Breaking News:

उत्तराखण्ड के सभी विधायकों ने शहीदों के परिवार को एक माह का वेतन देने की घोषणा की -

Friday, February 15, 2019

दुःख की इस घड़ी में हम सब शहीदों के परिजनों के साथ हैः मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र -

Friday, February 15, 2019

गरीब बच्चों को भोजन कराकर रोटी क्लब ने मनाया रोटी महोत्सव -

Friday, February 15, 2019

सीएम ने की स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट योजनाओं की समीक्षा -

Friday, February 15, 2019

कोई शिकायत तो डायल करें सीएम हेल्पलाईन 1905 -

Friday, February 15, 2019

भारत बनेगा विश्व गुरू : नरेश बंसल -

Friday, February 15, 2019

CRPF के काफिले पर आतंकी हमला, 40 जवान शहीद -

Thursday, February 14, 2019

रूद्रपुर में हुआ 3340 करोड़ रू. की समेकित सहकारी विकास परियोजना का शुभारम्भ -

Thursday, February 14, 2019

पीएम मोदी का विरोध करने जा रहे पूर्व सीएम हरीश रावत, इंदिरा हृदयेश गिरफ्तार -

Thursday, February 14, 2019

सीएम त्रिवेन्द्र की सलाह : निजी चीनी मिलों के बाहर धरना दे हरीश रावत -

Thursday, February 14, 2019

आयकर आयुक्त श्वेताभ सुमन को सात साल कैद , जानिए खबर -

Thursday, February 14, 2019

विपक्ष ने किया गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर सदन में जमकर हंगामा -

Thursday, February 14, 2019

“डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड” के प्रभावी नतीजे आने शुरू, जानिए खबर -

Wednesday, February 13, 2019

‘भारत’ के क्लाइमेक्स में 10 करोड़ का सेट बर्बाद -

Wednesday, February 13, 2019

समाजसेवी एवं उद्योगपति सुशील अग्रवाल हुए सम्मानित -

Wednesday, February 13, 2019

बड़ी खबर : उत्तराखण्ड में खुलेगी नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी -

Wednesday, February 13, 2019

सी-विजिल एप से आसानी से कर सकेंगे आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत, जानिये खबर -

Wednesday, February 13, 2019

चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर प्रशासन हुआ चुस्त -

Wednesday, February 13, 2019

200 करोड़ लागत की मसूरी पेयजल योजना को केन्द्र से मिली मंजूरी -

Wednesday, February 13, 2019

राजभवन कूच कर रहे अधिवक्ताओं को पुलिस ने रोका -

Wednesday, February 13, 2019

अरुणाचल में भारत की गश्त को चीन ने बताया अतिक्रमण, भारत का इनकार

अरुणाचल में भारत की गश्त को चीन ने अतिक्रमण बताया जबकि भारतीय सेना ने इस शब्दावली पर आपत्ति प्रकट की हैं चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के प्रतिनिधिमंडल ने खास तौर पर भारतीय सैनिकों द्वारा असाफिला में सघन गश्त का जिक्र करते हुए कहा इस तरह के उल्लंघन से इलाके में दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ सकता है. हालांकि, चीनी ऐतराज को खारिज करते हुए भारतीय पक्ष ने कहा कि उसके सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा के बारे में अवगत हैं और सेना एलएसी तक गश्त जारी रखेगी. इलाके में सीमा के बारे में भारत और चीन की अवधारणाएं अलग अलग हैं. सूत्रों ने बताया कि चीनी सेना ने विशेष रूप से पिछले साल 21,22 और 23 दिसंबर को असाफिला में फिशटेल- एक के निकट बड़े पैमाने पर भारतीय गश्त का जिक्र किया. भारतीय और चीनी सैनिकों ने सीमा पर तनाव बढ़ाने वाले मुद्दों के समाधान के लिए बीपीएम का आयोजन किया था. सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना ने आरोपों से इंकार किया. उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने डोकलाम गतिरोध के बाद एलएसी के पास किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए युद्धाभ्यास तेज कर दिया है. सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. मतभेद की एक और घटना में, चीनी सेना ने पिछले महीने विरोध जताते हुए कहा कि भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश में विवादित सीमा से लगे सामरिक रूप से संवेदनशील असाफिला इलाके में अतिक्रमण किया लेकिन भारतीय पक्ष ने पूरी तरह से शिकायत को खारिज कर दिया. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि चीनी पक्ष ने यहां 15 मार्च को सीमा कर्मियों की बैठक में यह मुद्दा उठाया लेकिन भारतीय सेना ने इसे खारिज करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी क्षेत्र का इलाका भारत का है और वह वहां नियमित गश्त करता है. सूत्रों ने बताया कि चीनी पक्ष ने इलाके में भारतीय गश्त को‘ अतिक्रमण’ बताया जबकि भारतीय सेना ने इस शब्दावली पर आपत्ति प्रकट की. एक सूत्र ने बताया, असाफिला में हमारी गश्त पर चीन की ओर से विरोध हैरान करने वाला है. साथ ही उन्होंने कहा कि अतीत में इलाके में चीनी घुसपैठ की कई घटनाएं हुयीं , जिन्हें भारतीय पक्ष ने गंभीरता से उठाया. बीपीएम तंत्र के तहत दोनों पक्ष अतिक्रमण की किसी भी घटना पर अपना विरोध दर्ज कर सकते हैं क्योंकि दोनों देशों के बीच एलएसी को लेकर अलग-अलग नजरिया है.

Leave A Comment