Breaking News:

पाकिस्तान से क्रिकेट पर शर्तों के साथ प्रतिबंध नहीं होना चहिए -

Wednesday, September 19, 2018

2500 बच्चियों को शिक्षा के लिए 90 दिन में तय करेंगे 6 हजार किमी -

Wednesday, September 19, 2018

‘मेंटल है क्या’ की राइटर का खुलासा, जानिए खबर -

Wednesday, September 19, 2018

फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए फर्जी तरीके से नौकरी कर रहे हैं कई लोगः चौहान -

Wednesday, September 19, 2018

हर मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा को तैयार सरकार : सीएम -

Wednesday, September 19, 2018

भारतीय सेना में चयनित लेफ्टिनेंट मालविका रावत को सीएम त्रिवेंद्र ने किया सम्मानित -

Wednesday, September 19, 2018

उत्तराखंड विधानसभा सत्र : अनेक मुद्दों पर हुई चर्चा -

Tuesday, September 18, 2018

26 सालों से मंदिर की देखभाल कर रहे हैं मुसलमान -

Tuesday, September 18, 2018

हर बाधाओं को पार कर हमारे खिलाड़ियों ने पायी सफल -

Tuesday, September 18, 2018

अनुष्का शर्मा ने खोला वरुण धवन का राज! -

Tuesday, September 18, 2018

देहरादून के निर्माता ओम प्रकाश भट्ट ने किया मुंबई में प्रोडक्शन हाउस का लांच -

Tuesday, September 18, 2018

प्राइमरी स्कूली बच्चों संग पीएम मोदी ने मनाया जन्मदिन -

Tuesday, September 18, 2018

चिन्यालीसौड़ में मुख्यमंत्री ने किया आर्च पुल का लोकार्पण -

Monday, September 17, 2018

कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक ‘खून का रिश्ता’ -

Monday, September 17, 2018

अटल जी का मार्गदर्शन उनकी कविताओं और विचारों के माध्यम से देश को हमेशा रहेगा मिलता: सीएम -

Monday, September 17, 2018

रवि शास्त्री को कोच पद से हटाने की मांग, जानिये खबर -

Monday, September 17, 2018

गौमाता को सम्मान दिलाने के लिए सभी कृष्ण भक्त आगे आएंः गोपाल मणि महाराज -

Monday, September 17, 2018

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सीएम त्रिवेन्द्र ने जन्मदिन की दी हार्दिक बधाई -

Sunday, September 16, 2018

बॉक्सिंग: पोलैंड में जूनियर लड़कियों ने जीते गोल्ड -

Sunday, September 16, 2018

उत्तराखंड नेक्स्ट टाॅप माॅडल बने आयुषी व निखिल -

Sunday, September 16, 2018

अबुल हसन ग़रीबों, मरीज़ों को अपने ऑटो में मुफ्त में सफर कराते हैं

nek-kaam

मिलिए जनाब अबुल हसन से, एक ऑटो रिक्शा चलाने वाला जिसका दिल किसी राजा से भी रईस है |वो ग़रीबों, मरीज़ों को अपने ऑटो में मुफ्त में सफर कराते हैं| वो लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार अपने पैसों से करते हैं, वो रोज़ आना 4 ग़रीबों को अपने पैसे से खाना खिलाते हैं और रमज़ान में ये गिनती 20 तक हो जाती है| यही नहीं, हर साल वो 10 ग़रीब बच्चों को उनकी तालीमी फीस के लिए 1000 रुपये देते हैं और साथ हैं इम्तिहान में प्रथम आने वाले १० ग़रीब बच्चों को प्रतिभा पुरूस्कार भी देते हैं| वो लोगों से कपडे जमा करके ग़रीबो और मिस्कीनों तक पहुंचाते हैं| उनके ऑटो में हमेशा थोड़ा पेट्रोल अलग से रखा रहता है ताकि रास्ते में किसी का तेल खत्म होने पर उसकी मदद की जा सके और साथ ही गर्मियों में प्यासों की प्यास बुझाने के लिए ठन्डे पानी का कैन भी उनके ऑटो में रहता है| वो सड़क पर मौजूद गढ्ढों को खुद ही भर देते हैं मिटटी से और बेहूदा और गुमरहकन पोस्टर/ होर्डिंग को खुद ही फाड़ देते हैं| अबुल हसन कहते हैं की “मैं मानता हूँ की इंसानो की खिदमत करने के लिए किसी पद की ज़रूरत नहीं है और इसी तरह किसी की मदद करने के लिए अमीर होने की ज़रूरत नहीं बस आपके पास एक दयालु ह्रदय होना चाहिए | अबुल हसन तेलंगाना के रहने वाले हैं और मानव सेवा को सबसे बड़ा काम मानते हैं, उनकी आय ऑटो से और अपने मकान के किराए से होती है पर उनका खर्च दर्जनो के लिए होता है क्योंकि उनका दिल बड़ा है, काश हम सब का दिल भी ऐसा हो जाता तो कोई भूका नहीं सोता… आगे बढ़िए, अच्छा काम करने के लिए अमीर या मशहूर होना ज़रूरी नहीं है| अमीर तो बहुत होंगे पर इनसे अमीर बहुत कम ही है|

Leave A Comment