Breaking News:

केदार यात्रा में घोड़े-खच्चर संचालकों ने मचाई लूट -

Tuesday, May 21, 2019

धूमधाम से मना एसएन मैमोरियल स्कूल का वार्षिकोत्सव ’नवरस’ -

Monday, May 20, 2019

अब ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी नहीं रखने होंगे साथ, जानिए ख़बर -

Monday, May 20, 2019

उत्तराखंड बोर्ड का 10वीं व 12वीं का रिजल्ट 30 मई को -

Monday, May 20, 2019

अटल आयुष्मान योजना के मरीजों से अवैध वसूली पर होगी कार्यवाही -

Monday, May 20, 2019

पाकिस्तानी क्रिकेटर की 2 वर्षीय बेटी का कैंसर से निधन -

Monday, May 20, 2019

‘लाल कप्तान ‘ का फर्स्ट लुक रिलीज,जानिए ख़बर -

Monday, May 20, 2019

जब तक शरीर साथ देगा तब तक लिखता रहूंगाः रस्किल बांड -

Sunday, May 19, 2019

स्थाई राजधानी बनाये जाने की मांग को लेकर धरना जारी रखा, जानिए खबर -

Sunday, May 19, 2019

बाबा केदार व बदरीविशाल के दर्शन किये पीएम मोदी , दिल्ली रवाना -

Sunday, May 19, 2019

पारंपरिक संगीत के साथ हुआ स्वागत , वोट डालने पहुंचे पहले वोटर का -

Sunday, May 19, 2019

एक ही फ्रेम में नजर आयी भारतीय हसीनाएं, जानिए ख़बर -

Sunday, May 19, 2019

लॉन्च हुआ वर्ल्ड कप का ऑफिशल सॉन्ग ‘स्टैंड बाई’ -

Saturday, May 18, 2019

राखी सावंत के लिए आशा भोसले ने गाया आइटम नंबर -

Saturday, May 18, 2019

‘भिक्षा नहीं शिक्षा दें’ ……… -

Friday, May 17, 2019

मिनी साईबर थाने में तब्दील होगी प्रदेश के सभी थाने , जानिए खबर -

Friday, May 17, 2019

सुरक्षित प्रसव से ही घटेगा मातृ-शिशु मृत्युदरः डा. सुजाता संजय -

Friday, May 17, 2019

केदारनाथ यात्रा के लिए हेली सेवा का किराया निर्धारित -

Friday, May 17, 2019

हम वर्ल्ड कप जीत के असली दावेदार है : चहल -

Friday, May 17, 2019

‘छपाक’ में दीपिका के साथ काम करने वाले थे राजकुमार राव -

Friday, May 17, 2019

चीन को अमरीका से झगड़ा महंगा पड़ सकता है जानिए खबर…

चीन की आर्थिक तरक्क़ी का एक बड़ा पहलू अमरीका को उसके निर्यात से होने वाली कमाई है. ये ट्रेड सरप्लस (व्यापार अधिशेष) चीन के पक्ष में है. यानी चीन अमरीका से जितना सामान ख़रीदता है उससे कहीं अधिक सामान वो अमरीका को बेचता है. अमरीका और चीन के बीच व्यापार युद्ध (ट्रेड वार) का दायरा इसी तरह बढ़ता गया तो मुमकिन है कि ड्रैगन कहे जाने वाले इस देश को बड़ा नुक़सान उठाना पड़ सकता है. ये रकम तीन लाख 47 हज़ार अमरीकी डॉलर के क़रीब है और दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अगर संरक्षणवादी कदम उठाती रहीं तो इसका सीधा असर चीन पर पड़ेगा. इसी वजह से कुछ विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि इस व्यापार युद्ध में अमरीका के बनिस्बत चीन के पास खोने के लिए ज़्यादा है. सोमवार को चीन ने पोर्क और वाइन जैसे 128 से ज़्यादा अमरीकी उत्पादों के आयात पर शुल्क बढ़ाने की घोषणा की. अब इन उत्पादों पर 15 से 25 फ़ीसदी शुल्क देना होगा. बीजिंग से जारी एक बयान में कहा गया कि यह क़दम चीन ने अमरीका के बढ़ाए गए आयात शुल्क से हुए नुक़सान को देखते हुए लिया है. वहीं अमरीका ने इस वैश्विक बाज़ार को बिगाड़ने वाला क़दम बताया. ट्रेड वार की आशंका के चलते वॉल स्ट्रीट भी अछूता नहीं रहा और डाउ जोन्स इंडेक्स 2.7 फ़ीसदी नीचे आ गया. चीन का कहना है कि ये नए आयात शुल्क अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा एल्यूमीनियम और स्टील के आयात पर बढ़ाए गए शुल्क की जवाबी कार्रवाई है. 22 मार्च को अमरीका ने कहा था कि वो चीन पर 60 करोड़ डॉलर का आयात शुल्क लगाने की योजना बना रहा है. बौद्धिक संपदा चोरी करने का आरोप लगाते हुए अमरीका ने देश मे चीन के निवेश को भी सीमित करने की बात कही थी. दरअसल, अमरीका से जितना सामान चीन खरीदता है, उससे कहीं ज़्यादा चीज़ें वो उसे बेचता है. व्हाइट हाउस इस सप्ताह उन चीनी उत्पादों की सूची जारी कर देगा जो नए आयात शुल्क के तहत आएंगे. अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के अनुसार, उत्पाद शुल्क बढ़ाना, चीन के बौद्धिक संपदा चोरी करने के बदले की गई प्रतिक्रिया है.

Leave A Comment