Breaking News:

उत्तराखंड : जर्मन डेवलपमेंट बैंक स्वच्छ पेयजल और गंगा सफाई के लिए देगा 960 करोड़ -

Wednesday, July 18, 2018

गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिले मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत -

Wednesday, July 18, 2018

डॉ. हाथी का रोल कर सकते हैं सतीश कौशिक, जानिये खबर -

Wednesday, July 18, 2018

100 का नया नोट होगा ऐसा , नोटों की छपाई शुरू -

Wednesday, July 18, 2018

एयर होस्टेस अनीशिया बत्रा की मौत मामले में आरोपी पति गिरफ्तार -

Wednesday, July 18, 2018

“स्पेशल बच्चों” का जीवन संवार रही है मणि , जानिये खबर -

Wednesday, July 18, 2018

खुलेगा सीबीएसई का ट्रेनिंग सेंटर देहरादून में , जानिये खबर -

Tuesday, July 17, 2018

अंतरिक्ष उपयोग केन्द्र के निदेशक के खिलाफ प्रदर्शन हुआ तेज , जानिए खबर -

Tuesday, July 17, 2018

विलुप्त हो रही संस्कृति के संरक्षण हेतु मेलों का हो आयोजन : मुख्यमंत्री -

Tuesday, July 17, 2018

18 युवकों से रचाई शादी,लुटेरी दुल्हन हुई गिरफ्तार -

Tuesday, July 17, 2018

मोदी व अमित शाह को खून से लिखा पत्र -

Tuesday, July 17, 2018

हरेला पर कोसी नदी के पुनर्जीवन अभियान का सीएम त्रिवेंद्र ने किया शुभारम्भ -

Monday, July 16, 2018

क्रोएशिया को हरा फ्रांस 20 साल बाद बना चैंपियन -

Monday, July 16, 2018

मोहम्मद शहजाद बसपा से निष्कासित, जानिये खबर -

Monday, July 16, 2018

लकवाग्रस्त बीरा को हेल्पेज ने दिया सहारा, जानिये खबर -

Monday, July 16, 2018

रैंप वॉक कर मॉडल्स ने बिखेरे जलवे , जानिये खबर -

Monday, July 16, 2018

मैड के सदस्यों ने किया बाढ़ प्रभावित जगहों के निरक्षण के साथ मदद -

Monday, July 16, 2018

गरीबी से लड़कर अपना एक अलग मुकाम हासिल किया हिमा दास ने -

Sunday, July 15, 2018

विम्बलडन मैदान का एक बाज 10 साल से कर रहा निगरानी, जानिये खबर -

Sunday, July 15, 2018

ट्विंकल खन्ना के लिए अक्षय का ट्वीट मचा रहा धमाल -

Sunday, July 15, 2018

उत्तराखंड : नई आबकारी नीति को मंजूरी

cm

उत्तराखंड सरकार ने राज्य की जनता के विरोध और असमंजस से बाहर निकलते हुए नई आबकारी नीति को हरी झंडी दे दी है। कैबिनेट की बैठक में आज सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आबकारी नीति के तहत 2310 करोड़ आय का लक्ष्य निर्धारित किया गया। साथ ही तय किया गया कि शराब पर दो फीसद सेस लगाया जाएगा। सेस की यह धनराशि सामाजिक सुरक्षा और सड़क सुरक्षा पर खर्च होगी।उत्तराखंड में भाजपा की नई सरकार बनने के बाद शराब नीति के मामले में बड़ी चुनौती पेश आई। राज्य के सभी जिलों में शराब विरोधी आंदोलन शुरू हो गए। इसके मूल में राष्ट्रीय राजमार्गों से शराब की दुकानों को हटाना कारण रहा। शासन ने फौरी व्यवस्था करते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों से हटने वाली दुकानों को नजदीक ही ऐसे मार्गों पर स्थानांतरण कर दिया जो राज्य मार्ग की श्रेणी में आते हैं, लेकिन जनता ने शासन की इस नीति को स्वीकार नहीं किया और यह फैसला बाउंस बेक होकर सरकार के गले की फांस बन गया। इसके बाद सरकार ने बीच का रास्ता निकालते हुए कई राष्ट्रीय राजमार्गों को जिला मार्ग घोषित किया। इसके बावजूद शराब विरोधी आंदलन थमने के बजाय और फैल गए। वर्तमान में स्थिति यह है कि पहाड़ों के साथ ही मैदानी जिलों में भी शराब विरोधी आंदोलन सरकार की सबसे बड़ी मुश्किल बने हैं। इस हालात में आज कैबिनेट ने नई शराब नीति को मंजूरी दे दी। हालांकि इस नई नीति का जनता पर क्या प्रभाव होगा, यह भविष्य की गर्त में है, लेकिन सरकार को राजस्व के एक अहम साधन शराब की बिक्री को लेकर फिलहाल राहत मिलती दिख रही है। इसके पीछे सरकार की यह घोषणा भी है कि शराबबंदी करते हुए जल्द ही राज्य की कुल दुकानों का एक तिहाई को प्रथम चरण में कम कर दिया जाएगा। इससे सरकार को उम्मीद है कि जनता का गुस्सा थमेगा और राजस्व की भी हानि नहीं होगी। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए सरकार के प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि पर्वतीय जिलो में शराब की दुकानें खुलने का समय दोपहर 12 बजे से शाम छह बजे तक रहेगा। साथ ही सभी जिलों को शराब के राजस्व का लक्ष्य आवंटित कर दिया गया।

Leave A Comment