Breaking News:

मुंबई के एक शख्स ने एक ही लड़की की दो बार बचाई जान , जानिए खबर -

Sunday, September 23, 2018

रणवीर-दीपिका को टालनी पड़ी अपनी शादी,जानिए खबर -

Sunday, September 23, 2018

रमेश सिप्पी, शर्मन जोशी ने छात्रों से की खास मुलाकात , जानिये खबर -

Sunday, September 23, 2018

राज्यपाल ने की ‘ज्ञान कुंभ’ की तैयारियों की समीक्षा की -

Saturday, September 22, 2018

यात्री वाहन खाई में पलटा, 13 की मौत -

Saturday, September 22, 2018

ई हेल्थ-सेवा डेशबोर्ड का सीएम ने शुभारम्भ किया -

Saturday, September 22, 2018

मिस उत्तराखंड प्रतियोगिता “फस्ट लुक” आयोजित -

Saturday, September 22, 2018

सीएम ने किया ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत श्रमदान -

Saturday, September 22, 2018

जल्द नजर आएंगे विराट कोहली बड़े पर्दे,जानिए खबर -

Saturday, September 22, 2018

30 साल से बिना वेतन के संभालते हैं गंगाराम जी ट्रैफिक, जानिए खबर -

Saturday, September 22, 2018

रमेश सिप्पी को भा गई दून की वादियां, उत्तराखंड फिल्म इंडस्ट्री का भविष्य -

Saturday, September 22, 2018

रोटी डे क्लब 23 सितंबर को मनाएगा रोटी दिवस महोत्सव -

Friday, September 21, 2018

शौचालयों के संबंध में कैग की रिपोर्ट पर निदेशक की स्पष्टीकरण , जानिए खबर -

Friday, September 21, 2018

उत्तराखंड : सदन में पटल पर रखी गई कैग की रिपोर्ट -

Friday, September 21, 2018

पर्यटन स्थलों को स्वच्छ रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारीः राज्यपाल -

Friday, September 21, 2018

डीएम मंगेश घिल्डियाल राइंका खेड़ाखाल में जाकर बच्चों को पढ़ाया -

Friday, September 21, 2018

Asia Cup 2018: भारत-पाकिस्तान के बीच फिर होगा मुकाबला, जानिए खबर -

Friday, September 21, 2018

इस साल दो पीढ़ियों ने एक साथ बनाया गणेशोत्सव और मुहर्रम -

Friday, September 21, 2018

निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है उत्तराखण्ड -

Thursday, September 20, 2018

गोविंदा इस ऐक्टर को मानते है सबसे मेहनती, जानिए खबर -

Thursday, September 20, 2018

बागवानी किसानों की आमदनी का हो सकता है प्रमुख जरिया, जानिए खबर

 

Horticulture

देहरादून | बागवानी किसानों की आमदनी का प्रमुख जरिया हो सकता है। अखरोट, नाशपाती, चाय, सगंध पादप, कुटकी, तेजपात, अतीस, माल्टा, मौन पालन आदि के पैदावार की प्रबल संभावना उत्तराखण्ड में है। इसी दृष्टि से मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने मंगलवार को विभागीय समीक्षा की शुरूआत उद्यान विभाग से की। कहा कि रूद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी चारधाम जनपदों से जैविक प्रदेश बनाने की शुरूआत की जाय। बागवानी की पैदावार बढ़ाने के लिए उन्नतशील प्रजाति के बीजों, आधुनिक तकनीक और उपकरण की व्यवस्था की जाए। उद्यान विभाग इसके लिए ठोस कार्य योजना बनाए। बैठक में बताया गया कि अखरोट उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए दोनो मंडलों मंे एक-एक सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाया जा रहा है। मुक्तेश्वर, नैनीताल में स्थापित सेंट्रल इंस्टीट्यूट आॅफ टेम्परेट हार्टिकल्चर की भी मदद ली जाए। मंगरा, टिहरी गढ़वाल और चैबटिया में अखरोट की नर्सरी से 50-50 हजार पौध तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। राजकीय उद्यानो का लाभ की स्थिति में लाने की योजना बना ली गयी है। निर्देश दिये गये कि जलवायु, ऊंचाई और क्षेत्र के अनुसार प्लांट हार्डीनेस जोन बनाये जायं। पौधरोपण के लिए क्लस्टर एप्रोच अपनाया जाए। उद्यानीकरण में एग्रो क्लाइमेटिक और मृदा की स्थिति का ध्यान रखा जाए। सगंध पादप केन्द्र सेलाकुई का अपना लक्ष्य तय करने के लिए कहा गया। कैप के कार्यों की सराहना करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि कम से कम 5000 हेक्टेयर हर साल सगंध पौधों की पैदावार बढ़ायें। कहा कि सगंध और औषधीय पौधों के पैदावार की पर्याप्त गुंजाइश उत्तराखण्ड में है। इसको बढ़ावा देने के लिए भरसार कृषि विश्वविद्यालय, पंतनगर विश्वविद्यालय, जड़ी-बूटी शोध संस्थान गोपेश्वर, सगंध पादप केन्द्र सेलाकुई और विभागीय शोध केन्द्र श्रीनगर का सहयोग लिया जाए। बैठक में सचिव नियोजन अमित नेगी, सचिव उद्यान डी0 सैंथिल पांडियन, अपर सचिव नियोजन रंजीत सिंन्हा, निदेशक उद्यान बीएस नेगी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Leave A Comment