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डिप्रेशन विश्व में हार्ट अटैक के बाद मृत्यु का दूसरा बड़ा कारण

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चम्पावत। डिप्रेशन एक छोटा सा शब्द है लेकिन इसके परिणाम बहुत ही भयावह हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार मानसिक रोगों में डिप्रेशन विश्व में हार्ट अटैक के बाद मृत्यु का दूसरा बड़ा कारण है। मानसिक रोग पूरी दुनिया में एक महामारी का रूप ले चुका है। ऐसा माना जाता है कि आज चार में से एक व्यक्ति मानसिक अवसाद, मानसिक तनाव का शिकार है। लेकिन समय पर उपचार से यह ठीक भी हो जाता है। अधिकांश लोग मानसिक रोग को पागलपन से जोड़ते हैं। जबकि मानसिक रोग एक बीमारी है जो किसी व्यक्ति को हो सकती है और सही समय पर परामर्श व उपचार से यह ठीक भी हो जाती है। लेकिन अहम बात यह है कि लोगों को पता ही नहीं होता कि वे मानसिक रोग के शिकार हो रहे हैं और अगर पता है भी तो उपचार कहां होगा या कैसे कराएं की जानकारी नहीं होती। नेशनल मेंटल हैल्थ एक्ट के तहत प्रत्येक जिले से एक एमबीबीएस डॉक्टर को केंद्रीय मान्यता प्राप्त इंस्टिट्यूट से मानसिक चिकित्सा की ट्रेनिंग कराई जा रही है। जिससे लोगों को मानसिक अवसाद, तनाव आदि से छुटकारा मिल सके। यहां जिला चिकित्सालय में भी चिकित्सकों द्वारा मानसिक रोगियों का उपचार किया जा रहा है। विगत छह माह में जिला चिकित्सालय में 300 से अधिक मानसिक रोगियों का उपचार किया जा चुका है तथा 50 मानिसिक रोगियों को नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेंटल हैल्थ एंड न्यूरो साइंस बैंगलोर से वीडियो कंसल्टेशन भी कराया जा रहा है। इसके अलावा वर्ष 2017 से जनपद में संचालित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में प्रति वर्ष ओपीडी एवं शिविरों में 250 से 300 तक व्यक्तियों को व्यैक्तिक मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई हैं। जिला चिकित्सालय में डॉ. राजेश कुमार गुप्ता व साइकेट्रिक सोशल वर्कर हेम बहुगुणा लोगों को मानसिक रोग के प्रति जागरुक किया जा रहा है।

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