Breaking News:

डब्ल्यूआईसी इंडिया में फोटो प्रदर्शनी को कला प्रेमियों ने सराहा -

Saturday, July 21, 2018

देशभर में सेब का हब बन सकता है उत्तराखण्ड, जानिये खबर -

Saturday, July 21, 2018

सीएम त्रिवेंद्र कल केरवां गांव से रिस्पना पुनर्जीविकरण का करेंगे शुभारंभ -

Saturday, July 21, 2018

2026 में FIFA वर्ल्ड कप खेल सकता है भारत यदि …. -

Saturday, July 21, 2018

त्रिवेंद्र सरकार उत्तराखंड की जनता के सपने को कर रही साकार , जानिये खबर -

Friday, July 20, 2018

पूजा बेदी द्वारा फिक्की फ्लो के लिए ‘लाइफ ट्रांसफॉर्मेशन’ कार्यशाला -

Friday, July 20, 2018

पर्यटन व वन विभाग के मध्य उचित समन्वय आवश्यक : मुख्यमंत्री -

Friday, July 20, 2018

धरती के इतिहास में वैज्ञानिकों ने खोजा ‘मेघालय युग’ जानिये खबर -

Friday, July 20, 2018

सोनाली बेंद्रे ने बेटे रणवीर के लिए लिखी दिल छू जाने वाली बातें , जानिये खबर -

Friday, July 20, 2018

विकास कार्यों में धीमापन बरदाश्त नहींः मुख्यमंत्री -

Friday, July 20, 2018

सड़क पर पानी में खड़े होकर संभाला ट्रैफिक,जानिये खबर -

Friday, July 20, 2018

नैनीताल विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्यों की सीएम त्रिवेन्द्र ने की समीक्षा -

Thursday, July 19, 2018

एम्स ऋषिकेश पहुंचकर सीएम ने बस दुर्घटना के घायलों का जाना हाल-चाल -

Thursday, July 19, 2018

अपने सपने : पर्यावरण बचाने हेतु बच्चो ने किया लोगो को जागरूक -

Thursday, July 19, 2018

बहाली की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन का 79वा दिन, जानिये खबर -

Thursday, July 19, 2018

ऋषि कपूर की फिल्म “मुल्क” को U/A सर्टिफिकेट, जानिये खबर -

Thursday, July 19, 2018

जिंदा रहने के लिए गुफा की चट्टानों से टपकते पानी का किया इस्तेमाल , जानिये खबर -

Thursday, July 19, 2018

सुप्रीम कोर्ट ने खोले महिलाओ के लिए सबरीमाला मंदिर का द्वार ,जानिये खबर -

Thursday, July 19, 2018

उत्तराखंड : जर्मन डेवलपमेंट बैंक स्वच्छ पेयजल और गंगा सफाई के लिए देगा 960 करोड़ -

Wednesday, July 18, 2018

गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिले मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत -

Wednesday, July 18, 2018

राष्ट्रपति ने जारी की राष्‍ट्रीय न्‍यायिक नियुक्‍ति आयोग अधिसूचना

सरकार ने उच्‍चतम न्‍यायालय एवं उच्‍च न्‍यायालयों में न्‍यायाधीशों की नियुक्‍ति की मौजूदा प्रणाली में बदलाव लाने के लिए आज राष्‍ट्रीय न्‍यायिक नियुक्‍ति आयोग अधिनियम, 2014 और संविधान (99वां संशोधन) अधिनियम, 2014 को अधिसूचित किया।

prnbda

‘संविधान (121वां संशोधन) विधेयक, 2014’ और ‘राष्‍ट्रीय न्‍यायिक नियुक्‍ति आयोग विधेयक, 2014’ नामक दो विधेयक 13 अगस्‍त, 2014 को लोकसभा में और 14 अगस्‍त 2014 को राज्‍यसभा में सर्वसम्‍मति से पारित हो गए थे। इसके बाद इन विधेयकों का अनुमोदन निर्धारित संख्‍या में राज्‍य विधानसभाओं ने कर दिया और फिर इसके बाद राष्‍ट्रपति की मंजूरी इन्‍हें मिल गई। ‘संविधान (121वां संशोधन) विधेयक, 2014’ को संविधान (99वां संशोधन) अधिनियम का रूप दिया गया, जबकि राष्‍ट्रीय न्‍यायिक नियुक्‍ति आयोग अधिनियम, 2014 को 31 दिसंबर, 2014 को भारत के राजपत्र में प्रकशित किया गया।

यह तय हुआ था कि दोनों ही अधिनियम उस दिन प्रभावी होंगे जिस दिन केंद्र सरकार उन्‍हें सरकारी राजपत्र में अधिसूचित करेगी।

तदनुसार, संविधान (99वां संशोधन) अधिनियम, 2014 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत मिले अधिकारों का उपयोग करते हुए केंद्र सरकार ने 13 अप्रैल, 2015 को वह तिथि तय की, जिस दौरान यह अधिनियम प्रभावी होगा।

इसी तरह ‘राष्‍ट्रीय न्‍यायिक नियुक्‍ति आयोग अधिनियम, 2014’ (2014 का 40) की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत मिले अधिकारों का उपयोग करते हुए केंद्र सरकार ने 13 अप्रैल, 2015 को वह तिथि तय की, जिस दौरान यह अधिनियम प्रभावी होगा।

संविधान (99वां संशोधन) अधिनियम, 2014 में प्रस्‍तावित राष्‍ट्रीय न्‍यायिक नियुक्‍ति आयोग (एनजेएसी) की संरचना एवं कामकाज का जिक्र है।

उपर्युक्‍त अधिनियम में ‘राष्‍ट्रीय न्‍यायिक नियुक्‍ति आयोग’ द्वारा उच्‍चतम न्‍यायालय एवं उच्‍च न्‍यायालयों के न्‍यायाधीशों के चयन के लिए एक पारदर्शी एवं व्‍यापक आधार वाली प्रक्रिया का उल्‍लेख किया गया है। पूर्ववर्ती कॉलेजियम प्रणाली की तरह ही ‘राष्‍ट्रीय न्‍यायिक नियुक्‍ति आयोग’ के अध्‍यक्ष भी भारत के मुख्‍य न्‍यायाधीश ही होंगे। ‘राष्‍ट्रीय न्‍यायिक नियुक्‍ति आयोग’ के सदस्‍यों में उच्‍चतम न्‍यायालय के दो वरिष्‍ठतम न्‍यायाधीश, केंद्रीय विधि एवं न्‍याय मंत्री, भारत के प्रधानमंत्री की कमेटी द्वारा मनोनीत दो जाने-माने व्‍यक्‍ति, भारत के मुख्‍य न्‍यायाधीश और लोकसभा में विपक्ष के नेता अथवा विपक्ष का नेता न होने की स्‍थिति में लोकसभा में सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता शामिल होंगे। ‘राष्‍ट्रीय न्‍यायिक नियुक्‍ति आयोग’ की संरचना को समावेशी बनाने के मकसद से इस अधिनियम में यह कहा गया है कि एक जाने-माने व्‍यक्‍ति को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्‍य पिछड़ा वर्गों, अलपसंख्‍यकों अथवा महिलाओं के वर्ग से मनोनीत किया जाएगा। ‘राष्‍ट्रीय न्‍यायिक नियुक्‍ति आयोग’ अपने नियम खुद ही तैयार करेगा।

Leave A Comment