Breaking News:

केदारनाथ धाम में सात फीट तक हुई बर्फवारी -

Thursday, January 24, 2019

“तुम मुझे खून दो, मै तुम्हे आजादी दूँगा ” के नारों से गुजा आसमाँ -

Thursday, January 24, 2019

डीएम व एसएसपी ने गणतंत्र दिवस पर परेड मैदान का निरीक्षण किया -

Wednesday, January 23, 2019

बर्फ गलाकर पानी पीने को मजबूर , जानिए खबर -

Wednesday, January 23, 2019

जनता से जुड़े मामलों को शीर्ष प्राथमिकता दी जाये : सीएम त्रिवेन्द्र -

Wednesday, January 23, 2019

फिल्‍ममेकर प्रदीप शर्मा के बेटे प्रियांक शर्मा करने जा रहे है फिल्‍म डेब्‍यू -

Wednesday, January 23, 2019

सीएमएस में अपोलो-मेडिक्स ने सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाई -

Wednesday, January 23, 2019

सड़क किनारे भूख से तड़प रही दिव्यांग बुजुर्ग को कॉन्स्टेबल ने खिलाया खाना, जानिए खबर -

Wednesday, January 23, 2019

गोरखा कल्याण परिषद हो शीघ्र गठन : पदम सिंह थापा -

Wednesday, January 23, 2019

15वें प्रवासी भारतीय दिवस सत्र का पीएम मोदी ने किया शुभारम्भ -

Tuesday, January 22, 2019

गति फाउंडेशन ने जारी की स्वच्छता सर्वेक्षण पर रिपोर्ट -

Tuesday, January 22, 2019

मसूरी में सीजन का पहला हिमपात , जानिए ख़बर -

Tuesday, January 22, 2019

दो फरवरी को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह दून में -

Tuesday, January 22, 2019

उत्तराखंड यूथ फेस्टिवल के लिए आयोजित हुआ ऑडिशन -

Tuesday, January 22, 2019

23 जनवरी को युवा कांग्रेस की क्रांति यात्रा पहुँचेगी दून -

Tuesday, January 22, 2019

मानव विकास में देहरादून प्रथम, जानिए ख़बर -

Monday, January 21, 2019

सीएम त्रिवेन्द्र प्रयागराज कुंभ पर्व में हुए सम्मिलित -

Monday, January 21, 2019

नेत्रदान के लिए गांव ने फैलाई जागरूकता, जानिए खबर -

Monday, January 21, 2019

रिलीज़ हुआ फिल्म ‘टोटल धमाल’ का मजेदार ट्रेलर -

Monday, January 21, 2019

देहरादून से 3 नए शहरों के लिए हवाई सेवा शुरू -

Monday, January 21, 2019

गरीब महिलाओं को छात्रों ने दिया ‘अधिकार’

pahal

नई दिल्ली | पूर्वी दिल्ली की कुछ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में दिल्ली स्कूल ऑफ आर्ट्स ऐंड कॉमर्स के 11 छात्रों ने मदद की। इन स्टू़डेंट्स ने ‘अधिकार’ नाम का एक प्रॉजेक्ट तैयार किया जिसके तहत महिलाओं को शिष्टाचार, आत्मरक्षा के गुर और ड्राइविंग करना सिखाया गया। इसके अलावा इन छात्रों ने महिलाओं को ट्रैफिक के नियमों के बारे में जानकारी दी और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में भी मदद की। इन स्टूडेंट्स ने गरीब महिलाओं को माइक्रो-फाइनैंस के जरिए ई-रिक्शा खरीदने में भी मदद की। रोजगार के इस साधन से ये महिलाएं औसतन 30,000 रुपये महीने की कमाई कर रही हैं। स्टूडेंट्स ने साल 2015 में इस प्रॉजेक्ट की शुरुआत की और ये स्टूडेंट्स 10 लाख अमेरिकी डॉलर की सीड फंडिंग की कोशिश कर रहे हैं।  इस प्रॉजेक्ट के मेंबर स्टूडेंट ऋषभ कोहली ने कहा, ‘हमने महिला शोषण की समस्या से शुरुआत की थी। हमने पाया कि मेट्रो महिलाओं के लिए सुरक्षित है लेकिन उसके बाहर? स्टडी से पता चलता है कि 67 फीसदी महिलाएं यौन शोषण का शिकार हुई हैं।’ अधिकार प्रॉजेक्ट को अब तक कई अवॉर्ड मिल चुके हैं। प्रॉजेक्ट को वॉलमार्ट विमिन एम्पावरमेंट ग्रांट, महिंद्रा राइज ग्रांट, ब्लूडार्ट ग्रांट और इनैक्टस इंडिया अवॉर्ड्स से नवाजा जा चुका है। महिलाओं के यौन शोषण की समस्या का समाधान दो पहलुओं वाले मॉडल के रूप में सामने आया। पहला, कैब-रिक्शा-ऑटो और मेट्रो में महिला ड्राइवर होना ताकि वे कहीं आने-जाने में सुरक्षित महसूस कर सकें और दूसरा उन्हें रोजगार मिल सके

Leave A Comment