नौकरानी से लेखिका तक का सफ़र जानिए ख़बर
बंगाल के दुर्गापुर में रहने वाली बेबी का जीवन बड़े उतार चढ़ाव से भरा रहा है, बेबी का पूरा नाम बेबी हैल्डर है. जब वो मात्र 4 साल की थीं तो मां छोड़कर चली गईं. 12 साल की उम्र में उनकी शादी कर दी गई. शादी की रात ही पति ने उनका रेप कर दिया. 25 साल तक पति से गालियां सुनने के बाद उन्होंने 2 बच्चों के साथ घर से भागने का फैसला लिया. वो ट्रेन में टॉयलेट के पास बैठकर दिल्ली आ गईं. जहां उन्होंने प्रबोध कुमार से घरेलू मदद मांगी. जो रिटायर्ड मानव विज्ञान प्रोफेसर और महान…
रोजा तोड़ जैन काज़ी ने नेहा को किया रक्तदान, मजहब से ऊपर इंसानियत, जानिए ख़बर
देहरादून | जब मजहब इंसानियत देखती है तो कही न कही समाज मे सिर उठा कर चलने में गर्व महसूस होता है जी हां हर मजहब के लिए सिर उठाने का कार्य किया है देहरादून के मुस्लिम युवक जैन काजी ने | विदित को की श्री महंत इंदिरेश अस्पताल के आईसीयू में भर्ती सहारनपुर जिले के एक गांव की नेहा कश्यप जिसकी उम्र 16 वर्ष है , को पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर जैन काजी ने रोजा तोड़कर अपना रक्त दान किया। श्री महंत इंदिरेश अस्पताल के मीडिया कॉर्डिनेटर भूपेंद्र रतूड़ी के अनुसार सहारनपुर जिले के गांव मुल्लापुर निवासी अनिल कश्यप…
रानीखेत के IAS अमृत त्रिपाठी गरीब छात्रों को करा रहे आईएएस की तैयारी , जानिये खबर
कई गरीब छात्र हैं ऐसे है जो सिविल सर्विस की तैयारी करना चाहते हैं परन्तु पैसे की कमी के कारण उन्हें प्रशिक्षण नहीं मिल पाता है। डीएम अमृत त्रिपाठी ने जो शाहजहांपुर जिले में कार्यरत है उन्होंने इस समाधान के लिए एक अनूठी पहल की है। उन्होंने फैसला लिया है कि अब वह हर रविवार को ऐसे गरीब छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं लगाएंगे। विदित हो की उन्होंने 27 मई को अपनी पहली कक्षा लगाई। अधिकारी अमृत त्रिपाठी के प्रति जानकारी हो की वह खुद उत्तराखंड के छोटी सी जगह रानीखेत से हैं। वहां भी उन्हें सुविधाओं संसाधनों की कमी…
एक कंपनी जो प्लास्टिक कचरे को रीसाइकल कर के कमा रही करोड़ों जानिए ख़बर
प्लास्टिक हमारे ईको-सिस्टम के लिए खतरा तो है, साथ ही प्राकृतिक माहौल को भी बिगाड़ता है, जिससे पौधों, जीव-जंतुओं के साथ-साथ मानव समाज को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मणिपुर की राजधानी इंफाल में बाप-बेटे की एक जोड़ी आम लोगों के घरों के प्लास्टिक कचरे को रीसाइकल करने का काम कर रही है। इंफाल के रहने वाले सडोक्पम इतोंबी सिंह और सडोक्पम गुनाकांता एक रीसाइकलिंग प्रोग्राम की अगुवाई करके एक कंपनी चला रहे हैं, जो लोगों के घरों से निकलने वाले प्लास्टिक के कचरे को रीसाइकल करती है। इतोंबी ने साल 2007 में एस. जे. प्लास्टिक इंडस्ट्रीज नाम…
रोजा तोड़कर बचाई जान जानिए ख़बर
देहरादून। इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं होता है इस बात को आरिफ खान ने सही साबित किया है, आरिफ खान ने रोजा तोड़कर एक युवक की जान बचाई है, मैक्स अस्पताल में भर्ती 20 वर्ष अजय बिजल्वाण की हालत बेहद गंभीर है और आइसीयू में है। लीवर में संक्रमण से ग्रसित अजय की प्लेटलेट्स तेजी से गिर रही थीं और शनिवार सुबह पांच हजार से भी कम रह गई थीं। चिकित्सकों ने पिता खीमानंद बिजल्वाण से कहा कि अगर ए-पॉजिटिव ब्लड नहीं मिला तो जान को खतरा हो सकता है। काफी कोशिश के बाद भी डोनर नहीं मिला। इसके बाद…
सभी थाने हुए ऑनलाइन, जानिए ख़बर
देहरादून | क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सी.सी.टी.एन.एस.) के जरिये सभी थाने ऑनलाइन हो गए हैं। देश के सभी थानों से जुड़ गए हैं। इससे अपराधियों का पता लगाने और अपराध का अनावरण करने में पुलिस को मदद मिलेगी। सिटिजन चार्टर लागू किया गया है। रियल टाइम में एफआईआर दर्ज किए जा रहे हैं। सी.सी.टी.एन.एस. के दूसरे चरण के लिए भारत सरकार से स्वीकृति मिल गयी है। इसके तहत सी.सी.टी.एन.एस. परियोजना को इंटेरोपेराबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम से इंटिग्रेटेड किया जाएगा। इसमें न्यायालय, जेल, फॉरेंसिक लैब, अभियोजन कार्यालयों का ऑटोमेशन विकसित किया जा रहा है। यह जानकारी मुख्य सचिव …
अपने आक्रोश को बनाया अपना हथियार बनीं पैरा ऐथलीट चैंपियन
कंचन लखानी ने अपने आक्रोश को अपना हथियार बना लिया। 4 सितंबर 2008 को हुए एक हादसे ने अचानक उनकी जिंदगी बदल कर रख दी। एक रेल हादसे में उनका हाथ कट गया और स्पाइनल इंजरी के चलते कमर से नीचे के हिस्से ने काम करना बंद कर दिया। इसके बाद वह निराशा में डूब गईं, उनके मन में आत्महत्या करने के खयाल आने लगे। एक दिन वह अपने जीवन के बारे में सोच रही थीं। उस समय उन्होंने अपने अवसाद से बाहर निकलकर अपनी तकदीर खुद लिखने का फैसला कर लिया। उन्होंने कड़े परिश्रम के बाद राष्ट्रीय स्तर की…
एक बच्चा जो पढ़ा रहा स्मार्ट पैरंटिंग का पाठ जानिए ख़बर
वैशाली सेक्टर-3 में रहने वाले प्रियांशु गुप्ता। 13 साल के प्रियाशु केआर मंगलम स्कूल में 8वीं के स्टूडेंट हैं। वह पैरंटिंग टिप्स पर कई बड़े लेख लिख चुके हैं। यही वजह है कि कम उम्र में उनकी काबिलियत को देखते हुए दिल्ली के एक स्कूल ने उन्हें अपना ब्रैंड ऐंबैसडर बनाया है। पढ़ाई के दौरान बच्चों को डांटना नहीं चाहिए। एग्जाम को लेकर उन पर न तो प्रेशर बनाना चाहिए और न टीनेज में ज्यादा रोक-टोक करनी चाहिए। कुछ ऐसे ही विषयों पर 100 से ज्यादा आर्टिकल लिख चुके और विडियो तैयार कर चुके हैं वह अपने नाम से यूट्यूब…
ब्यूटी क्वीन का खिताब जीता एक ब्रेन ट्यूमर सर्वाइवर ने , जानिए खबर
बेंगलुरु | अगर जीवन में जज्बा हो तो कोई भी बिमारी आप के लिए रुकावट नहीं बन सकती है ब्रेन ट्यूमर जैसी बीमारी से पीड़ित होने के बाद किसी भी इंसान की जिंदगी बिखर जाती है लेकिन 31 साल की सोनिया सिंह उन सबके लिए मिसाल हैं। जानलेवा बीमारी से पीड़ित होने के बाद उन्होंने अपने हौसलों को पस्त नहीं होने दिया। लगातार इलाज और दवाइयों के बाद भी अपने जज्बे के दम पर कर्नाटक ब्यूटी क्वीन का खिताब हासिल किया। यह सब कुछ तब शुरू हुआ जब पांच साल पहले एक रोज सोनिया को सिर और कंधों में तेज…
लकवे से डिप्रेशन और डिप्रेशन से बैडमिंटन चैंपियन तक जानिए ख़बर
यह बात 2004 की है। सेना में लांस नायक सुरेश कार्की एक घायल सैनिक को बेस अस्पताल गुवाहाटी पहुंचा रहे थे, तभी उनकी ऐंबुलेंस हादसे का शिकार हो गई। सुरेश इस हादसे में घायल हो गए, जिससे उनकी कमर का निचला हिस्सा लकवे का शिकार हो गया। 3 हफ्ते के अंदर एक के बाद एक 3 सर्जरी हुईं, लेकिन सुरेश ने हिम्मत नहीं खोई।एक दिन न्यूरो सर्जन से उन्होंने बड़ी मासूमियत से पूछा, सर जी मैं कब ठीक होऊंगा। डॉक्टर ने कहा, बेटा अब जिंदगी वील चेयर पर बितानी होगी। सुरेश के लिए यह बात सदमे की तरह थी, क्योंकि…






























