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उत्तराखंड : सचिवालय ए ने जीता मोनाल कप 2025 का खिताब -

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निशा 6 बार हुई असफल, नहीं हारी हिम्मत बनी आइएएस -

Thursday, December 11, 2025

उत्तराखंड : छोटे-छोटे अपराधों में कारावास की सजा के बजाए अब सिर्फ अर्थ दंड का प्रावधान -

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अंकित तिवारी ने अपने जन्मदिन पर दिया रक्तदान का संदेश, जानिए खबर -

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मोनाल कप : सेमीफाइनल में पहुंची सचिवालय ए और सचिवालय डेंजर्स की टीम -

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इनसे सीखे : गरीबी से लड़कर पवन बने आइएएस -

Wednesday, December 10, 2025

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Tuesday, December 9, 2025

मोनाल कप 2025 : हरिकेन और सचिवालय ईगल्स टीम की बड़ी जीत -

Tuesday, December 9, 2025

रॉयल स्ट्राइकर्स और सचिवालय ए की टीम मोनाल कप प्रतियोगिता के अगले दौर में पहुंची -

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पुष्प वर्षा योग समिति के द्वारा यूनीफॉर्म का हुआ वितरण -

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इंडिगो फ्लाइट्स रद्द होने से शहर-शहर परेशान यात्री -

Saturday, December 6, 2025

दुःखद : ट्रैक्टर-ट्रॉली व बाइक की जोरदार भिड़ंत से गई दो लोगों की जान -

Saturday, December 6, 2025

मोनाल कप : मैच के अगले दौर में पहुँचे सचिवालय रॉयल स्ट्राइकर, सचिवालय ए , सचिवालय वॉरियर्स और सचिवालय पैंथर -

Saturday, December 6, 2025

नौसेना दिवस-2025 : राज्यपाल ने किया डॉक्यूमेंट्री का विमोचन, नौसेना की भूमिका की सराहना की -

Friday, December 5, 2025

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Friday, December 5, 2025



इनसे सीखे : किसान की बेटी बनी अफसर

मध्यप्रदेश | यूपीएससी को देश के सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है इस परीक्षा में कुछ ही अभ्यर्थी सफलता हासिल कर पाते हैं सफलता पाने वाले अभ्यर्थियों में ज्यादातर वह शामिल होते हैं , जो मुश्किलों से लड़कर हार नहीं मानते आज हम आपको ऐसी ही आईएएस अफसर के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने सफलता पाने के बाद सफलता का स्वाद चखा है। आज हम किसान की बेटी के बारे में बात कर रहे हैं जो एक लॉ छात्रा थी उनके लिए आईएएस बनने तक का सफर काफी मुश्किल रहा है यह कहे कहानी है मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर की तपस्या परिहार की। तपस्या ने न केवल यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास की बल्कि ऑल इंडिया 23 वीं रैंक पाकर टोपस ने अपना स्थान बनाया। तपस्या परिहार का जन्म 22 नवंबर 1992 को मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर के जोवा गांव में हुआ था उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा केंद्रीय विद्यालय से पूरी की इसके बाद उन्होंने इंडियन लॉ सोसायटी के लॉ कॉलेज पुणे से कानून की पढ़ाई की।
लॉ की पढ़ाई पूरी करने के बाद तपस्या परिवार ने सिविल सेवा परीक्षा देने का फैसला लिया पहले प्रयास में तपस्या असफल हो गई पहले प्रयास में सफलता मिलने के बाद तपस्या परिहार ने दूसरे प्रयास में काफी मेहनत की और सेल्फ स्टडी पर भी ध्यान दिया। तपस्या ने जब दूसरे प्रयास के लिए पढ़ाई शुरू की तो उनका लक्ष्य था कि ज्यादा से ज्यादा नोट्स बनाएं और मॉडल प्रश्नों को हल करें तपस्या परिहार ने अपनी पढ़ाई की रणनीति बदली, साथ ही कड़ी मेहनत भी कि आखिर उनकी मेहनत रंग लाई और उसन यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2017 में ऑल इंडिया टॉप 23 वी रैंक प्राप्त की।

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