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’संपर्क फ़ॉर समर्थन’ अभियान की तरफ कदम दर कदम, जानिये खबर -

Sunday, June 24, 2018

जुलाई में उत्तराखण्ड में दस्तक देगा मानसून -

Sunday, June 24, 2018

पर्वतीय क्षेत्र में एनसीसी मुख्यालय एवं एकेडमी के लिए जगह होगी उपलब्ध -

Sunday, June 24, 2018

उदय शंकर नाट्य अकादमी में कलाकारों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां -

Sunday, June 24, 2018

पौधारोपण के क्षेत्र में मैती आंदोलन के प्रयास सराहनीय : सीएम त्रिवेन्द्र -

Sunday, June 24, 2018

उत्तराखण्ड में शूटिंग करना मेरा सौभाग्य : मधुरिमा तुली -

Sunday, June 24, 2018

महाराष्ट्र व उत्तराखण्ड के सूचना विभाग ने साझा किये अपने अपने अनुभव -

Sunday, June 24, 2018

अनुसूचित जाति व जनजाति में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने पर फोकस : सीएम त्रिवेंद्र -

Saturday, June 23, 2018

‘‘ओक तसर विकास परियोजना’’ का सीएम त्रिवेंद्र ने किया शुभारम्भ -

Saturday, June 23, 2018

चैलाई के प्रसाद के रूप में तीन गुना मिल रहा फायदा, जानिए ख़बर -

Saturday, June 23, 2018

अमित शाह 24 जून को दून दौरे पर, जानिए ख़बर -

Saturday, June 23, 2018

औद्योगिक विकास योजना को लेकर कार्यशाला का आयोजन, जानिए ख़बर -

Saturday, June 23, 2018

साहसिक पर्यटन गतिविधियों पर रोक के फैसले का अध्ययन किया जा रहा : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र -

Friday, June 22, 2018

हाईकोर्ट ने गंगा में राफ्टिंग सहित सभी वॉटर स्पोर्ट्स पर लगया बैन जानिए ख़बर -

Friday, June 22, 2018

सीएम ने की अनेक विभागो के कार्यो की जनपदवार समीक्षा , जानिए ख़बर -

Friday, June 22, 2018

पति ने पत्नी को पीटने की मांगी इजाजत जानिए ख़बर -

Friday, June 22, 2018

देश की रक्षा के लिए उत्तराखंड का एक और लाल शहीद -

Friday, June 22, 2018

फिल्म ‘सत्यमेव जयते’ का पहला पोस्टर रिलीज़ -

Friday, June 22, 2018

जम्मू कश्मीर में एनएसजी कमांडो तैनात, करेंगे आतंकियों का सफाया -

Friday, June 22, 2018

यात्रियों को विमान से उतारने के लिए AC किया तेज़, जानिए ख़बर -

Friday, June 22, 2018

सरकारी विद्यालयों की दुर्दशा के लिए दोषी कौन ?

हम सबके घरो के आस-पास कोई न कोई सरकारी विद्यालय या प्राइमरी विद्यालय तो होगा ही, परन्तु शायद ही मतदान करने के लिए मतदान दिवस के सिवा हम सबने उसकी तरफ देखा होगा, क्लेमेंट टाउन क्षेत्र में करीबन 15 से ज्यादा सरकारी विद्यालय अथवा प्राथमिक विद्यालय है, लेकिन इन सबकी हालत देख कर लगता है, कि सरकार ने कोई योजना ही ना बनाई हो, सरकारी विद्यालयों के लिए | लेकिन गूगल करने पर पता चला, की सर्व शिक्षा अभियान, मिड डे मिल, शिक्षा का अधिकार जैसी योजनाओं पर हजारो करोड़ रु. खर्च हो चुका है, और ऐसा नही है कि…

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आप की कलह से धूमिल हुई वैकल्पिक राजनीति की उम्मीद

जो घटनाक्रम इन दिनों आम आदमी पार्टी में चल रहे है | यकीनी तौर पर वह उनका अंदरूनी मामला है और नैतिक रूप से हमे उस पर लिखने बोलने का हक भी नही बनता | पिछले कई दिनों से खुद को रोके हुए था ‘आप की कलह’ पर सम्पादकीय लिखने से | क्यूंकि उम्मीद ये थी कि आज नही तो कल “आप” के वरिष्ठ नेता आपस में बैठकर मामले का हल निकाल ही लेंगे | पर अब जब मिडिया में ये खबरे आने लगी है की योगेन्द्र यादव और प्रशांत भूषण आम आदमी पार्टी के अन्य असंतुष्ट नेताओ के साथ…

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नदी या नाला (देहरादून की नदियों की व्यथा कथा)

इस बार की व्यथा कथा में है, देहरादून की नदियों की कहानी पहचान एक्सप्रेस के स्थानीय ब्यूरो  चद्रशेखर की जबानी रिस्पना, बिंदाल, सोंग, टोंस, इन सबके पीछे नदी शब्द का प्रयोग करना भी बड़ा अटपटा लगने लगा है, जब भी आप और मैं इसके आस-पास से निकलते होंगे, तो हर बार इसे एक गंदे नाले की तरह ही देखते है | अज किसी 80 के धसक के बाद के जन्मे उत्तराखंड वासी को पूछे, और बोले की ये तीन कभी देहरादून के एक बड़े हिस्से को जलापूर्ति करते थे, और इनका पानी पूरी तरह साफ़ था, तो आपको अपनी बात…

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शहरो की रेडीमेड शादिया और गाँवो की पर्मानेंट

city-vs-village

हमारे देश में जहा एक ओर शादी का वातावरण और रस्म पुराने समय के जैसा उसी तरह महक बिखेरी हुई है वहीँ दूसरी तरफ शादी का रस्म और वातावरण केवल खानापूर्ति रह गया है.देश के गाँव वहीँ छोर है जहां शादी का रस्म और वातावरण दोनों को आज के समय में बाधे हुए है.वहीँ दूसरा छोर शहर है जो शादी के इन रस्मो को रेडीमेड बनाते जा रहे है.गाँव में शादी के समय में जिस घर में शादी का माहोल होता है वह शहर के लिए सिखने के बराबर है.जहां शादी के समय में घर का हर रिश्तेदार एक साथ…

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भू – अध्यादेश,किसान और भारत सरकार

farmer-in india

भूमि अध्यादेश किसानो के लिए एक ऐसा जंजाल है जो सही और गलत का निर्णय भी उनके लिए बेईमानी लगती है.देश में अनेक किसान ऐसे है जिनका सब कुछ लेदेकार केवल उनकी जमीन ही पूँजी सरीक है.यही किसान अपनी जमीन को बेचने या देश के विकास के लिए जमीन को देने में नही हिचकता परंतु किसान अपनी जमीन का सही हक चाहता है.इनसब पर गौर किया जाय तो किसानो की पूँजी ही उनकी एक मात्र जीवन का दर्पण है उनकी भूमि.मोदी सरकार द्वारा भू अध्यादेश तो आया लेकिन किसानो के लिए कितना हितकर होगा ये तो दूर की बात है पर उससे…

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स्वच्छ्ता अभियान का आइकॉन समझे या देश का दुर्भाग्य

desh ka bhavisy kaha ja raha

कूड़े बीनने वाले बच्चो को स्वच्छता अभियान का आइकॉन समझा जाय या देश का दुर्भाग्य समझा जाय . जिस तरह भारत सरकार अलग अलग अभियान प्रचार प्रसार के माध्यम से लोगो के बीच पहुचाती है ठीक उसी तरह ऐसे बच्चो के लिए अभियान क्यों नहीं देश की तरकी तभी होगी जब देश के भविष्य यानी बच्चो का भविष्य उज्जवल किया जाए . भारत सरकार और प्रदेश सरकार मिल कर इसके प्रति अभियान चलाये जिससे ऐसे बच्चो के भविष्य के साथ साथ उनके परिवार का भी भविष्य बनाया जा सके . ऐसे एक बच्चे का भविष्य सुधरना मतलब उनके पुरे परिवार…

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आतंकवाद, इस्लाम और मासूम युवा

hamla

पूरे विश्‍व के लिये आतंकवाद एक ऐसी समस्या है जो ज़ड़ से जब तक समाप्त नहीं होगा एसे ही समाज के लिये शैतान के रूप मे बनी रहेगी.लगभग पूरा देश आतंकवाद से जुझ रहा है . आतंकी हमले की बात करे तो हाल ही में पाकिस्तान के पेशावर के एक स्कूल में आतंकियों ने जिस तरह से मासूमो पर आतंक फैलाया इसके बाद फ्रांस में एक साप्ताहिक पत्रिका के दफ्तर पर हमला कर आतंकियों ने दस पत्रकारों को मारा इतना ही नहीं अमेरिका से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक आतंकियों का आतंक बना हुआ है . जितने आतंकी संगठन है वे मासूम…

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