Breaking News:

कोरोना योद्धा हुए सम्मानित, जानिए खबर -

Friday, September 18, 2020

उत्तराखंड: प्रदेश में कोरोना मरीजो की संख्या 38 हज़ार पार , जानिए खबर -

Friday, September 18, 2020

जनता से किए 85 फीसदी वायदे किये पूरे : सीएम त्रिवेंद्र -

Friday, September 18, 2020

किस अभिनेत्री ने कही यह बात , मेरा मीडिया ट्रायल ना किया जाए -

Friday, September 18, 2020

एसबीआई : एटीएम से दस हज़ार से अधिक की राशि निकालने पर यह नियम लागू, जानिए खबर -

Friday, September 18, 2020

उत्तराखंड: प्रदेश में कोरोना मरीजो की संख्या पहुँची 37139 , जानिए खबर -

Thursday, September 17, 2020

कैबिनेट बैठक : सरकार ने व्यावसायिक वाहनों के टैक्स में छूट तीन माह तक बढ़ाया -

Thursday, September 17, 2020

कुपोषण मुक्त बच्चों के अभिभावकों को सीएम त्रिवेंद्र ने किया सम्मानित -

Thursday, September 17, 2020

शिकागो के अर्थशास्त्री राज साह ने भेंट की स्मृति पट्टिका, जानिए खबर -

Thursday, September 17, 2020

भारत : देश मे कोरोना मरीजो की संख्या पहुँची 50 लाख के पार, जानिए खबर -

Thursday, September 17, 2020

सीएम त्रिवेंद्र ने पीएम नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मदिन पर दी बधाई -

Thursday, September 17, 2020

नेक कार्य : लावारिस अस्थियों को मां गंगा में पूर्ण वैदिक विधि विधान से किया विसर्जित -

Thursday, September 17, 2020

“राजयोग में साइलेंस की शक्ति और डिप्रेशन से मुक्ति’’ पुस्तक का सीएम त्रिवेंद्र ने किया लोकार्पण -

Wednesday, September 16, 2020

उत्तराखंड: प्रदेश में आज 1540 नए कोरोना मरीज मिले , जानिए खबर -

Wednesday, September 16, 2020

सेवा सप्ताह कार्यक्रम : रक्तदान शिविर का हुआ आयोजन -

Wednesday, September 16, 2020

उत्तराखंड : जनता के लिए ‘अपणि सरकार’ पोर्टल जल्द -

Wednesday, September 16, 2020

बयानबाजी में ड्रग्स का मुद्दा कही छूट न जाये , जानिए खबर -

Wednesday, September 16, 2020

दिनदहाड़े अज्ञात बदमाशों ने कचहरी में अधिवक्ता को मारी गोली -

Wednesday, September 16, 2020

त्रिवेंद्र सरकार ने आम जनता के सुविधाओ में लायी तेज़ी, जानिए खबर -

Wednesday, September 16, 2020

अभी इंसानियत जिंदा है मेरे भाई …, जानिए खबर -

Tuesday, September 15, 2020

होम क्वारेंटाईन का उल्लंघन करने वालों पर हो सख्त कार्रवाई: सीएम त्रिवेंद्र

ग्राम प्रधानों के नेतृत्व में स्थानीय प्रशासनिक कर्मचारी काम करें

देहरादून | मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि होम क्वारेंटाईन का उल्लंघन करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। ग्राम स्तर पर कार्यरत प्रधानों, आशा कार्यकत्रियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा की जाने वाली शिकायतों को गम्भीरता से लिया जाए। मुख्यमंत्री, वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मास्क, सेनेटाईजेशन, फिजीकल डिस्टेंस आदि बातों को लेकर निरंतर लोगों को जागरूक किए जाने की जरूरत है। सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, मीडिया व समाज के अन्य प्रबुद्धजनों के साथ संवाद कायम रखें। जो लोग भी उत्तराखण्ड आना चाहते हैं, उन्हें लाया जाना है। बाहर से घर लौटने वाले लोगों को मनोवैज्ञानिक रूप से सशक्त भी रखना है और उन्हें व्यस्त भी रखना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में बनाए जा रहे क्वारेंटाईन सेंटरों की उचित साफ सफाई के लिए ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियों को एनएचएम से 5-5 हजार रूपए दिए जा रहे हैं।   प्रधान, ग्रामीण समाज का महत्वपूर्ण अंग होते हैं। इसे देखते हुए प्रधानों को जिम्मेदारी दी गई है। परंतु इसका मतलब ये नहीं है कि उन्हें अकेले इस काम को देखना है। ग्राम स्तर के प्रशासनिक कर्मचारियों को उनके नेतृत्व में काम करना है। प्रधानों का जो भी व्यय होता है, उसकी प्रतिपूर्ति प्राथमिकता से की जाए।

मरीजो की देखभाल का हमारा रिकार्ड बेहतर : सीएम

मुख्यमत्री ने कहा कि इन दिनों में पाॅजिटिव केस पहले की अपेक्षा अधिक बढ़े है, परंतु हमारी तैयारी बेहतर है। पेशेन्ट केयर का हमारा रिकार्ड बेहतर रहा है। अभी तक बेहतर तरीके से जिम्मेदारी का निर्वहन किया है। अब नई चुनौति आई है। इस चुनौति पर व्यावहारिकता और कुशलता के साथ खरा उतरना है। कोरोना से लम्बी लड़ाई है। इसके लिए हमें मनोवैज्ञानिक रूप से भी तैयार रहना है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहयोग लें

सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहयोग लें। हर वार्ड में चार-पांच लोगों की एक टीम हो। लोगों की आजीविका के लिए भी योजनाओं पर काम करना है।  किसानों को बीज उपलब्ध करवाए जाएं। इसी प्रकार केंद्र व राज्य सरकार ने जो योजनाएं घोषित की हैं, उनसे लोग, लाभान्वित हों, यह सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि जो भी लोग बाहर से अपने घरों को आ रहे हैं, उन पर सतत निगरानी रखनी है। इसमें जिलाधिकारी ग्रामीण स्तर के स्वास्थ्यकर्मियों का उपयोग करें। आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जरूरी जांच की जाएं। एक-एक केस को ट्रेस करना है। और उनका हेल्थ चैकअप किया जाए। बीआरटी को सक्रिय रखा जाए। काॅल सेंटर के माध्यम से भी आने वाले लोगों से लगातार सम्पर्क रखा जाता है। रेड जोन से आने वालों को इंन्स्टीट्यूशनल क्वारेंटाईन में रखा जाना है। अच्छी प्रतिष्ठा वाले एनजीओ का भी सहयोग लिया जा सकता है। जिस प्रकार गांवों में प्रधानों का सहयोग लिया जा रहा है, उसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में स्थानीय निकायों को भी अधिकृत किया जाएगा। पार्षदों की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

Leave A Comment