Breaking News:

उत्तराखंड पुलिस ने किया मांउण्ट एवरेस्ट फतह, मुख्यमंत्री ने दी बधाई -

Sunday, May 20, 2018

पीएम मोदी कल करेंगे राष्ट्रपति पुनित के साथ बैठक -

Sunday, May 20, 2018

दिल्ली ने मुंबई इंडियंस को 11 रनों से हराया, मुंबई प्लेऑफ से बाहर -

Sunday, May 20, 2018

छत्तीसगढ़ में नक्सली हमला, आईईडी ब्लास्ट में 6 जवान शहीद -

Sunday, May 20, 2018

रोजा तोड़कर बचाई जान जानिए ख़बर -

Sunday, May 20, 2018

आने वाली पीढ़ियों के लिये रिस्पना को बचाने का प्रयास : सीएम -

Saturday, May 19, 2018

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर प्लेऑफ की दौड़ से बाहर जानिए ख़बर -

Saturday, May 19, 2018

मुख्यमंत्री मोबाइल एप पर शिकायत और मैड मल्ला और तल्ला गाँव के लिए पहुंचा पीने का पानी। -

Saturday, May 19, 2018

फिल्म ‘लस्ट स्टोरीज’ का ट्रेलर हुआ रिलीज -

Saturday, May 19, 2018

पीएम मोदी ने जोजिला सुरंग का किया शिलान्यास, एशिया की सबसे लंबी सुरंग -

Saturday, May 19, 2018

अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम देहरादून पहुंची, तीन जून को पहला मैच -

Saturday, May 19, 2018

उत्तराखण्ड में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की अपार सम्भावनाएं : अनूप -

Friday, May 18, 2018

कल श्रीनगर जाएंगे पीएम मोदी -

Friday, May 18, 2018

रिस्पना नदी के पुनर्जीवीकरण हेतु अभियान में सभी दे साथ : सीएम -

Friday, May 18, 2018

कीर्ति व कृष्णा बने मिस्टर एंड मिस नाॅर्थ इंडिया ग्लैम हंट -

Friday, May 18, 2018

चार धाम ऑल वेदर रोड निर्माण कार्यो की हुई समीक्षा -

Friday, May 18, 2018

फिल्म ‘नक्काश’ का पोस्टर लॉन्च -

Friday, May 18, 2018

येदियुरप्पा कल साबित करेंगे बहुमत -

Friday, May 18, 2018

हक की लड़ाई : शीला रावत के समर्थन में अनेक समाजिक एवम राजनीतिक संगठन आये आगे -

Thursday, May 17, 2018

मिशन रिस्पना सरकारी आयोजन नही बल्कि महा जन अभियान है : सीएम -

Thursday, May 17, 2018

उत्तराखंड सरकार ने पलायन के समाधान को लेकर जनता से मांगे सुझाव

uk-st

पर्यटन मंत्री और पलायन समाधान समिति के अध्यक्ष सतपाल महाराज ने सचिवालय में पलायन के समाधान के बारे में विभागीय सचिवों के साथ बैठक की। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारियों से भी पलायन रोकने के सम्बंध में उनके सुझाव लिये। गौरतलब है कि पहाड़ों से मैदानी क्षेत्रों में हो रहे पलायन को रोकने के लिए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में पलायन समाधान समिति का गठन किया गया है। इस समिति में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ धन सिंह रावत, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य सदस्य हैं। पर्यटन मंत्री ने कहा कि चार धाम के कपाट बंद होने के बाद भी पड़ाव स्थलों पर पूजा होती रहती है। यमुनोत्री की पूजा खरसाली में, गंगोत्री की पूजा मुखबा में, केदारनाथ की पूजा ऊखीमठ में और बद्रीनाथ की पूजा पांडुकेश्वार में की जाती है। राज्य सरकार वर्षपर्यंत यात्रा को बढ़ावा देगी। इसके साथ ही विंटर डेस्टीनेशन भी विकसित किये जा रहे हैं। साल भर पर्यटकों और तीथयात्रियों के आवागमन से स्थानीय लोगों के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होने कहा कि पर्यटक पुलिस की भर्ती भी की जायेगी। पर्यटकों को पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी देने की जिम्मेदारी पर्यटक पुलिस की होगी। इसके साथ ही विभागीय बजट में रोजगार सृजन का भी जिक्र होना चाहिए। उन्होने कहा कि पलायन को रोकने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल आदि बुनियादी सुविधाओं की भी व्यवस्था पर्वतीय क्षेत्रों में होनी चाहिए। पलायन रोकने के लिए विभागीय सचिवों और जिलाधिकारियों से सुझाव लिए गये हैं।ई मेल mygovmysuggestion@gmail.com या 9084643548 पर मेसेज करके या लिखित रूप से पलायन समाधान समिति रूम न0 8 विधानसभा, देहरादून पर सुझाव भेजे जा सकते हैं। अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने बताया कि योजनाओं को एकीकृत कर समन्वय के आधार पर बेहतर परिणाम लिया जा सकता है। क्षेत्रवार विश्लेषण कर कृषि, बागवानी, खनन को प्राथमिक क्षेत्र बनाना चाहिए। इसके बाद लघु उद्योग और सेवा क्षेत्र को फोकस करना होगा। होम स्टे को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगो की आमदनी बढ़ाई जा सकती है। वाह्य पूंजी निवेश पर ध्यान देने की जरूरत है। जलागम को ग्राम विकास का केन्द्र बिन्दु बनाना होगा। राज्य में ज्यादा से ज्यादा हवाई सेवाओं का विस्तार करना होगा। प्रमुख सचिव नियोजन डाॅ0 उमाकांत पंवार ने बताया कि 6000 परिवारों का सर्वे कराया गया है। इसमें पौड़ी और अल्मोड़ा में निगटिव ग्रोथ पाया गया है। सर्वे में रोजगार, अध्ययन, समाजसेवा आदि पलायन के कारण पाये गये हैं। प्रमुख सचिव एमएसएमई मनीषा पंवार के अनुसार क्लस्टर एप्रोच से बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, टी टूरिज्म को बढ़ावा देना चाहिए। उत्तरांचल उत्थान परिषद के राम प्रकाश पेन्यूली ने प्रवासी पंचायत, ग्रामोत्सव, भू बंदोबस्त पर प्रकाश डाला। सचिव राजस्व हरवंश सिंह चुघ ने पर्वतीय क्षेत्रों में लघु उद्योग लगाने पर छूट देने, कांट्रेक्ट फार्मिंग को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। सभी जिलों के जिलाधिकारियों ने जनपद विशेष की आवश्यकता के अनुसार पलायन रोकने पर अपने सुझाव दिये।

Comments
2 Responses to “उत्तराखंड सरकार ने पलायन के समाधान को लेकर जनता से मांगे सुझाव”
  1. ANITA PANDEY says:

    हमारा गाँव बेलकोट, पिथौगढ़ में है ,वहाँ कोई भी सुविधा नहीं है ,में केंद्र सरकार के कार्यालय में हैदराबाद में कार्यरत हू ,मेरा सुझाव है की सांसद आदर्श ग्राम योजना की तरह जन ग्राम उत्थान योजना शुरू करके जनता के द्वारा ग्रामो की समस्याओं का निवारण होना चाहिए ,इससे पलायन में कमी आएगी ओर जो लोग रोजगार के लिए बाहर गए है वे लौटने का विचार करेंगे ,केंद्र सरकार सांसद आदर्श ग्राम योजना में धन राशि का व्यय कर रही है ,उत्तराखंड के लिए भी जन ग्राम उत्थान योजना पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिल कर व्यय करने पर विचार करें ,इस कार्य में सरकारी कर्मचारी या जो भी व्यक्ति स्वेचछा से आगे आए ,वे गाँव गाँव जा कर समस्या का पता लगाए और संबन्धित ज़िला कलेक्टर को इसकी जानकारी दे जिससे कार्य जल्दी और सुचारू रूप से होगा ,

  2. विक्रम सिंह says:

    पलायन के लिए समाधान:-
    माननीय मुख्य मंत्री जी यदि वास्तव में आप नेता/सरकार/उच्च अधिकारी लोग पलायन का समाधान दिल से चाहते हैं तो सबसे पहले राजनीति करना छोड़ दो और मात्र देश सेवा की भावना से जनता की भावनाओं को समझने की कोशिस करें । तभी इस देश का भला हो सकता है । मैं चंद पंक्तियों में अपने विचार व्यक्त कर रहा हूँ अमल करना आपका काम है:-
    पहाड़ों में बागवानी, पर्यटन एवं विद्युत उत्पादन सबसे अधिक कमाई का श्रोत है इनके लिए मात्र सरकार ही कुछ कर सकती है, सबसे पहले जमीनों की चकबंदी जो कि सबसे मुस्किल काम है, फिर नदियों का पानी फलोद्यान की सिंचाई के लिए जादा से जादा पंप के द्वारा ऊंची पहाड़ियों पर पहुंचाया जाय ।
    इससे पहले यदि राज्य की राजधानी गैर सैण बनादी जाय तो सारी समस्या समाप्त हो जाएगी । आपको बुरा जरूर लगेगा किन्तु सच्चाई यही है कि जहां नेता लोग रहेंगे वे अपने लिए सड़कें, चिकित्सा, शिक्षा आदि मूल सुख सुबिधाएँ उपलब्ध अवश्य कराएंगे और मात्र इसी कारण से कोई भी कर्मचारी पहाड़ों में नहीं जाना चाहता है इसके बाद हमारे पहाड़ों को प्रकृति ने कितना सुंदर बनाया है इनको सँवारने में कुछ खर्चा लग जाय तो मिट्टी और पत्थरों में सोना उगलने लग जाएगा । इसके बाद उत्तराखंड में बेरोजगार देखने को नहीं मिलेगा । किन्तु ए सब सपनों की बातें हैं। सत्तु रैगी सासु मूँ सप्ड़कु रैगि ब्वारि मूँ ।
    जयहिंद

Leave A Comment