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Monday, July 6, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में कोरोना मरीजो की संख्या हुई 3161, आज कुल 37 नए मरीज मिले -

Monday, July 6, 2020

विरेन्द्र सिंह रावत बने खेलों मास्टर गेम्स फाउंडेशन इंडिया उत्तराखंड के महासचिव -

Monday, July 6, 2020

उत्तराखंड के हित में सदैव करते रहेंगे धरने प्रदर्शनः आप -

Monday, July 6, 2020

डॉ0 रमेश पोखरियाल ’निशंक’ ने पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इण्डिया के ’विजय भारत अभियान’ का किया शुभारम्भ -

Monday, July 6, 2020

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में गड़बड़ी पर डीएसओ होंगे जिम्मेवार : सीएम त्रिवेंद्र -

Monday, July 6, 2020

सीएम त्रिवेंद्र ने कहा कोविड-19 को लेकर पांच बातों पर विशेष जोर जरूरी, जानिए खबर -

Sunday, July 5, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में कोरोना मरीजो की संख्या हुई 3124, आज कुल 31 नए मरीज मिले -

Sunday, July 5, 2020

अनुष्का विराट और कोरोना महामारी का समय …… -

Sunday, July 5, 2020

उत्तराखंड : तीन महिलाओं की कोसी नदी में डूबने की खबर, एक महिला का मिला शव -

Sunday, July 5, 2020

जरा हटके : यह शख्स सोने के मास्क का कर रहे उपयोग -

Sunday, July 5, 2020

देहरादून : सिटी बस संघ के 145 चालकों एवं परिचालकों को दिया राशन -

Saturday, July 4, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में कोरोना मरीजो की संख्या हुई 3093, आज कुल 45 नए मरीज मिले -

Saturday, July 4, 2020

कोरोना की लड़ाई में लगातार सतर्कता जरूरी: सीएम उत्तराखंड -

Saturday, July 4, 2020

आरडी प्रोडक्शन पूरे करेगा मॉडलिंग और एक्टिंग के सपने , जानिए खबर -

Saturday, July 4, 2020

“दिल बेचारा” सुशांत की आखिरी फ़िल्म को लेकर खुलासा -

Saturday, July 4, 2020

कोरोना से बचे : उत्तराखंड में कोरोना मरीजो की संख्या हुई 3048, आज कुल 64 नए मरीज मिले -

Friday, July 3, 2020

आरटीआई कार्यकर्ता सैफअली सिद्दीकी के पत्र पर राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने जांच के आदेश दिए , जानिए खबर -

Friday, July 3, 2020

उत्तराखंड में बने जड़ी बूटी मंडी : डा. राणा -

Friday, July 3, 2020

त्रिवेन्द्र सरकार ने जारी की 11 करोड़, जानिए क्यों -

Friday, July 3, 2020

आर्किटेक्चर के क्षेत्र में देवेश हासिल कर रहे नए आयाम

देहरादून । देवेश नैनवाल, देहरादून के प्रख्यात वास्तुकार, या पूरे यू कहें कि उत्तराखंड के इस शख्स ने अपनी जिंदगी के उतार चढ़ाव को बहुत नजदीक से  देखा है, लेकिन उसने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए जी जान भी एक की है। यही कारण है कि आज आर्किटेक्चर की दुनिया में उनकी अपनी एक पचहान है। उनके कार्यालय आर्किटेक्चर कंसलटेंस के उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि वे नैचुरल मटीरियल पर फोकस कर के कार्य कर रहे है। साथ ही पहाड़ के युवाओं को भी ट्रेन कर रहे है।  यही नहीं यदि कोई युवा आर्किटेक्चर के क्षेत्र में कार्य करना चाहता है और आर्थिक रूप से अक्षम है तो वे उसकी भी पूरी मदद करने के लिए तत्पर है। देवेश ने बताया कि उनके पास आर्किटेक्चर के साथ साथ इंटीरियर डिजाईन, कारपेंटर आदि की सुविधा भी है और वे सरकारी व गैरसरकारी क्षेत्रों में कार्य कर रहे है। जैसा कि उनके वास्तु चमत्कारों में देखा गया है, वास्तव में उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है। वह व्यक्ति जो एक वास्तुकार के रूप में टूटने से पहले वर्षों से संघर्ष कर रहा है और उसके पास यह मानने में कोई कोताही नहीं है। वह स्वीकार करता है कि उसके जीवन में आने वाली समस्याओं ने आगे और आगे बढ़ने के लिए आश्वस्त किया है। वह कोर के लिए सत्य है और कॉपी पेस्ट में विश्वास नहीं करता है, लेकिन मूल और इनोवेट वी है।

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