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अपने सपने : पर्यावरण बचाने हेतु बच्चो ने किया लोगो को जागरूक -

Thursday, July 19, 2018

बहाली की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन का 79वा दिन, जानिये खबर -

Thursday, July 19, 2018

ऋषि कपूर की फिल्म “मुल्क” को U/A सर्टिफिकेट, जानिये खबर -

Thursday, July 19, 2018

जिंदा रहने के लिए गुफा की चट्टानों से टपकते पानी का किया इस्तेमाल , जानिये खबर -

Thursday, July 19, 2018

सुप्रीम कोर्ट ने खोले महिलाओ के लिए सबरीमाला मंदिर का द्वार ,जानिये खबर -

Thursday, July 19, 2018

उत्तराखंड : जर्मन डेवलपमेंट बैंक स्वच्छ पेयजल और गंगा सफाई के लिए देगा 960 करोड़ -

Wednesday, July 18, 2018

गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिले मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत -

Wednesday, July 18, 2018

डॉ. हाथी का रोल कर सकते हैं सतीश कौशिक, जानिये खबर -

Wednesday, July 18, 2018

100 का नया नोट होगा ऐसा , नोटों की छपाई शुरू -

Wednesday, July 18, 2018

एयर होस्टेस अनीशिया बत्रा की मौत मामले में आरोपी पति गिरफ्तार -

Wednesday, July 18, 2018

“स्पेशल बच्चों” का जीवन संवार रही है मणि , जानिये खबर -

Wednesday, July 18, 2018

खुलेगा सीबीएसई का ट्रेनिंग सेंटर देहरादून में , जानिये खबर -

Tuesday, July 17, 2018

अंतरिक्ष उपयोग केन्द्र के निदेशक के खिलाफ प्रदर्शन हुआ तेज , जानिए खबर -

Tuesday, July 17, 2018

विलुप्त हो रही संस्कृति के संरक्षण हेतु मेलों का हो आयोजन : मुख्यमंत्री -

Tuesday, July 17, 2018

18 युवकों से रचाई शादी,लुटेरी दुल्हन हुई गिरफ्तार -

Tuesday, July 17, 2018

मोदी व अमित शाह को खून से लिखा पत्र -

Tuesday, July 17, 2018

हरेला पर कोसी नदी के पुनर्जीवन अभियान का सीएम त्रिवेंद्र ने किया शुभारम्भ -

Monday, July 16, 2018

क्रोएशिया को हरा फ्रांस 20 साल बाद बना चैंपियन -

Monday, July 16, 2018

मोहम्मद शहजाद बसपा से निष्कासित, जानिये खबर -

Monday, July 16, 2018

लकवाग्रस्त बीरा को हेल्पेज ने दिया सहारा, जानिये खबर -

Monday, July 16, 2018

गांव में नहीं थी बस की सुविधा तो खुद ही थाम लिया स्टेयरिंग

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जब कोई भी यदि अच्छी जिद्द ठान ले तो वह पूर्ण जरूर होता है ऐसा ही काम किया है एक गाँव की बेटी प्रियंका ने | गांव के अड्डे पर बस न रुकना प्रियंका को इतना नागवार गुजरा कि उसने खुद ही चालक बनने की ठान ली। विदित हो की इसके बाद तो चरखी दादरी डिपो के ट्रेनिंग सेंटर में उसने दाखिला भी ले लिया। तकरीबन डेढ़ माह की ट्रेनिंग के बाद मेहनत रंग लाई तो अधिकारी भी उसके लगन और कुशलता के कायल हो गए। इतना ही नहीं उसे ट्रेनिंग के दौरान सर्वोच्च चालक के खिताब से भी नवाजा…

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फुटपाथ पर रहने वाले बच्चे निकालते हैं अखबार, चार राज्यों में इनका है नेटवर्क

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यह खबर आप को चौका देगी लेकिन यह सत्य है साथ ही साथ आप कभी नहीं सुना होगा की बच्चे अपना खुद का अखबार भी चलाते हों? मगर ऐसा दिल्ली में कुछ बच्चे खुद रिपोर्टिंग कर अपना खुद का अखबार चलाते हैं. दिल्ली क गौतम नगर में कुछ बच्चे अपना खुद का अखबार ‘बालकनामा’ नामक नाम से चलाते है| विदित हो की यह अखबार पूरी तरह बच्चों के लिए ही है | इसकी शुरुआत सन 2003 में हुई थी | इससे आश्चर्य की बात यह है की इस अखबार की रिपोर्टर कोई खास बच्चे नहीं, बल्कि सड़कों पर काम करने…

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हजब्बा संतरे बेच बेच कर गरीब बच्चों के लिए किया स्कूल का निर्माण

कर्नाटक में मेंगलोर के रहने वाले हरेकला हजब्बा यूं तो कहने के लिए अनपढ़ हैं, लेकिन समाज में ज्ञान का प्रकाश फैला रहे हैं। डेक्कन क्रॉनिकल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 30 साल से संतरे बेचकर अपना गुजारा चलाने वाले हजब्बा ने पाई-पाई जोड़कर अपने गांव में गरीब बच्चों के लिए एक स्कूल का निर्माण करा दिया है। यही नहीं, अब वह एक कॉलेज बनाने का सपना पूरा करना चाहते हैं।कर्नाटक में मेंगलोर के रहने वाले हरेकला हजब्बा यूं तो कहने के लिए अनपढ़ हैं, लेकिन समाज में ज्ञान का प्रकाश फैला रहे हैं। डेक्कन क्रॉनिकल में छपी रिपोर्ट…

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काश रानू द्विवेदी गरीबी के साथ साथ आरक्षण जाति के अंतर्गत आती …. .

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कानपुर में एक छोटा सा रेलवे स्टेशन है उसके बाहर एक झोपडी में छोटा सा ढाबा है जहा रिक्शेवाले , कुली , ऑटो ड्राईवर यही लोग उसके ग्राहक है | मै बचपन से वहा जाती थी खेलने , ढाबे में मेरे बराबर की एक ” रानू द्विवेदी ” लड़की भी रहती थी उससे मेरी दोस्ती हो गयी हम दोनों रोज स्टेशन की सीढियों ओर प्लेटफ़ॉर्म पर खेलते थे | साथ साथ खेलते खेलते हम दोनों आपस में पढाई के बारे में भी बात करते थे , वो मुझ से एक क्लास आगे थी और किसी छोटे से स्कूल में पढ़ती…

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दिव्यांग ने उठाया समाज को जाग्रत करने का बीडा

pehchan

हरिद्वार। मन में यदि हो विश्वास तो शरीर की अपंगता मायने नहीं रखती। कहानी है देवभूमि उत्तराखंड में निवास करने वाली एक ऐसी बाला की जिसकी निष्ठा के कारण अपनी अपंगता को धता बताते हुए एक नये जीवन की शुरूआत ही नहीं बल्कि अपने जैसों के लिए प्रेरणा का सजीव उदाहरण भी प्रस्तुत किया। जयपुर निवासी मैकेनिकल इंजीनियर जय सिंह यादव की 26 वर्षीया दिव्यांग पुत्री कोमल ने जन्म से मिली मानसिक विकलांगता और शारीरिक वाध्यता को दर किनार करते हुए समाज को नई दिशा देने का बीडा उठाया। कोमल ने शांतिकुंज में स्थित श्रीरामपुरम् के नचिकेता भवन के निकट…

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दुल्हन को बैसाखी से चलता देख दूल्हे ने गोद में उठाकर पूरी की सभी रस्मे

pehchan

इंदौर। वरमाला के बाद अपनी दुल्हन को बैसाखी से चलता देख दिव्यांग दूल्हे से रहा नहीं गया और वो उसे गोद में उठाकर अन्य रस्में निभानें के लिए चल दिया। खास बात ये है दूल्हा खुद भी पोलियोग्रस्त है। अपने जीवन साथी का ऐसा प्रेम देख दुल्हन खिलखिला उठी और लोग ताली बजाते हुए बोल उठे एक सच्चे जोड़े की शुरुआत | विदित हो की ऐसी खबरें समाज के लिए एक अच्छा आदर्श का संगम बनाती आ रही है |

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उत्तराखण्ड की झोली में रोहित ने डाला योग ओलम्पियाड-२०१६ का रजत

UK

हरिद्वार। उत्तराखण्ड की झोली में योग ओलम्पियाड-२०१६ का रजत पदक डालने वाले रोहित यादव को सम्मानित करने वालों की शृंखला में निरंतर विकास होता जा रहा है। गायत्री विद्यापीठ के इस छात्र ने मात्र ११ वर्ष की उम्र में योग की १५० से अधिक आसनों का प्रस्तुतिकरण करके लोगों को आश्चर्य चकित कर दिया। देश के २१ राज्यों के मध्य हुई कड़ी स्पर्धा में प्रदेश की झोली मे आये इस एकमात्र पदक ने योग के धरातल पर जहाँ बाल उपलब्धि को रेखांकित किया, वहीं विश्व मंच पर कीर्तिमान स्थापित करने की प्रेरणा भी प्रदान की। केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति…

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महेश अब तक 472 बेटियों का कर चुके हैं कन्यादान

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एक ऐसे शख्स के बारे में आज हम आप को बताने जा रहे है जो दो-चार या छह दर्जन नहीं, सौ डेढ़ सौ भी नहीं पूरी 472 बेटियों का बाप है। और इनके अंदर यही नहीं रुका है बेटियां बढ़ाने की ललक। हर साल वो अपने कुनबे में बेटियां बढाता जा रहा है। बेटियों की संख्या बढ़ाने में उसकी पत्नी का योगदान सबसे ज्यादा है। जी, हां इस शख्स का नाम है महेश सावनी। बता दे की महेश सावनी की कुछ बेटियां हिंदु हैं को कुछ मुसलमान, कुनबा बढ़ाने में वो धर्म या मज़हब को आड़े नहीं आने देता। विदित…

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फुटपाथ पर भूखे सो रहे असहाय जरूरतमंद लोगों को खाना खिलाने का कार्य कर रही अपने सपने

APNE-SAPNE

देहरादून। देहरादून में एक ऐसी संस्था जिनके सभी सदस्य अपने सपने को उन भूखे असहाय जरूरतमंद लोगो के लिए समर्पित कर दिया है | यह संस्था है अपने सपने जो भूख -‘हर पेट में रोटी’ अभियान के तहत संस्था सदस्य रात्रि में देहरादून के सड़कों पर स्थित फुटपाथ पर भूखे सो रहे असहाय जरूरतमंद लोगों को खाना खिलाने का कार्य करती है। अपने सपने संस्था रेस्टोरेंट, घरों , वेडिंग पॉइंट से खाने को एकत्रित कर भूखे लोगों को खिलाती है। साथ ही साथ संस्था देहरादून के होटलो, रेस्टोरेंट, वेडिंग पॉइंट, और घरों से खाना न फेंकने की अपील भी कर…

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‘सरकार’ हो तो ऐसी

AAP

दिल्ली में दो साल के समय में परिवर्तन देखने को मिली है यह हम नही वहाँ की जनता दिल खोल कर केजरीवाल सरकार की प्रशंसा कर रही है | केजरीवाल सरकार को जनता द्वारा प्रशंसा ऐसे ही नही मिल रही है बल्कि सरकार द्वारा किये गए विकास इसके निगेबान है | जिस तरह से केजरीवाल सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी स्कूलों की दशा प्राइवेट स्कूलों जैसी कर दी, वही जारी बजट से भी कम बजट में ब्रिज का निर्माण करना, भ्रस्टाचार पर नकेल कसना, स्वास्थ के क्षेत्र में मोहल्ला क्लिनिक बनाना , प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमानी फ़ीस पर पूर्णत…

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