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उत्तराखंड : छोटे-छोटे अपराधों में कारावास की सजा के बजाए अब सिर्फ अर्थ दंड का प्रावधान -

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Friday, December 5, 2025



इनसे सीखे : कूली बना आईएएस अध‍िकारी

 

रेलवे स्‍टेशन के वाईफाई से की यूपीएससी एग्‍जाम की तैयारी

केरल | देश ही नहीं, दुन‍िया में संघ लोक सेवा आयोग, यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा को सबसे मुश्‍किल परीक्षाओं में से एक माना जाता है और उम्‍मीदवार इसके लिए दिन रात एक कर पढ़ाई करते हैं, तब जाकर कहीं ये एग्‍जाम क्रैक करते हैं | इस परीक्षा के लिए धैर्य और जज्‍बा दोनों की जरूरत होती है | क्‍योंकि जज्‍बा रहेगा तभी आप हर हालात में इसके लिए तैयारी करेंगे और धैर्य रहेगा तो विफल होने के बावजूद आप सफल होने की उम्‍मीद नहीं छाड़ेंगे | हाल ही में आईएएस एग्‍जाम क्रैक करने वाले श्रीनाथ ने भी कुछ ऐसा ही किया | श्रीनाथ के बारे में जानकर आपको थोड़ी हैरानी जरूर होगी | केरल में मुन्‍नार के रहने वाले श्रीनाथ कूली के तौर पर रेलवे स्‍टेशन पर काम करते थे | रेलवे स्‍टेशन पर फ्री वाइफाई का लाभ उठाकर वह अपने काम के साथ आईएएस परीक्षा यानी यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी भी करते रहे | श्रीनाथ के घर में कमाने वाले बस वही हैं | इसलिए घर का खर्च पूरा करने के लिए वह डबल श‍िफ्ट में काम करते थे | हालांकि तब भी जैसे तैसे ही खर्च चल पाता था | डबल श‍िफ्ट करने के बाद भी उन्‍हें मुश्‍क‍िल से 500 से 600 रुपये ही मिल पाते थे | इसी बीच श्रीनाथ की शादी हुई और एक बेटी का जन्‍म हुआ | तब श्रीनाथ को यह एहसास हुआ कि क्‍या पैसों की तंगी के कारण मेरी बेटी को भी जिंदगी में बहुत सी चीजों के लिए कांप्रोमाइज करना होगा? श्रीनाथ अपनी बच्‍ची को अच्‍छी जिंदगी देना चाहते हैं और यही वो क्षण था जब श्रीनाथ सोचने लगे कि मैं बेहतर कर सकता हूं | बेटी का जन्‍म, श्रीनाथ के जीवन की एक नई किक थी | वह यूपीएससी का एग्‍जाम देने की योजना बनाने लगे | लेकिन उनके पास परीक्षा की तैयारी के कोचिंग लेने के पैसे नहीं थे | इसलिए स्‍टेशन पर फ्री वाईफाई की मदद से उन्‍होंने स्‍मार्टफोन पर पढ़ना शुरू कर द‍िया और केपीएससी परीक्षा पहले पास की | लेकिन केपीएससी क्रैक करने के बाद भी श्रीनाथ संतुष्‍ट नहीं हुए | वह और बड़ा करना चाहते थे | श्रीनाथ को तीन बार यूपीएससी सिविल सेवा की परीक्षा में विफलता मिली | लेकिन उन्‍होंने हार नहीं मानी और तैयारी जारी रखी | हर अटेम्‍प के साथ श्रीनाथ ज्‍यादा आत्‍मविश्‍वास से भर जाते थे और आखिर उन्‍होंने चौथे अटेम्‍प में आईएएस परीक्षा क्रैक कर ली |

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