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कई वर्षों के संघर्ष के बाद आज यह स्वर्णिम अवसर आया : सीएम त्रिवेंद्र -

Wednesday, August 5, 2020

वर्षो बाद आज रच गया इतिहास, जानिए खबर -

Wednesday, August 5, 2020

सिविल सेवा परीक्षा परिणाम : रामनगर के शुभम अग्रवाल ने हासिल किए 43वीं रैंक -

Wednesday, August 5, 2020

दुःखद : सात साल की मासूम बच्ची को गुलदार ने बनाया निवाला -

Wednesday, August 5, 2020

उत्तराखंड : चार आईएएस समेत 14 अधिकारियों के दायित्वों किया गया फेरबदल -

Wednesday, August 5, 2020

सराहनीय : आत्मनिर्भर भारत अभियान की ओर अग्रसर “हिमालय ट्री” -

Tuesday, August 4, 2020

उत्तराखंड : 5100 घी के दियों से जगमगायेगा मुख्यमंत्री आवास -

Tuesday, August 4, 2020

उत्तराखंड: आठ हजार के पार पहुँचा कोरोना मरीजो की संख्या , जानिए खबर -

Tuesday, August 4, 2020

“छुमका गिरा रे बरेली के बाज़ार में” के गाने में बरेली बाजार ही क्यों , जानिए खबर -

Tuesday, August 4, 2020

‘रक्षा बंधन’ फिल्म बनाएंगे अक्षय कुमार, जानिए खबर -

Tuesday, August 4, 2020

भारत : कोरोना मरीजों की पूरे देश मे 18 लाख से अधिक संख्या पहुँची -

Tuesday, August 4, 2020

भाई की पुकार…….. -

Monday, August 3, 2020

भाजपा उत्तराखंड में 5 अगस्त को दीपमाला प्रकाशित कर मनाएगी उत्सव -

Monday, August 3, 2020

ऋषिकेश : दुर्घटना में चोटिल मां-बेटे को स्पीकर ने अपनी गाड़ी पहुंचाया अस्पताल -

Monday, August 3, 2020

उत्तराखंड: राजभवन में दो साल से मुसीबत का सबब बना उत्पाती बंदर रेस्क्य टीम ने दबोचा -

Monday, August 3, 2020

उत्तराखंड: आज इस जिले में मिले कोरोना के 100 से अधिक मरीज, जानिए खबर -

Monday, August 3, 2020

भाषा बोली किसी भी संस्कृति एवं सभ्यता का होता है आईना : मंत्री प्रसाद नैथानी -

Sunday, August 2, 2020

रक्षाबन्धन : आंगनबाड़ी और आशा कार्यकत्रि के खाते में एक-एक हजार रुपये की सम्मान राशि मिलेगी -

Sunday, August 2, 2020

उत्तराखंड: आज इन जिलों में मिले कोरोना के अधिक मरीज, जानिए खबर -

Sunday, August 2, 2020

पाताल से भी ढूढ निकालेंगे रिया चक्रवर्ती को : बिहार पुलिस -

Sunday, August 2, 2020

उत्तराखंड में बने जड़ी बूटी मंडी : डा. राणा

हरिद्वार । भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड के निर्वाचित गढ़वाल बोर्ड मेंबर डा. महेंद्र राणा ने परिषद के अध्यक्ष डा. दर्शन कुमार शर्मा से पत्र लिखकर अपील की है कि परिषद को जड़ी बूटी मंडी की स्थापना कर,  उत्तराखंड के किसानों एवं आयुर्वेदिक औषधि निर्माताओं के बीच सेतु की भूमिका निभानी चाहिए। डा. राणा के अनुसार हमारे पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से बहुत ही उच्च गुणवत्तापूर्ण जड़ी बूटियां उगती हैं और अगर हमारे किसान इन जड़ी बूटियों का प्रशिक्षित व्यावसायिक उत्पादन करते हैं तो इससे उनकी आर्थिक स्थिति तो मजबूत होगी ही साथ ही साथ हमारा प्रदेश भी जड़ी बूटी उत्पादन एवं निर्यातकों की श्रेणी में देश के अग्रणी राज्यों में आ जायेगा ।  डा. राणा ने वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता जाहिर करते हुये बताया कि इस समय जो किसान औषधीय पादपों की खेती करने का प्रयास करते भी हैं उन्हें कोई मंडी न होने के कारण खरीददार न मिलने पर जड़ी बूटियों का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है जिससे हतोत्साहित होकर वो आगे से इनके उत्पादन का इरादा ही त्याग देते हैं । अगर प्रदेश के किसानों को सब्जी मंडी की तर्ज पर गढ़वाल एवं कुमाऊँ में जड़ी बूटी मंडी मिल जाये तो न सिर्फ विक्रेता किसानों को बल्कि क्रेता आयुर्वेदिक औषधि निर्माताओं को भी एक ही स्थान पर यह सुविधा मुहैया हो जाएगी । जब हमारे किसानों को उनकी उगाई हुई औषधीय जड़ी बूटियों के उचित दाम एवं खरीददार मिलेंगे तो निश्चित ही पहाड़ के किसान एवं शिक्षित नौजवान बेरोजगार पहाड़ों से पलायन के बजाय जड़ी बूटी उत्पादन को स्वरोजगार के रूप मे अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसरित होंगे।

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