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अधिकारियों व कार्मिकों को निरन्तर प्रशिक्षण की जरूरत , जानिए खबर -

Tuesday, December 11, 2018

एनआईटी मामला : हाईकोर्ट ने राज्य,एनआईटी और केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने को कहा -

Tuesday, December 11, 2018

जनसंपर्क और मीडिया लोक कल्याणकारी राज्य की प्रमुख विशेषता : राज्यपाल -

Monday, December 10, 2018

मानव अधिकार दिवस : इस वर्ष 2090 वाद में से 1434 वाद निस्तारित -

Monday, December 10, 2018

एकता कपूर व माही गिल गंगाआरती में हुए शामिल -

Monday, December 10, 2018

एकता कपूर और जितेंद्र हरिद्वार में करेंगे महाआरती , जानिए खबर -

Monday, December 10, 2018

पहल : एक साथ विवाह बंधन में बंधे 21 जोड़े -

Monday, December 10, 2018

सीएम ने की विभिन्न निर्माण कार्यों का शिलान्यास, जानिए खबर -

Sunday, December 9, 2018

पौराणिक मेले हमारी पहचान : सीएम त्रिवेंद्र -

Sunday, December 9, 2018

मैड और एनसीसी की टीम ने रिस्पना को किया साफ़ -

Sunday, December 9, 2018

राष्ट्रीय जनसंपर्क सम्मेलन : हिमालय और गंगा राष्ट्र का गौरव -

Sunday, December 9, 2018

दून नगर निगम बढ़ाएगा हाउस टैक्स, जानिए खबर -

Sunday, December 9, 2018

आईएमए पीओपीः 347 कैडेट बने भारतीय सेना का हिस्सा -

Saturday, December 8, 2018

सीएम त्रिवेंद्र 40वें आॅल इण्डिया पब्लिक रिलेशन्स काॅन्फ्रेंस का किया शुभारम्भ -

Saturday, December 8, 2018

कर्ज से परेशान किसान ने की आत्महत्या की कोशिश, हालत गंभीर -

Saturday, December 8, 2018

सीएम त्रिवेंद्र किये कई घोषणाएं , जानिए खबर -

Saturday, December 8, 2018

‘केदारनाथ’ फिल्म के नाम से ऐतराज: सतपाल महाराज -

Saturday, December 8, 2018

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र करेंगे राष्ट्रीय जनसंपर्क सम्मेलन का शुभारंभ -

Friday, December 7, 2018

सीएम एप ने दिलाई गरीब परिवारों को धुएं से मुक्ति, जानिए खबर -

Friday, December 7, 2018

गावस्कर : विराट नहीं भारत के ओपनर करेंगे सीरीज का फैसला -

Friday, December 7, 2018

इंदिरा अम्मा कैंटीन अभियान जनता के लिए बनी संजीवनी

indiraamma

राज्य में इंदिरा अम्मा कैंटीन अभियान को जहाँ जनता खुले दिल से इसकी प्रशंसा कर रही है वही रावत सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि बनती जा रही है | इन भोजनालयों के माध्यम से एक ओर जहां उत्तराखंड के पारम्परिक व्यंजनों को प्रोमोट किया जा रहा है वहीं इनके संचालन का दायित्व महिला स्वयं सहायता समूहों को देकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है। इंदिरा अम्मा भोजनालय की अधिक से अधिक कैंटीन स्थापित की जा रही है। अभी तक स्थापित सभी कैंटीनों द्वारा अच्छा प्रदर्शन किया गया है। इनके माध्यम से अल्प आय वालों को सस्ता…

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चुनाव न समझ महापर्व समझे ….

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हम सभी अब सबसे बड़ा महापर्व मनाने की और है | यह पर्व न ही हिन्दू का है , न ही मुस्लिम का है और न ही सिख और ईसाई का है , यह पर्व सम्पूर्ण धर्म एवम् जाति का मिला हुआ समावेश है जिसको हम लोग बड़ी ही सादगी से मनाते है | तभी तो कहा गया है कि भारत की संस्कृति में विविधता में भी एकता है | हम सभी इस महापर्व की विवेचना करे तो तो इससे यही निष्कर्ष निकलता है कि हम कितने सच्चाई से इस महापर्व को मनाते है | हम जिस सौहार्द से ईद…

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”अब फेंकना बंद करो खोजना शुरू करो”

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भैया लोग जिसको झंडा फहराना था फहरा लिये, जिसको भाषण जरूरत से अधिक देना था दे दिए , जिसको फेसबुक व्हाट्सअप पर स्वतंत्रता दिवस मनाना था मना लिये, अब तो २५ दिन होने को है पर अबतक भारतीय वायुसेना के मालवाहक विमान एएन-३२ के बारे में कोई सुराग नहीं मिला है, उसमें २९ लोग सवार थे। ये विमान २५.७.२०१६ को सुबह ८.३० बजे चेन्नई एयरपोर्ट से पोर्ट ब्लेयर जाने के लिए उड़ी थी । अब तो लगो आपलोग इस अभियान में…. , ये मीडिया वाले, राष्ट्रवादी, मंत्री-संत्री, बाबा-तांत्रिक, सब कहाँ सो गये है !!! कुम्भकरण के पताल का रास्ता खोजने…

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क्या है लोकतंत्र ७० साल मे न लोक जान पाये न तंत्र….

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कल एक सरकारी स्कुल का 12-13 वर्ष का विद्यार्थी हाथ में तिरंगा झंडा लेकर जा रहा था, मैंने कौतूहलवश पूछा कि ये क्या है, उसने कहा ‘अंकल 15 अगस्त को मैं और मेरी छोटी बहन अपने टपरे पर झंडा वंदन करेंगे’ मैंने कहा “बेटा ये तो बहुत अच्छी बात है, एक बात और बताओ, लोकतंत्र का मतलब समझते हो…???”उसका जवाब सुनकर मेरे पैरोँ तले जमींन ही खसक गयी, पढ़िए उसका जवाब क्या था | “अंकल,15 अगस्त 47 को हमारा देश आजाद हुआ था,उसके बाद हमारे यहाँ लोकतंत्र आया, दादाजी बताते है की अंग्रेजो ने बहुत अत्याचार किये, लेकिन अंग्रेज़ो में…

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मन व्यथित है, घृणा से भरा है ….

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बुलंदशहर हाईवे पर हुई गैगरेप की घटना ने समाज के नैतिक पतन की पराकाष्ठ पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है !!!!आखिर इंसान किस स्तर तक गिर गया है !!क्या देश के ये कानून रोक पाएँगे बलात्कार जैसी घटनाएं ?? आखिर कितनी दामिनी और बनाएगा ये निच पशु समाज….सोच कर रूह काँप उठती है की क्या गुजरा होगा उस परिवार के साथ…एक पिता के सामने उसकी पत्नी और पुत्री के साथ रेप…घृणा हो रही है… थूकने को मन…थू थू थू थू…. सारे आरोपियों को बिच चौराहे पर बोटी-बोटी काट दिया जाए तो भी कम है….गैंगरेप की शिकार हुई नाबालिग बेटी के पिता…

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शिक्षा का होता व्यापार, जनता है लाचार

एक ओर देश के प्रधानमंत्री जहां देश में बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अभियान को चलाकर शिक्षा पर जोर दे रहे हैं। दूसरी ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री निजी स्कूलों में भी गरीब बच्चों के दाखिले देने की बात कर रहे हैं, रि-एडमिशन बंद करने की बात कर रहे हैं । लेकिन इसके उलट इन स्कूलों में गरीब बच्चों के दाखिले तो दूर बल्कि अमीर लोगों को भी शिक्षा के मन्दिर के नाम पर खोली हुई इन दुकानों में अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए पसीने आ रहे हैं। आपको बता दें कि देश के अन्दर ऐसे दर्जनों स्कूल हैं जो सरकार के…

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जागरूकता केवल दिवस पर ही क्यों ?

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देश में जब भी जागरूकता रूपी दिवस मनाई जाती है उस दिवस पर जो भी जागरूकता का संदेश या कार्य संदेश होता है वह उसी दिन के लिए क्यों सिमट जाती है यह एक सोचनीय विषय है | वैसे तो देश में जागरूकता रूपी दिवस अधिकांशतः मानते है परन्तु हम बात करेंगे मुख्यतः अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस , विश्व नशा मुक्ति दिवस, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर | सबसे पहले अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस की बात करें तो देश में सरकारी और गैर सरकारी संगठन पौधे लगाने के साथ साथ पेड़ को न काटने रूपी संदेश और इस पर उस दिन अधिकाधिक संख्या…

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अधिकारी , राजनीतिक दबाव और राजनेता

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देश में जिस तरह से राजनीतिक दबाव अपनी पैर पसार रही है यह देश के लिए अच्छा संकेत नहीं है | देश में लगभग सभी विभागों में राजनीतिक दबाव इतनी हावी होती जा रही है जिसका अंदाजा आने वाले समय में लगाना बहुत ही कठिन होगा | देश में राजनीतिक दबाव का सबसे बड़ा असर पुलिस विभाग में होता है | दबाव के रास्ते से देश के नेताओ द्वारा खुद ही सही गलत का निर्णय लेना कितना उचित है यह आप वर्तमान समय में देख ही रहे है | उच्च स्तर से लेकर निचले स्तर तक के अधिकारियों का अधिकारी…

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पार्टी सदस्य बनाम सामाजिक सदस्य

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हाल ही में देश में सम्पन्न हुए राज्य सभा चुनाव में बहुत कुछ देखने और सिखने को मिला | यहा देखने का अभिप्राय राजनीतिक पार्टियों का एक दूसरे को पटकनी देने के लिए किस हद तक जा सकते है उससे है वही सिखने का अभिप्राय पार्टियों द्वारा नेताओ को ही राज्य सभा भेजने से है | इसी होड़ में राज्यो की समस्या और मुद्दे एक डिब्बे में बन्द के बराबर है | क्यों न ऐसा हो लोक सभा का जिस तरह से अधिकाँश सदस्य राजनीतिक पार्टियों के सदस्य होते है इसी क्रम में राज्य सभा के अधिकतर सदस्य जमीन से…

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खेल संगठनों में ना हो राजनीति का “फिक्स” खेल

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सम्पादक – अरुण कुमार यादव देश के हर क्षेत्र में नेताओ का प्रभुत्व बढ़ना किस हद तक सही है यहा हर क्षेत्र का मतलब खेल संगठन , कला संगठन से है | खेल संगठनो में क्रिकेट क्षेत्र की बात करे तो इस संगठन में अध्यक्ष पद पर मानो राजनीति दल से जुड़े नेताओ के लिए आरक्षित हो | क्रिकेट का सही ज्ञान तो दूर की बात क्रिकेट के सभी नियम तक मालुम नही होते है वह क्या एक अच्छे खिलाड़ियों के साथ इन्साफ दे सकते है जवाब नही का ही आएगा | प्रातिभा गुरु के चरण मागती है पर यहाँ…

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