Breaking News:

उत्तराखंड: आज कोरोना का महा कहर , दो हज़ार से अधिक मरीज मिले जानिए खबर -

Saturday, September 19, 2020

हर स्थिति के साथ बढ़ती गयी हिम्मत : नमन भारद्वाज -

Saturday, September 19, 2020

जरा हटके : कोरोना मरीजो के मनोरंजन के लिए गीत संगीत का आयोजन -

Saturday, September 19, 2020

उत्तराखंड की जेलों में बड़ी संख्या में गंभीर रोगी हैैं केैद, जानिए खबर -

Saturday, September 19, 2020

देहरादून : होम आईसोलेशन के लिए जिला सर्विलांस अधिकारी से अनुमति प्राप्त करना अनिवार्यः डीएम -

Saturday, September 19, 2020

कोरोना योद्धा हुए सम्मानित, जानिए खबर -

Friday, September 18, 2020

उत्तराखंड: प्रदेश में कोरोना मरीजो की संख्या 38 हज़ार पार , जानिए खबर -

Friday, September 18, 2020

जनता से किए 85 फीसदी वायदे किये पूरे : सीएम त्रिवेंद्र -

Friday, September 18, 2020

किस अभिनेत्री ने कही यह बात , मेरा मीडिया ट्रायल ना किया जाए -

Friday, September 18, 2020

एसबीआई : एटीएम से दस हज़ार से अधिक की राशि निकालने पर यह नियम लागू, जानिए खबर -

Friday, September 18, 2020

उत्तराखंड: प्रदेश में कोरोना मरीजो की संख्या पहुँची 37139 , जानिए खबर -

Thursday, September 17, 2020

कैबिनेट बैठक : सरकार ने व्यावसायिक वाहनों के टैक्स में छूट तीन माह तक बढ़ाया -

Thursday, September 17, 2020

कुपोषण मुक्त बच्चों के अभिभावकों को सीएम त्रिवेंद्र ने किया सम्मानित -

Thursday, September 17, 2020

शिकागो के अर्थशास्त्री राज साह ने भेंट की स्मृति पट्टिका, जानिए खबर -

Thursday, September 17, 2020

भारत : देश मे कोरोना मरीजो की संख्या पहुँची 50 लाख के पार, जानिए खबर -

Thursday, September 17, 2020

सीएम त्रिवेंद्र ने पीएम नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मदिन पर दी बधाई -

Thursday, September 17, 2020

नेक कार्य : लावारिस अस्थियों को मां गंगा में पूर्ण वैदिक विधि विधान से किया विसर्जित -

Thursday, September 17, 2020

“राजयोग में साइलेंस की शक्ति और डिप्रेशन से मुक्ति’’ पुस्तक का सीएम त्रिवेंद्र ने किया लोकार्पण -

Wednesday, September 16, 2020

उत्तराखंड: प्रदेश में आज 1540 नए कोरोना मरीज मिले , जानिए खबर -

Wednesday, September 16, 2020

सेवा सप्ताह कार्यक्रम : रक्तदान शिविर का हुआ आयोजन -

Wednesday, September 16, 2020

बद्रीनाथ धाम के प्रसाद अब देश और विदेश के श्रद्वालुओं को ऑनलाइन  मिलना शुरू, जानिए खबर

देहरादून/चमोली | भू-बैकुठ श्री बद्रीनाथ धाम से पंच बदरी प्रसादम अब देश और विदेश के श्रद्वालुओं को आॅनलाइन  मिलना शुरू हो गया है। चमोली जिला प्रशासन ने पंच बदरी प्रसादम के विपणन के लिए कंपनी ऐमजोन से करार किया है। श्रद्वालु अब घर बैठे ऐमजोन पर आॅनलाइन भगवान बदरीनाथ का प्रसाद मंगवा कर पुण्य अर्जित कर सकते है। पंच बदरी प्रसाद ऐमजोन पर बदरीनाथ प्रसाद बैग के नाम से उपलब्ध है।  श्रद्वालुओं को ऐमजोन के माध्यम से पंच बदरी प्रसाद बैग में पवित्र पौराणिक सरस्वती नदी का जल, लक्ष्मी के रूप में सुगन्धित बदरीश तुलसी, हर्बल धूप, बदरी गाय का घी, हिमालयन डेमस्क रोज वाटर प्रसाद के  रूप में एक सुन्दर डिजायन के बैग और बाॅक्स में उपलब्ध कराया गया है। वैदिक परम्पराओं एवं पौराणिक मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने कडी मेहनत से देश विदेश के श्रद्वालुओं को सीधे भगवान बद्रीनाथ धाम से पंच बदरी प्रसाद पहुॅचाने की व्यवस्था की है। इस प्रसाद का अपने आप में बहुत महत्व है। मान्यता है कि बदरी तुलसी जिसे स्वयं देवी लक्ष्मी का एक रूप माना जाता है और भगवान बिष्णु को बद्रीनाथ जी मंदिर में उनकी दैनिक पूजा-आरती के दौरान अर्पित किया जाता है। बदरी प्रसाद में यह तुलसी शामिल है। वही पवित्र सरस्वती नदी जो केवल बद्रीनाथ धाम में माणा गांव के निकट भीम पुल के पास दिखती है और इसके बाद अलकनंदा नदी में विलीन हो जाती है इस नदी का पवित्र जल है। बद्री सिक्का जो श्री बद्रीनाथ जी का शिलालेख है शामिल है। इसके अतिरिक्त प्राकृतिक सामग्री के उपयोग से स्थानीय स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित सुगन्धित हर्बल धूप और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उगाए गए डेमस्क गुलाब के फूलों का शुद्व गुलाब जल को बदरीनाथ प्रसाद बैग के साथ उपलब्ध कराया गया है। बदरीनाथ प्रसाद को रंगीन सुन्दर डिजायन के जूट से बने बैग और बाॅक्स में बेहतरीन पैकिंग की गई है। जो ऐमाजोन पर उपलब्ध है।

स्वरोजगार से जोड़ने की भी मंशा

उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन ने बीते वर्ष स्थानीय लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने की मंशा से पंच बदरी प्रसादम योजना शुरू की थी। इसमें स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित चैलाई के लड्डू और स्थानीय काश्तकारों द्वारा तैयार गुलाब जल, हर्बल धूप, बदरीश तुलसी, सरस्वती नदी का जल सहित अन्य वस्तुएं प्रसाद के रूप में बदरीनाथ धाम में स्टाॅल लगाकर बेचा जा रहा था। लेकिन कोरोना संकट के चलते इस वर्ष बद्रीनाथ धाम की तीर्थयात्रा का संचालन पूरे जोर शोर से न होने के कारण जहाॅ भक्तों को बदरीनाथ का प्रसाद नही मिल पा रहा है वही स्वयं सहायता समूहों और काश्तकारों को भी भारी नुकसान उठाना पड रहा है। इसको देखते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के अथक प्रयासों से पंच बदरी प्रसादम की आॅनलाइन बिक्री की योजना तैयार की गई। उत्पादों के विपणन के लिए प्रसिद्व कंपनी ऐमजोन से करार किया गया।

ऐमजोन के माध्यम से भक्तों तक पहुँचेगा प्रसाद किट

जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि कोरोना संकट के चलते पिछले सालों की तरह इस बार बदरीनाथ धाम तक तीर्थयात्री नही पहुंच पा रहे है। ऐसे में श्रद्वालुओं को घर बैठे प्रसाद मिल सके, इस मंशा से पंच बदरी प्रसादम को ऐमजोन के माध्यम से भक्तों तक पहुॅचाने का प्रयास किया गया है। प्रसाद किट ऐमजोन को उपलब्ध करा दी गई है। देश विदेश के श्रद्वालु अब ऐमजोन पर आॅनलाइन भगवान का प्रसाद मंगवा सकते है। कहा कि बदरीनाथ प्रसाद बैग के माध्यम से पांचों बद्री धामों के महत्व को भी समझाया गया है, ताकि टूरिज्म को बढावा मिल सके। इस योजना से जहाॅ श्रद्वालुओं को घर बैठे भगवान बद्रीनाथ का प्रसाद मिल सकेगा वही इससे जुड़े जनपद के 18 स्वयं सहायता समूहों की 89 से अधिक सदस्यों की आजीविका भी संवरेगी।

Leave A Comment