Breaking News:

सरकार ने मानी आयुर्वेदिक कालेजों के आन्दोलनरत छात्रों की माँग, जानिए खबर -

Thursday, November 21, 2019

बैंक शाखाओं में कार्य का समय 10 बजे से 4 बजे तक -

Thursday, November 21, 2019

फिल्म हब के रूप में तेजी से विकसित हो रहा उत्तराखंड: डॉ बिष्ट -

Thursday, November 21, 2019

जरा हट के : महिलाओं को दिया जा रहा ऐपण आर्ट का प्रशिक्षण -

Thursday, November 21, 2019

अवैध निर्माणों पर एमडीडीए हुआ सख्त, जानिए खबर -

Thursday, November 21, 2019

शूट की जा रही फिल्म ‘‘सौम्या गणेश‘‘ का सीएम त्रिवेंद्र ने मुहूर्त शॉट लिया -

Thursday, November 21, 2019

गोवा : अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का शुभारंभ, विशेष सत्र में उत्तराखंड को स्थान -

Wednesday, November 20, 2019

शिक्षकों की कमी से प्रभावित हो रही छात्रों की पढ़ाई, जानिए खबर -

Wednesday, November 20, 2019

सिपाही को ट्रैक्टर से कुचलने वाले आरोपी चालक गिरफ्तार -

Wednesday, November 20, 2019

मिस रेडिएंट स्किन और मिस ब्यूटीफुल हेयर उप प्रतियोगिताओं का आयोजन, जानिए खबर -

Wednesday, November 20, 2019

कोटद्वार में मुख्यमंत्री ने मुस्लिम योग शिविर का किया उद्घाटन -

Wednesday, November 20, 2019

उत्तराखंड : महसूस हुए भूकंप के झटके -

Tuesday, November 19, 2019

उत्तराखण्ड : समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल निलंबित -

Tuesday, November 19, 2019

मैट्रो से नही दून-ऋषिकेश व हरिद्वार को मिनी मैट्रो से जोड़ा जायेगा -

Tuesday, November 19, 2019

भोजपुरी फिल्म प्रोड्यूसर एवं फिल्म निर्देशक सीएम से की भेंट -

Tuesday, November 19, 2019

केदारनाथ परिसर में बनेगा भगवान शिव की पुरातात्विक महत्व की प्रतिमाओं का नया संग्रहालय, जानिए खबर -

Tuesday, November 19, 2019

कांग्रेस बागी विधायकों के लिए फिर दरवाजे खोलने को तैयार ! -

Monday, November 18, 2019

सीएम ने स्वच्छ कॉलोनी के पुरस्कार से किया सम्मानित, जानिए खबर -

Monday, November 18, 2019

पर्वतीय क्षेत्रों में 500 उपभोक्ता पर एक मीटर रीडर हो ,जानिए खबर -

Monday, November 18, 2019

ईरान एवं भारत में है गहरा सांस्कृतिक सम्बन्धः डॉ पण्ड्या -

Monday, November 18, 2019

बगैर ईवीएम जांच के होने वाले चुनाव बेकार : केजरीवाल

kejariwal

नई दिल्ली। ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के राजनीतिक हमलों के बीच एक बार फिर चुनाव आयोग ने दावा किया है कि इस प्रकार के आरोप बेबुनियाद हैं और साफ कहा है कि ईवीएम के साथ कोई टैंपरिंग संभव नहीं है। चुनाव आयोग ईवीएम के समर्थन में खुलकर सामने आया है। बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन पर सवाल उठाए जाने के बाद चुनाव आयोग ने कहा है कि वह किसी से भी ईवीएम की जांच करा लें. चुनाव आयोग ने इसके लिए खुला चैलेंज दिया है. चुनाव आयोग ने ये फैसला एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद किया। इस बैठक में आयोग ने उन दो सार्वजनिक कंपनियों के अधिकारियों को बुलाया था जो ईवीएम बनाती हैं.केजरीवाल का आरोप है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल हुई ईवीएम में बड़ी सफाई से छेड़छाड़ हुई है. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के भिंड उपचुनाव की जिस ईवीएम में गड़बड़ी मिली है, उसे उत्तर प्रदेश से भेजा गया था। केजरीवाल का चुनाव आयोग पर आरोप है कि इस मामले में कानून का उल्लंघन हुआ है. बगैर 45 दिन पूरा हुए मशीन दूसरे चुनाव में भेज दी गई. केजरीवाल ने आयोग से कहा कि वह ईवीएम उन्हें दे दे, वह दिखा देंगे कि इसमें छेड़छाड़ कैसे की जाती है. बगैर ईवीएम जांच के होने वाले चुनावों को केजरीवाल ने बेकार बताया है.इस मामले में चुनाव आयोग ने एक बार फिर अरविंद केजरीवाल के आरोपों को दरकिनार कर कहा है कि नियमों के अनुसार वीवीपीएटी मशीन को 45 दिनों तक नियमित रूम में रखने का कोई प्रावधान नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी मशीनों से निकली हुई पर्चियों को लिफाफे में सील कर नियमित रूम में रखा जाता है. आयोग ने यह भी कहा कि इन मशीनों को दूसरे चुनावों में कभी भी प्रयोग में लाया जा सकता है। चुनाव आयोग ने फिर पुरजोर तौर पर अरविंद केजरीवाल ने इन आरोपों को भी सिरे से खारिज कर दिया कि यूपी चुनाव में प्रयोग में लाई गई ईवीएम को मध्य प्रदेश के भिंड उपचुनाव के लिए भेजा गया था. आयोग ने कहा कि यूपी से कोई भी ईवीएम मध्य प्रदेश नहीं भेजी गई है. अब कहा जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल की चुनौती को स्वीकार करते हुए चुनाव आयोग जल्द ही ईवीएम मशीन जांच के लिए केजरीवाल को सौंप सकती है. खबरों के मुताबिक चुनाव आयोग का कहना है कि वह इस चैलेंज के लिए जल्द ही तारीख तय करेंगे. चुनाव आयोग का कहना है कि 2009 में भी ईवीएम के स्वामित्व पर सवाल उठाए जाने के बाद हमने खुला चैलेंज दिया था लेकिन कोई इसे प्रूव नहीं कर सका. चूंकि इस तरह की आकस्मिकताओं को एक बार फिर से उठाया गया है तो हम फिर से इसे दोहराएंगे. चुनाव आयोग के सूत्रों के हवाले से खबर है कि चुनाव आयोग सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों को इसखुले चैलेंज में बुलाएगा. इन प्रतिनिधियों के अलावा चुनाव आयोग उन लोगों को भी बुलाएगा जो टेक्नोलॉजी के बारे में अच्छे से जानते हैं. उस व्यक्ति व संगठन को भी बुलाया जाएगा जिसने व्यक्तिगत तौर पर ईवीएम के साथ छेड़छाड़ शिकायत की है। गौरतलब है कि इससे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की बात कही थी.

Leave A Comment