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उत्तराखण्ड क्रिकेट के हित में एक मंच पर आएं क्रिकेट एसोसिएशन: दिव्य नौटियाल -

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बीजेपी सांसद मोदी की कार्यशैली से नाराज होकर दिया इस्तीफा -

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जरूरतमंद लोगों के लिए गर्म कपड़े डोनेशन कैंप की शुरूआत -

Friday, December 8, 2017

बाल रंग शिविर का आयोजन -

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निकायों में सीमा विस्तार को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज़ -

Thursday, December 7, 2017

गुजरात चुनाव : इस बार मणिनगर सीट है “हॉट” -

Thursday, December 7, 2017

पाकिस्तान ने ‘कपूर हवेली’ में दी श्रद्धांजलि, जानिये खबर -

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बढ़ सकती है आधार लिंक करने की आखिरी तारीख -

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Wednesday, December 6, 2017

तो इटली में विराट और अनुष्का बधेंगे शादी के बंधन में …! -

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Wednesday, December 6, 2017

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Tuesday, December 5, 2017

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Tuesday, December 5, 2017

अब पति दे सकता है तलाक , जानिये क्या है खबर..

SUPRIMCOURTON SOCIAL MIDIA

एक दंपती के तलाक मामले में सर्वोच्च न्यायालय अहम फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की है कि अगर पत्नी बिना किसी ठोस कारण के अपने पति पर उसके परिवार वालों से अलग रहने का दबाव डालती है, तो यह हरकत भी प्रताड़ना के दायरे में आएगी। सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में पत्नी ने आत्महत्या की कोशिश की और धमकियां दीं, साथ ही पति पर इस बात के लिए दबाव बनाया कि वह अपने परिवार को छोड़ दे, जबकि पति के माता-पिता उसी पर आर्थिक तौर पर निर्भर थे। इतना ही नही बताया गया कि महिला ने पति पर अफेयर का झूठा आरोप भी लगाया। कोर्ट ने इन तमाम हरकतों को क्रूरता माना और इस आधार पर पति के पक्ष में तलाक की मंजूरी दे दी। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ए. आर. दवे और जस्टिस एल. नागेश्वर राव की बेंच ने अपने फैसले में कहा कि बेटे द्वारा माता-पिता की देखभाल करना भारतीय संस्कृति का हिस्सा है।

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