Breaking News:

मनाया जा रहा उत्तराखण्ड में वर्ष 2019 रोजगार वर्ष के रूप में, जानिए खबर -

Wednesday, February 20, 2019

दून में फ्लाईओवरों के नाम शहीदों के नाम पर रखे जाएंः यूकेडी -

Wednesday, February 20, 2019

उत्तराखण्ड के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना सीएम त्रिवेन्द्र की प्राथमिकता, जानिए खबर -

Wednesday, February 20, 2019

क्षय रोग के प्रति जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन -

Wednesday, February 20, 2019

डीएम लेंगी पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों के परिवार को गोद -

Wednesday, February 20, 2019

रणवीर सिंह की फिल्म ‘गली बॉय’ ने की 88 करोड़ की कमाई -

Wednesday, February 20, 2019

15 गरीब कन्याओं का कराया सामूहिक विवाह -

Wednesday, February 20, 2019

पौड़ी और अल्मोड़ा में सबसे अधिक पलायन -

Tuesday, February 19, 2019

कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग ने पाकिस्तान व आतंकियों का फूंका पुतला -

Tuesday, February 19, 2019

शहीद मेजर विभूति शंकर ढ़ौडियाल के अंतिम दर्शन में उमड़ा जनसैलाब, सीएम त्रिवेन्द्र पुष्प चक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि -

Tuesday, February 19, 2019

भारत को वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलना चाहिए: हरभजन -

Tuesday, February 19, 2019

फिल्‍म ‘नोटबुक’ से सलमान खान ने रिप्‍लेस किया सिंगर आतिफ असलम को -

Tuesday, February 19, 2019

त्रिवेंद्र सरकार ने पेश किया 48663.90 करोड़ रु का बजट -

Monday, February 18, 2019

समावेशी विकास को समर्पित है बजट-मुख्यमंत्री -

Monday, February 18, 2019

मुख्यमंत्री ने की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा -

Monday, February 18, 2019

मोहाली स्टेडियम से पंजाब क्रिकेट संघ ने हटावाईं पाकिस्तानी क्रिकेटरों की तस्वीरें -

Monday, February 18, 2019

तुलाज इंस्टीट्यूट में मनाया गया अमौर -

Monday, February 18, 2019

द न्यू देवतास का बुक डब्लूआईसी इंडिया में हुआ लॉन्च -

Monday, February 18, 2019

मैड ने चलाया अभियान, गंदी दीवारों का किया कायाकल्प -

Monday, February 18, 2019

देहरादून के लिए मिस्टर एंड मिस फैशन आइकॉन ऑडिशन का आयोजन -

Monday, February 18, 2019

अबुल हसन ग़रीबों, मरीज़ों को अपने ऑटो में मुफ्त में सफर कराते हैं

nek-kaam

मिलिए जनाब अबुल हसन से, एक ऑटो रिक्शा चलाने वाला जिसका दिल किसी राजा से भी रईस है |वो ग़रीबों, मरीज़ों को अपने ऑटो में मुफ्त में सफर कराते हैं| वो लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार अपने पैसों से करते हैं, वो रोज़ आना 4 ग़रीबों को अपने पैसे से खाना खिलाते हैं और रमज़ान में ये गिनती 20 तक हो जाती है| यही नहीं, हर साल वो 10 ग़रीब बच्चों को उनकी तालीमी फीस के लिए 1000 रुपये देते हैं और साथ हैं इम्तिहान में प्रथम आने वाले १० ग़रीब बच्चों को प्रतिभा पुरूस्कार भी देते हैं| वो लोगों से कपडे जमा करके ग़रीबो और मिस्कीनों तक पहुंचाते हैं| उनके ऑटो में हमेशा थोड़ा पेट्रोल अलग से रखा रहता है ताकि रास्ते में किसी का तेल खत्म होने पर उसकी मदद की जा सके और साथ ही गर्मियों में प्यासों की प्यास बुझाने के लिए ठन्डे पानी का कैन भी उनके ऑटो में रहता है| वो सड़क पर मौजूद गढ्ढों को खुद ही भर देते हैं मिटटी से और बेहूदा और गुमरहकन पोस्टर/ होर्डिंग को खुद ही फाड़ देते हैं| अबुल हसन कहते हैं की “मैं मानता हूँ की इंसानो की खिदमत करने के लिए किसी पद की ज़रूरत नहीं है और इसी तरह किसी की मदद करने के लिए अमीर होने की ज़रूरत नहीं बस आपके पास एक दयालु ह्रदय होना चाहिए | अबुल हसन तेलंगाना के रहने वाले हैं और मानव सेवा को सबसे बड़ा काम मानते हैं, उनकी आय ऑटो से और अपने मकान के किराए से होती है पर उनका खर्च दर्जनो के लिए होता है क्योंकि उनका दिल बड़ा है, काश हम सब का दिल भी ऐसा हो जाता तो कोई भूका नहीं सोता… आगे बढ़िए, अच्छा काम करने के लिए अमीर या मशहूर होना ज़रूरी नहीं है| अमीर तो बहुत होंगे पर इनसे अमीर बहुत कम ही है|

Leave A Comment