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पूरा जीवन पंडित दीनदयाल उपाध्याय का समाज सेवा के लिए रहा समर्पित : सीएम -

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बाबा केदार व बदरीविशाल के राष्ट्रपति ने किए दर्शन -

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नगर निगम में 67 गांवों को जोड़ने का हुआ विरोध -

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बादलो की गरज के साथ सरकार के खिलाफ गरजे ग्राम प्रधान -

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दो दिवसीय दौरे पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहुंचे उत्तराखंड -

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Saturday, September 23, 2017

हुंडाई गाडी 15 लोगों ने कराई एक साथ बुक -

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बढ़ती महंगाई के खिलाफ “आप” का प्रदर्शन कार्यकर्ता -

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बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रति जन जागरूकता फैलाने की जरूरत -

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विधानसभा अध्यक्ष ने किया रामलीला का उद्घाटन -

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ज्ञान-दर्शन व सेवा भाव के प्रति समर्पित थे स्वामी दयानंद सरस्वतीः राज्यपाल -

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केंद्रीय मंत्री विजय सांपला दिखेंगे रामलीला के मंच पर -

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पीएम को सोनिया गांधी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर लिखी चिट्ठी -

Thursday, September 21, 2017

सीपीईसी की तुलना पाक सांसदों ने ईस्ट इंडिया कंपनी से की

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इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सांसदों ने भी चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे सीपीईसी को लेकर संशय जताया है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर पाकिस्तान के हितों का ध्यान नहीं रखा गया तो यह परियोजना पाकिस्तान के लिए ईस्ट इंडिया कंपनी जैसा अनुभव बन जाएगा। योजना एवं विकास पर संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष ताहिर मशहदी ने कहा,अंतराष्टीय हितों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है और ऐसे में एक और ईस्ट इंडिया कंपनी बनने जा रही है। बेशक, हमें पाकिस्तान और चीन की दोस्ती पर नाज है, लेकिन देशहित सबसे सर्वपरि होना चाहिए। ताहिर मशहदी ने यह बात तब कही जब समिति के सदस्यों ने इस बात पर चिंता जाहिर की कि सरकार लोगों के हक और हित की हिफाजत नहीं कर रही है। गौरतलब है कि ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत में व्यापार करने के लिए भेजा गया था, लेकिन बाद में यह भारतीय उपमहाद्वीप में ब्रिटिश उनिवेशवाद का कारण बन गई और अंततः अंग्रेजों ने तत्कालीन मुगल शासकों को हटाकर भारत की गद्दी पर कब्जा कर लिया था। योजना आयोग सचिव युसुफ नदीम खोखर भी इस समिति के सदस्य हैं। उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया कि सीपीईसी परियोजना में चीन या किसी और विदेशी निवेश की जगह स्थानीय वित्तीय संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही इस बात पर चिंता भी जताई कि इससे जुड़ी बिजली परियोजनाओं के लिए बिजली की दर चीन तय कर रहा है।

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