Breaking News:

भाजपा मुख्यालय का पता बदला -

Sunday, February 18, 2018

त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में पिछली बार से 17% कम वोटिंग -

Sunday, February 18, 2018

लिंगानुपात में 17 राज्यो में आई गिरावट -

Sunday, February 18, 2018

पब्लिक रिलेशन्स सोसायटी आफ इंडिया देहरादून चैप्टर द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन -

Sunday, February 18, 2018

आग से पूरा गांव हो गया खाक -

Sunday, February 18, 2018

विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन को सीएम ने जब उतारा मंच से…. -

Saturday, February 17, 2018

चार प्रस्ताव केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान -

Saturday, February 17, 2018

कब होगी करोड़ों रूपये की रिकवरी : रघुनाथ सिंह नेगी -

Saturday, February 17, 2018

केंद्र सरकार पैडमैन से ली सीख , जानिये खबर -

Saturday, February 17, 2018

आज रिलीज होगी अय्यारी -

Friday, February 16, 2018

5100 करोड़ की संपत्ति जब्त, नीरव मोदी के 17 ठिकानों पर छापे -

Friday, February 16, 2018

सिक्के नहीं लिए तो होगी दंडात्मक कार्रवाई -

Friday, February 16, 2018

‘पैडमैन’ देख न पाने का नहीं रहेगा मलाल मलाला को -

Friday, February 16, 2018

‘नयन मटक्का गर्ल’ दिखती है ऐसी जानिए खबर -

Friday, February 16, 2018

राशन कार्ड हो आनलाइन, जानिए खबर -

Thursday, February 15, 2018

सरकार को जगाने के लिए कर रहा आंदोलन : अन्ना हजारे -

Thursday, February 15, 2018

गैरसैंण राजधानी के लिए मशाल जुलूस 17 को -

Thursday, February 15, 2018

नैनीताल में खनन विभाग को ई-नीलामी से मिले अच्छे परिणाम -

Thursday, February 15, 2018

जब इंस्पेक्टर ने पेश की अनूठी मिसाल…. -

Wednesday, February 14, 2018

दिव्यंगों के लिए चार प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी -

Wednesday, February 14, 2018

रोजगार या परेशानी

sunday-market

आदमी का स्रोत बढाने के लिए शुुरू की गई यह पीठ हर सप्ताह भरती है, इसमें सबका जरूरत का सारा सामान कम रेट पर उपलब्ध होता है। देहरादून में प्रति सप्ताह दूर -दराज के व्यापारी सामान बेचने आते हैं, सहारनपुर, दिल्ली, उ0प्र0, के व्यापारी सामान लाकर यहां बेचते हैं। हर रविवार को परेड ग्राउंड के पास मेला सा लग जाता है। इतनी भीड कि निकलने की की जगह नहीं मिल पाती है। आते-जाते वाहन चालकों को परेशानी होती है, तभी मैंने यह शीर्षक दिया है क्योंकि इससे साप्ताहिक पीठ से किसी को रोजगार और किसी को जरूरत के सामान उपलब्ध…

Read More

भगवान भरोसे नहीं छोड़ सकते कश्मीर!

kashmir

जम्मू कश्मीर के हालात बेकाबू हो रहे हैं। मुश्किलों के कई स्तर बन गए हैं और समाधान की पहल किसी स्तर पर होती नहीं दिख रही है। तीन साल पहले जिस उम्मीद के साथ जम्मू कश्मीर में पीडीपी और भाजपा की सरकार बनी थी, वह उम्मीद धीरे धीरे खत्म हो रही है। ऐसा लग रहा था कि घाटी के लोगों की बात करने वाली और काफी हद तक अलगाववादियों की पसंद वाली पार्टी पीडीपी के साथ जम्मू के लोगों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करने वाली राष्ट्रवादी भाजपा की सरकार बनेगी तो हालात सुधरेंगे। लेकिन उलटा हुआ है। भाजपा के साथ…

Read More

भूख की सत्यता …

hungry

भूख एक ऐसा तत्त्व है जिसका अहसास हमें हमारे जीवन के जन्म के साथ ही होता है l नवजात शिशु को भय , प्यार गुस्सा आदि का ज्ञान नही होता है , पर भूख का होता है I क्या हमने कभी शिशु को गुस्सा करते देखा है ? नहीं , लेकिन जब उसे भूख लगती है वो रो कर अपनी माँ को संकेत देता है कि भूख लग गयी है उसके लिए सबसे प्यारी चीज माँ का ढूध है , तभी हम देखते है कि बचा तब थोड़ा बड़ा होता है तो उसके सामने कोई भी चीज आने पर वह…

Read More

मजदूरों का बाजार

majdur-ka-bazar

वैसे तो देश में कई बाजार देखने को मिलते हैं,जैसे-पलटनबाजार,मीनाबाजार,बरेली का बाजारआदि लेकिन क्याआपने कभी मजदूरों के बाजार के बारे में सोचा है? जी हां,मैं उस बाजार की बात कर रही हूं जहां मेहनत बेची जाती है या मजदूरों को खरीदा जाता है । हमारे देहरादून में भी यह बाजार कई जगह लगता है घण्टाघर,लालपुल पर कई मजदूर सुबह सात बजे से खडे हो जाते हैं फिर एक दिन के खरीदारआकर उन्हें अपने साथ काम करने के लिए ले जातें हैं। ये मजदूर बिहार उ0 प्र0 से बेरोजगारी की मार से बचने के लिए अपने घर परिवार को छोडकर एक…

Read More

समस्या विश्व शान्ति की

World-peace

आजकल विश्व एक गम्भीर संकट से गुजर रहा है। युद्ध का खतरा डिमोक्लीज की तलवार की तरह मानव जाति के सिर पर लटक रहा है। मानव जाति ने बडे कष्ट और दुख, कठिन परीक्षाओं एवं तकलीफों का सामना किया है। वह शान्ति के पीछे भागती है। जो कि इसके में नहीं है। शान्ति बहुत महान चीज है जिसको मानवता चाहती है, क्योंकि बिना इसके मुक्ति नहीं। पृथ्वी माता की छाती पर युग-युगों से जो असंख्य युद्ध लडे गये हैं, उन्होंने मानव जाति को विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए प्रेरित किया है, जिससे कि उसका यहां सुखमय वास हो सके।…

Read More

आखिर कितनी और जान लेगी दहेज प्रथा

pratha

दहेज प्रथा भारत में बहुत बडी सामाजिक बुराइयों में से एक है। आये दिन दहेज के कारण मृत्यु के समाचार सुनने को मिलते हैं। इस दहेज रूपी राक्षस द्वारा माता पिताओं की बहुत सी बेटियां उनसे छीन ली गई है। हमारे समाज में प्रचलित भ्रष्टाचार के कारणों में से अधिकतर दहेज का कारण है। लोग गैर कानूनी रूप से धन संचय करते हैं। क्योंकि उन्हें अपनी पुत्रियों की शादी में दहेज पर भारी खर्च वहन करना पडता है। यह बुराई समाज को खोखला कर रही है। और वास्तविक प्रगति अवरूद्ध हो गई है। दहेज प्रथा वर्तमान भारतीय समाज की ही…

Read More

भारत में लोकतन्त्र का भविष्य

india

भारत विश्व का सबसे बडा लोकतन्त्र है। लगभग 36 करोड से अधिक लोगों को राज्यों की विधान सभाओं और केेन्द्र में लोक सभा के सदस्यों को चुनने के लिए मताधिकार प्राप्त है। 26 जनवरी, 1950 को हमारे संविधान के लागू होेने के पश्चात् लोक सभा के नौ और राज्य विधानसभाओं के लिए इससे भी कई अधिक बार आम चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं। इस पूरी अवधि में लोकतान्त्रिक क्रिया कलाप भारत में भली प्रकार होते रहें हैं, जिन्होंने भारतीय लोकतन्त्र को विश्वसनीयता प्रदान की है। जबकि हमारे पडौस में पश्चिम और पूरब दोनों में ही कुछ हद तक उत्तर में…

Read More

गुट निरपेक्षता ही शान्ति का सहारा

sasasa

गुट निरपेक्षता अन्तर्राष्टी्रय मामलों में एक शक्तिशाली शक्ति बन गयी है। ऐसे समय में जबकि विश्व में दो गुटों के बीच अविश्वास, भय एंव संदेह तथा पारस्पारिक दुश्मनी का बोलबाला है, मानव जाति की मुक्ति के लिए गुट निरपेक्षता की आशा की एक किरण प्रदान करती है। विश्व पर प्रभुत्व जमाने हेतु महाशक्तियों के पास विनाशकारी शक्ति के नाभिकीय अस्त्र हैं; ऐसे समय में गुट निरपेक्षता ही शान्ति का सहारा मालूम पडता है। अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों में गुट निरपेक्षता पूर्ण रूप से नई चीज नहीं है। यह धारणा किसी न किसी रूप में आस्तित्व में रही है। पुराने जमाने में भी…

Read More

समस्या बेरोजगारी की…

unemployment-job-work

रोजगार व्यक्ति की आधारभूत आवश्यकता है’ ईश्वर ने हमें मस्तिष्क और हाथ और पांव दिमाग की अनेक शक्तियाॅ दिल और भावना प्रदान की हैं जिससे कि उनका सदुपयोग किया जा सके और मनुष्य आत्मा-सिद्धि प्राप्त कर सके शायद हमारे जीवन का यही लक्ष्य हो। किन्तु यदि हमारे पास करने को कोई काम नहीं है यदि वर्णित शक्तियां का प्रयोग करने के लिए हमारे पास अवसर ही नहीं तो बहुत सी समस्याएं खडी हो जाती हैं। प्रथम हम अपनी शारीरिक और मानसिक आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर सकते द्वितीय कार्य की अनुपस्थिति में हमें शराफत करना आयेगा। इस प्रकार ऐसे समाज…

Read More

इंदिरा अम्मा कैंटीन अभियान जनता के लिए बनी संजीवनी

indiraamma

राज्य में इंदिरा अम्मा कैंटीन अभियान को जहाँ जनता खुले दिल से इसकी प्रशंसा कर रही है वही रावत सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि बनती जा रही है | इन भोजनालयों के माध्यम से एक ओर जहां उत्तराखंड के पारम्परिक व्यंजनों को प्रोमोट किया जा रहा है वहीं इनके संचालन का दायित्व महिला स्वयं सहायता समूहों को देकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है। इंदिरा अम्मा भोजनालय की अधिक से अधिक कैंटीन स्थापित की जा रही है। अभी तक स्थापित सभी कैंटीनों द्वारा अच्छा प्रदर्शन किया गया है। इनके माध्यम से अल्प आय वालों को सस्ता…

Read More