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Sunday, July 12, 2020

अमिताभ बच्चन को हुआ कोरोना, अस्पताल में भर्ती -

Saturday, July 11, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में कोरोना मरीजो की संख्या हुई 3417, आज कुल 45 नए मरीज मिले -

Saturday, July 11, 2020

रिकवरी रेट में उत्तराखण्ड देश में लद्दाख के बाद दूसरे नम्बर पर -

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पांच वर्ष एक झटके में निकल गए : शाहिद कपूर -

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आखिर क्यों मैदान में खिलाड़ी, अंपायर घुटने के बल बैठे, जानिए खबर -

Saturday, July 11, 2020

अमेरिका विश्व स्वास्थ्य संगठन से हुआ अलग, जानिए क्यों -

Saturday, July 11, 2020

प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सुविधा और कौशल के अनुसार व्यवसाय चयन करने का रोजगार प्रदान करने का अवसर : मदन कौशिक -

Friday, July 10, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में कोरोना मरीजो की संख्या हुई 3373, आज कुल 68 नए मरीज मिले -

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विकास दुबे पुलिस मुठभेड़ में ढेर, जानिए खबर -

Friday, July 10, 2020

उत्तरांचल पंजाबी महासभा द्वारा कोमल वोहरा को महानगर महिला मोर्चा का अध्यक्ष चुना गया -

Friday, July 10, 2020

देहरादून : सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने व मास्क ना पहनने पर 21 लोगों का चालान -

Friday, July 10, 2020

जरा हटके : 300 वर्ष पुरानी वोगनबेलिया की बेल पेड़ सहित टूटी -

Friday, July 10, 2020

उत्तरांचल पंजाबी महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की फेस मास्क व फेस शील्ड -

Thursday, July 9, 2020

उत्तराखंड : विश्वविद्यालय स्तर पर अन्तिम वर्ष एवं अन्तिम सेमेस्टर की परीक्षायें 24 अगस्त से 25 सितम्बर -

Thursday, July 9, 2020

गफूर बस्ती के लोगों के उत्पीड़न पर अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग सख्त, जानिए खबर -

Thursday, July 9, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में कोरोना मरीजो की संख्या हुई 3305, आज कुल 47 नए मरीज मिले -

Thursday, July 9, 2020

प्रधानमंत्री द्वारा ‘वोकल फाॅर लोकल एंड मेक इट ग्लोबल’ के लिए किए गए आह्वान को सभी देशवासियों का मिला समर्थन : सीएम त्रिवेंद्र -

Thursday, July 9, 2020

‘देसी गर्ल’ फिर नज़र आएगी हॉलीवुड फ़िल्म में , जानिए खबर -

Thursday, July 9, 2020

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Thursday, July 9, 2020

बगैर ईवीएम जांच के होने वाले चुनाव बेकार : केजरीवाल

kejariwal

नई दिल्ली। ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के राजनीतिक हमलों के बीच एक बार फिर चुनाव आयोग ने दावा किया है कि इस प्रकार के आरोप बेबुनियाद हैं और साफ कहा है कि ईवीएम के साथ कोई टैंपरिंग संभव नहीं है। चुनाव आयोग ईवीएम के समर्थन में खुलकर सामने आया है। बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन पर सवाल उठाए जाने के बाद चुनाव आयोग ने कहा है कि वह किसी से भी ईवीएम की जांच करा लें. चुनाव आयोग ने इसके लिए खुला चैलेंज दिया है. चुनाव आयोग ने ये फैसला एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद किया। इस बैठक में आयोग ने उन दो सार्वजनिक कंपनियों के अधिकारियों को बुलाया था जो ईवीएम बनाती हैं.केजरीवाल का आरोप है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल हुई ईवीएम में बड़ी सफाई से छेड़छाड़ हुई है. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के भिंड उपचुनाव की जिस ईवीएम में गड़बड़ी मिली है, उसे उत्तर प्रदेश से भेजा गया था। केजरीवाल का चुनाव आयोग पर आरोप है कि इस मामले में कानून का उल्लंघन हुआ है. बगैर 45 दिन पूरा हुए मशीन दूसरे चुनाव में भेज दी गई. केजरीवाल ने आयोग से कहा कि वह ईवीएम उन्हें दे दे, वह दिखा देंगे कि इसमें छेड़छाड़ कैसे की जाती है. बगैर ईवीएम जांच के होने वाले चुनावों को केजरीवाल ने बेकार बताया है.इस मामले में चुनाव आयोग ने एक बार फिर अरविंद केजरीवाल के आरोपों को दरकिनार कर कहा है कि नियमों के अनुसार वीवीपीएटी मशीन को 45 दिनों तक नियमित रूम में रखने का कोई प्रावधान नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी मशीनों से निकली हुई पर्चियों को लिफाफे में सील कर नियमित रूम में रखा जाता है. आयोग ने यह भी कहा कि इन मशीनों को दूसरे चुनावों में कभी भी प्रयोग में लाया जा सकता है। चुनाव आयोग ने फिर पुरजोर तौर पर अरविंद केजरीवाल ने इन आरोपों को भी सिरे से खारिज कर दिया कि यूपी चुनाव में प्रयोग में लाई गई ईवीएम को मध्य प्रदेश के भिंड उपचुनाव के लिए भेजा गया था. आयोग ने कहा कि यूपी से कोई भी ईवीएम मध्य प्रदेश नहीं भेजी गई है. अब कहा जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल की चुनौती को स्वीकार करते हुए चुनाव आयोग जल्द ही ईवीएम मशीन जांच के लिए केजरीवाल को सौंप सकती है. खबरों के मुताबिक चुनाव आयोग का कहना है कि वह इस चैलेंज के लिए जल्द ही तारीख तय करेंगे. चुनाव आयोग का कहना है कि 2009 में भी ईवीएम के स्वामित्व पर सवाल उठाए जाने के बाद हमने खुला चैलेंज दिया था लेकिन कोई इसे प्रूव नहीं कर सका. चूंकि इस तरह की आकस्मिकताओं को एक बार फिर से उठाया गया है तो हम फिर से इसे दोहराएंगे. चुनाव आयोग के सूत्रों के हवाले से खबर है कि चुनाव आयोग सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों को इसखुले चैलेंज में बुलाएगा. इन प्रतिनिधियों के अलावा चुनाव आयोग उन लोगों को भी बुलाएगा जो टेक्नोलॉजी के बारे में अच्छे से जानते हैं. उस व्यक्ति व संगठन को भी बुलाया जाएगा जिसने व्यक्तिगत तौर पर ईवीएम के साथ छेड़छाड़ शिकायत की है। गौरतलब है कि इससे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की बात कही थी.

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