम करने से किया इंकार -

Monday, October 15, 2018

भारतीय टीम ने वेस्ट इंडीज को हराकर हासिल की शानदार जीत -

Monday, October 15, 2018

“मैड” के सपने को मिला नया नेतृत्व -

Sunday, October 14, 2018

देश के लिए डॉ.कलाम का अद्वितीय योगदान रहा : सीएम त्रिवेंद्र -

Sunday, October 14, 2018

डिप्रेशन विश्व में हार्ट अटैक के बाद मृत्यु का दूसरा बड़ा कारण -

Sunday, October 14, 2018

रूपातंरण कार्यक्रम सराहनीय ही नहीं अनुकरणीय भीः राज्यपाल -

Sunday, October 14, 2018

केदारनाथ यात्रा : 7 लाख के पार पहुंची दर्शनार्थियों की संख्या -

Sunday, October 14, 2018

“उपहार” का निराश्रित बेटियों की शादी में सराहनीय प्रयास -

Sunday, October 14, 2018

अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी निष्ठा व ईमानदारी से करे कार्य : सीएम -

Saturday, October 13, 2018

राज्यपाल ने किया पंतनगर विश्वविद्यालय एवं जी.जी.आई.सी.का भ्रमण -

Saturday, October 13, 2018

मिस बॉलीवुड के लिए कॉम्पीटिशन का आयोजन -

Saturday, October 13, 2018

उद्यमी के घर पर भीड़ ने किया हमला -

Saturday, October 13, 2018

उत्तराखण्ड व हरियाणा के मध्य जल्द बहुद्देशीय परियोजनाओं के सम्बन्ध में एमओयू -

Saturday, October 13, 2018

दो दशक के बाद भारत और चीन के बीच फुटबॉल मैच -

Saturday, October 13, 2018

14 अक्टूबर को हाम्रो दशैं कार्यक्रम का भव्य आयोजन -

Friday, October 12, 2018

पहला देश जहां सभी महिलाओं के लिए ड्रेस कोड तय, बुर्का पर बैन

burka

लंदन। ताजिकिस्तान सरकार ने 7 साल की बच्चियों से लेकर 70 साल तक की महिलाओं के लिए ड्रेस कोड तय कर दिया है। इसके लिए संस्कृति मंत्रालय ने बाकायदा एक किताब भी जारी की है, जिसमें बताया गया है कि महिलाओं को किस मौके पर किस तरह के कपड़े पहनने हैं। इसमें मॉडल्स के जरिए कपड़ों को दिखाया गया है। इसके अलावा 90 % मुस्लिम आबादी वाले इस देश में बुर्का और पश्चिमी परिधान (वेस्टर्न ड्रेस) पहनने पर रोक लगाई गई। ‘बुक ऑफ रिकमेंडेशन्स’ नाम की बुक में मंत्रालय ने महिलाओं के लिए पारंपरिक तौर पर ताजिक वेशभूषा पहनने की सिफारिश की है। इसके अलावा महिलाओं को खुले-खुले पश्चिमी परिधान और इस्लामिक कपड़े- जैसे बुर्का और हिजाब पहनने पर भी रोक लगाई गई है। यहां तक कि सार्वजनिक जगहों पर फ्लिप- फ्लॉप चप्पल या स्लीपर पहनने पर भी रोक है। किताब में बताया गया है कि काले कपड़े बिल्कुल नहीं पहनने हैं। इस्लामिक कपड़ों के खिलाफ अभियान के तहत सिर ढंकने के लिए कपड़े के इस्तेमाल पर भी रोक है। पश्चिमी कपड़े, स्कर्ट पर भी रोक है। पूर्व सोवियत रूस का हिस्सा रहे इस देश में 90ः से ज्यादा आबादी मुस्लिम है। ऐसे में सरकार सेक्यूलर लेकिन पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा देना चाहती है। नेशनल या स्टेट हॉलीडे, वीकेंड पर ढीले और शरीर ढंकने वाले कपड़े पहनने होंगे। शादी या अन्य किसी समारोह में पारंपरिक ताजिक कपड़े पहनने को कहा गया है। काले कपड़े, बुर्का, हिजाब पहनने पर रोक।लोगों ने कहा कि फालतू तरीकों की बजाय जरूरी मुद्दों पर ध्यान दें सरकार के इस फैसले का लोगों ने सोशल मीडिया पर जमकर विरोध किया है। एक यूजर ने लिखा है- ‘बेहद सुंदर। नेशनल ड्रेस की ऊंची कीमतें भी तो देखिए।’ एक महिला ने कमेंट किया है- ‘बहुत बढ़िया, अब संस्कृति मंत्रालय हमें कपड़े खरीदकर भी दे दें।’ एक यूजर ने तंग या शरीर दिखाने वाले कपड़ों पर सवाल किया है कि ‘शरीर का कौनसा अंग? क्या इसमें मंत्रालय के लोगों के दिमाग में पड़ी गांठ भी शामिल है?’

Leave A Comment