Breaking News:

देहरादून में शुरू हुआ सैनिटाइजेशन का कार्य, जानिए खबर -

Saturday, June 6, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में कोरोना मरीजो की संख्या 1303 -

Saturday, June 6, 2020

सोशल मीडिया पर कार्तिक आर्यन की मां की चर्चा , जानिए खबर -

Saturday, June 6, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में कोरोना मरीजो की संख्या हुई 1245 , जिनमे 422 मरीज हुए ठीक -

Saturday, June 6, 2020

नेक कार्य : सोनू सूद ने जहाज बुक कर उत्तराखंड के प्रवासियों को घर भेजा -

Saturday, June 6, 2020

गैरसैण बनेगी ई-विधानसभा : सीएम त्रिवेंद्र -

Friday, June 5, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में कोरोना मरीजो की संख्या हुई 1215 , ठीक हुए मरीजो की संख्या हुई 344 -

Friday, June 5, 2020

“उत्तराखंड की शान भैजी विरेन्द्र सिंह रावत” ऑडियो वीडियो का हुआ शुभारम्भ -

Friday, June 5, 2020

डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी -

Friday, June 5, 2020

कोरोना से बचे : कोरोना मरीजो की संख्या हुई 1199, देहरादून में 15 नए मामले मिले -

Friday, June 5, 2020

7 जून से “एसपीओ” द्वारा राष्ट्रीय ऑनलाइन योगा प्रतियोगिता का आयोजन -

Friday, June 5, 2020

उत्तराखंड : 10वीं च 12वीं की शेष परीक्षाएं 25 जून से पहले होंगी -

Friday, June 5, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में आज कोरोना मरीजो की संख्या हुई 1153 आज 68 नए मरीज मिले -

Thursday, June 4, 2020

पांच जून को अधिकांश जगह बारिश की संभावना -

Thursday, June 4, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में आज कोरोना मरीजो की संख्या हुई 1145 -

Thursday, June 4, 2020

जागरूकता और सख्ती पर विशेष ध्यान हो : सीएम त्रिवेंद्र -

Thursday, June 4, 2020

दुःखद : बॉलीवुड कास्टिंग निदेशक का निधन -

Thursday, June 4, 2020

वक्त का फेर : चैम्पियन तीरंदाज सड़क पर बेच रही सब्जी -

Thursday, June 4, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में आज कोरोना मरीजो की संख्या 1085 हुई , 42 नए मरीज मिले -

Wednesday, June 3, 2020

अभिनेत्री ने जहर खाकर की खुदकुशी, जानिए खबर -

Wednesday, June 3, 2020

केरल के ये जिलाधिकारी है सबके लिए नज़ीर

डीएमएक तरफ लगातार प्रशासनिक अधिकारियो पर काम ना करने के आरोप लगते रहते है | वंही दूसरी ओर केरल के कोझिकोड के डीएम एन प्रशांत ने एक ऐसी नज़ीर पेश की है, जो देश के अन्य अधिकारियो के लिए प्रेरणा योग्य है |

मामला यह है की प्रशांत ने अपने जिले के एक मनोरोग अस्पताल का दौरा किया था | जंहा उन्हें बहुत दर्दनाक स्थिति देखने को मिली, उन्होंने उस अस्पताल के दौरे के विषय में अपने फेसबुक पेज पर मलयालम में लिखा, “मैनें देखा कि एक बुजुर्ग मां जिसे रिश्तेदारों ने नकार दिया है, एक मानसिक रूप से कमजोर भाई को छोड़ दिया गया है और एक बहन जो अस्पताल से भी निकलने से डरती है, क्योंकि वह पूर्व में हुए यौन उत्पीड़न से उबर नहीं पाई है।”

उन्होंने अस्पताल के स्टाफ की बहुत प्रशंसा की है, उन्होंने कहा की अस्पताल का स्टाफ मरीजों की देखभाल बहुत अच्छे से करता है | उन्होंने अस्पताल अधीक्षक द्वारा दी गई जरूरी वस्तुओ की सूची भी सोसल नेटवर्किंग साईट पर साझा की | इसके बाद लगातार प्रतिक्रियाये आने लगी और उन्हें बिना सरकारी मदद के ही यह सब वस्तुए एकत्रित करने में आसानी हो गयी | इस बारे में प्रशांत का कहना  है की इन जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकारी प्रक्रिया का इंतजार नहीं किया जा सकता। इसीलिए मैंने सामान की सूची फेसबुक पर साझा की और लिखा “कोझिकोड के लोग रहम दिल हैं।”

और जैसा उन्होंने सोचा था वैसा ही हुआ, लोगो को खुले हाथ से अस्पताल के लिए मदद पहुंचानी शुरू कर दी | जो अधिकारी जनता से जुड़े कार्यो के लिए फंड का रोना रोते है, उनके लिए यह खबर जरुर नज़ीर की तरह है |

Leave A Comment