किसान आत्महत्या न कर सीखे इन महिलाओ से , जानिए खबर
अगर दिल में जज्बा हो तो अब कुछ मुमकिन है ऐसा कर दिखाया है महाराष्ट्र की कुछ महिलाएं | महाराष्ट्र में किसान आत्महत्या न करें, इसके लिए यहां एक गांव की महिलाएं प्रेरणास्रोत बन गई हैं। कम पानी में खेती का ऐसा तरीका खोजा है महिला किसानों ने जिससे वह फसल उगा रही हैं। इतना ही नहीं उन्होंने बैंक का कर्ज चुकता करते हुए कारोबार का टर्नओवर 1 करोड़ रुपये कर लिया है। किसानों के समूह ने गांव की दशा बदल कर नई दिशा दिखाई है। इस गांव के पुरुष घर और बच्चे संभालते हुए दिखते हैं तो महिलाएं खेत…
जॉब छोड़ सब्जी की खेती कर रही यह लड़की, जानिए खबर
रायपुर | साइंस से एमटेक रही कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर रह चुकी 27 साल की वल्लरी चंद्राकर कम्प्यूटर जॉब छोड़कर 27 एकड़ जमीन पर खेती कर रही हैं। यही नहीं अपने खेत की सब्जियां दुबई और इजरायल को एक्सपोर्ट करने की तैयारी भी वल्लरी कर रही हैं। रायपुर से 88 किमी दूर बागबाहरा के सिर्री गांव की रहने वाली वल्लरी ने खेती की शुरुआत 2016 में की थी। वल्लरी के अनुसार यहां खेती में फायदा नजर आया तो नौकरी छोड़कर आ गई। शुरू में लोग लड़की समझकर मेरी बात को सीरियसली नहीं लेते थे। वल्लरी की सब्जियां दिल्ली, भोपाल, इंदौर,…
लोगों के घरों में काम करके अपनी पढ़ाई और घर की जिम्मेदारी उठा रही यह मासूम
गाजियाबाद | अगर दिल में जज्बा हो तो कोई भी कार्य आसानी से पूरा किया जा सकता है ऐसे ही एक मासूम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद खेलने की उम्र में अपने परिवार का सहारा बनीं हैं। उम्र मात्र 11 साल लेकिन जज्बा किसी बड़ो से कम नहीं है।बात हो रही है स्लम एरिया में रहने वाली एक मासूम बच्ची का | जो अपने 9 भाई-बहनों को पालने में पिता की सहायता करती है। इन सभी कार्यों के बावजूद पूजा ( बदला हुआ नाम ) रोज 2 घंटे पढ़ने का समय निकालती है। वह रोजाना सुबह 11 से 1 बजे तक…
बिना जूतों के दौड़े और इसके बावजूद भी मेडल , गरीबी को दी मात , जानिये खबर
अगर हौसला हो तो सब मुमकिन है जी हां इस तथ्य को सावित किया है बेंगलुरु विश्वविद्यालय ऐथलेटिक्स मीट में सरकारी कॉलेजों के बच्चों ने | 53वें ऐथलेटिक्स मीट में कम से कम 30 ऐथलीट ऐसे थे जो बिना जूतों के दौड़े और इसके बावजूद भी मेडल जीता। शारीरिक शिक्षा के एक टीचर ने बताया कि पोडियम पर मेडल पाने वाले 30 से ज्यादा ऐथलीट तीन दिन तक चले इस इवेंट में नंगे पैर दौड़े। एक कोच ने बताया, ‘सिंथेटिक ट्रैक पर बिना जूतों के दौड़ना खतरनाक होता है, इससे चोट लगने की आशंका बढ़ जाती है। आर्टिफिशल सतह पर…
15 वर्षीय प्रिया बाल विवाह कुप्रथा के खिलाफ लड़ रही जंग
राजस्थान | जब अगर जज्बा हौसलों को छू ले तब समझ लीजिये आप अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हो रहे है | जी हां बात हो रही है इसी वाक्यांश का एक 10 साल की उम्र में उसने दुल्हन बनने से इनकार कर दिया। इस नन्हीं उम्र में उसने बाल विवाह के खिलाफ जो मुहिम छेड़ी आज 15 वर्ष की उम्र तक जाते-जाते वह इस सामाजिक कुप्रथा के खिलाफ पूरे जिले में बिगुल फूंक चुकी है। आज वह अपने जिले की लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। यह प्रेरक कहानी है अलवर जिले की प्रिया जांगिड़ की।15 वर्षीय प्रिया…
पुलिस वाले ने 6 जिन्दगिया बचा उनके इलाज में भी की मदद , जानिए खबर
गाजियाबाद | समाज पुलिस को हमेशा अच्छे समाजिक कार्य के रूप में नहीं जान पाती जिससे उनकी महानता और बहादुरी से अनिभिज्ञ रह जाते है | इन्ही कड़ी में एक जेल चौकी प्रभारी ने एक नई मिसाल कायम की है। जानकारी हो की उन्होंने अपनी जान पर खेलकर एक परिवार को आग से बचाया। उनकी हिम्मत का नतीजा है कि चार बच्चों समेत छह लोगों का यह परिवार सही सलामत है। यही नहीं परिवार के इलाज में भी दरोगा ने मदद की है। इस अच्छे कार्य पर जांबाज पुलिसकर्मी की एसएसपी एच.एन. सिंह ने तारीफ़ करते हुए सम्मानित करने की…
माँ तो माँ होती है , दिल को छू लेने वाली तस्वीरें हुई वायरल
एक बच्चे के जीवन में माँ शब्द बहुत ही अनमोल होता है क्योंकि माँ पाल-पोस कर बड़ा करती हैं वे ही उसे अच्छे-बुरे के बारे में सिखाती हैं और बच्चे इस दुनिया में सबसे पहले अपनी मां से ही प्यार का मतलब सीखते हैं। सोशल मीडिया पर मां-बच्चों की कई इमोशनल फोटोज वायरल हुई हैं। इनकी कहानियां दिल को छू लेने वाली हैं। मां के बिना अब इसी फोटो को देखिए। पहली नजर में ऐसा लग रहा है, जैसे एक मां अपने 7 महीने की बच्ची को खिड़की से बाहर फेंक रही है। लेकिन असल में मां अपनी बच्ची को…
भजन-कीर्तन कर राधा जरूरतमंद बच्चो को कर रही शिक्षित
राधा जैसा नाम वैसा काम जी हां हम बात कर रहे है समाज सेविका राधा का | विदित हो की राधा के साथ 10-12 लोगों ने भजन-कीर्तन मंडली बनाई है। राधा एंड कम्पनी भजन के प्रोग्राम करते हैं उससे जो भी पैसा इकट्ठा होता है वह इन बच्चों की पढ़ाई पर खर्च किया जाता है। हर साल करीब 4-5 लाख रुपये इकट्ठा करके इन बच्चों पर खर्च करते हैं। इस अभियान से तीन लड़कियां बीएड करके नौकरी कर रही हैं। यही नहीं इन बच्चों की पैरंट्स-टीचर मीटिंग में भी हम लोग जाते हैं। आशा नाम की स्टूडेंट कहती है, ‘मैं…
आँखे नहीं फिर भी फतेह किया हिमालय, जानिए ख़बर
पुणे | जब हौसलों की उड़ान हो तो बड़ो का साथ हो तो हर नामुमकिन मुमकिन में परिवर्तित होना तय है ऐसे ही एक जज्बा अपने पिता के साथ एक टैंडम साइकल पर 15 साल की मनस्वी भाटी ने हिमाचल प्रदेश के मनाली से जम्मू-कश्मीर के खारदूंग ला पास तक का सफर तय कर एक मिसाल कायम की है। यही नहीं आप को मालूम हो की क्योंकि मनस्वी अपनी आंखें खो चुकी हैं। विदित हो की टैंडम साइकल में दो सीटें और दो पैडल होते हैं। इसे दो लोग मिलकर चलाते हैं। मनस्वी और उनके पिता भारत में पहली बार…
किसी और माँ का गोद सुनी ना हो इस लिए …..
अपने शहर और समाज की भलाई में जुटे अनेक अच्छे लोग अपना कार्य बखूबी कर रहे हैं। उन्ही में से एक दूसरों की मदद कर रही हैं और मिसाल कायम कर रही हैं टीएचए की डोरिस फ्रांसिस के बारे में। हादसे में अपनी बेटी खोने के बाद डोरिस ने मां का फर्ज निभाया और सड़कों पर ट्रैफिक संभालने में जुट गईं ताकि हादसे के कारण किसी और मां की गोद सूनी न हो। डोरिस बताती हैं कि साल 2008 का वह दिन उन्हें अच्छी तरह याद है जब अपनी कार में हंसते-हंसते पूरा परिवार कहीं जाने के लिए निकला था…






























