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देहरादून : स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से 9482 भोजन पैकेट वितरित किये गये -

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सोशियल पॉलीगोन ग्रुप ऑफ कंपनी ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 5 लाख का चेक दिया -

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लॉकडाउन : रचायी जा रही शादी पुलिस ने रुकवाई, 15 लोगों पर मुकदमा दर्ज -

Friday, April 3, 2020

उत्तराखंड : त्रिवेन्द्र सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए जारी किये 85 करोङ रूपए -

Friday, April 3, 2020

ऋषियों का मूल मंत्र ’तमसो मा ज्योतिर्गमय’ एक अद्भुत आइडियाः स्वामी चिदानन्द सरस्वती -

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आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने किया रक्तदान -

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कोरोना वॉरियर्स का सभी करे सहयोग : सीएम त्रिवेंद्र -

Friday, April 3, 2020

किन्नरों ने लोगों को भोजन, राशन वितरित किया -

Thursday, April 2, 2020

3 अप्रैल से बैंक सुबह 8 से अपरान्ह 1 बजे तक खुले रहेंगे -

Thursday, April 2, 2020

पहल : तीन बेटियों ने डेढ़ सौ परिवारों के पास घर-घर पहुंचाया खाने का सामान -

Thursday, April 2, 2020

हम सब उत्तराखंड पुलिस को सहयोग करे: दीपक सक्सेना -

Thursday, April 2, 2020

लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए : सीएम त्रिवेन्द्र -

Thursday, April 2, 2020

डीडी उत्तराखंड का प्रसारण 24 घंटे का हुआ -

Wednesday, April 1, 2020

फेक न्यूज या गलत जानकारी देने पर प्रशासन द्वारा होगी कानूनी कार्रवाई -

Wednesday, April 1, 2020

लाकडाऊन के दौरान रखे संयम: पीआरएसआई देहरादून चैप्टर -

Wednesday, April 1, 2020

लॉकडाउन : डीएम के आदेश को रखा ठेंगे पर, जानिए खबर -

Wednesday, April 1, 2020

मुंबई की सड़कों पर खाना बाँटते नज़र आये अली फजल, जानिए कैसे -

Wednesday, April 1, 2020

‘बेटी बचाओ’ अभियान का चेहरा बनी 13 वर्षीय की बच्ची

13 वर्षीय एक बच्ची की तरफ से तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई जिले के डीएम को डिस्ट्रेस कॉल मिली। असल में घटना से कुछ दिनों पहले ही नंदिनी के एक स्कूल में एक कार्यक्रम हुआ था जिसमें बच्चों को पैम्फलेट बांटे गए थे। उनमें जिले के अधिकारियों के नाम और नंबर लिखे हुए थे। नंदिनी ने इसे संभालकर रखा था। वही से नंदिनी को डीएम नंबर मिला | बच्ची नंदिनी नागराजी ने डीएम को बताया कि जबरन उसकी शादी दोगुनी उम्र के व्यक्ति के साथ की जा रही है। नंदिनी तब नौवीं क्लास में थीं। डीएम के आदेश पर पुलिस ने नंदिनी की खोज शुरू की और उसे खोजकर बालगृह भेज दिया। छह महीने बाद जब केंद्र की ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना जनवरी 2018 में नंदिनी के शहर पहुंचा, तब जिला प्रशासन ने नंदिनी को इस अभियान का चेहरा बनाया और ‘बाल विवाह के खिलाफ अभियान’ की जिम्मेदारी दी। नई दिल्ली में नंदिनी ने नैशनल गर्ल चाइल्ड डे के मौके पर अपनी पूरी यात्रा शेयर की। इस कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय महिला एवं बाल विकास कल्याण मंत्रालय ने किया था। नंदिनी ने कहा, ‘मैं अपनी यह कहानी बार-बार सुनाऊंगी क्योंकि मेरा बोलना जरूरी है। मेरे जैसी कई लड़कियों को बचाना है।’ 11वीं में पढ़ने वाली नंदिनी आगे चलकर आईएएस बनना चाहती हैं। बाल विवाह जैसी कुप्रथा रोकने के लिए सबसे जरूरी चीज है जागरुकता। क्योंकि यही है जिसकी वजह से नंदिनी बाल विवाह से बच पाई।

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