Breaking News:

उत्तराखण्ड की बेटी ने बढ़ाया मान, डा. नेहा शर्मा हुई सम्मानित -

Friday, November 22, 2019

जरा हट के : छात्रों ने बनाएं 120 से अधिक तरीके के पराठे -

Friday, November 22, 2019

सरकार ने मानी आयुर्वेदिक कालेजों के आन्दोलनरत छात्रों की माँग, जानिए खबर -

Thursday, November 21, 2019

बैंक शाखाओं में कार्य का समय 10 बजे से 4 बजे तक -

Thursday, November 21, 2019

फिल्म हब के रूप में तेजी से विकसित हो रहा उत्तराखंड: डॉ बिष्ट -

Thursday, November 21, 2019

जरा हट के : महिलाओं को दिया जा रहा ऐपण आर्ट का प्रशिक्षण -

Thursday, November 21, 2019

अवैध निर्माणों पर एमडीडीए हुआ सख्त, जानिए खबर -

Thursday, November 21, 2019

शूट की जा रही फिल्म ‘‘सौम्या गणेश‘‘ का सीएम त्रिवेंद्र ने मुहूर्त शॉट लिया -

Thursday, November 21, 2019

गोवा : अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का शुभारंभ, विशेष सत्र में उत्तराखंड को स्थान -

Wednesday, November 20, 2019

शिक्षकों की कमी से प्रभावित हो रही छात्रों की पढ़ाई, जानिए खबर -

Wednesday, November 20, 2019

सिपाही को ट्रैक्टर से कुचलने वाले आरोपी चालक गिरफ्तार -

Wednesday, November 20, 2019

मिस रेडिएंट स्किन और मिस ब्यूटीफुल हेयर उप प्रतियोगिताओं का आयोजन, जानिए खबर -

Wednesday, November 20, 2019

कोटद्वार में मुख्यमंत्री ने मुस्लिम योग शिविर का किया उद्घाटन -

Wednesday, November 20, 2019

उत्तराखंड : महसूस हुए भूकंप के झटके -

Tuesday, November 19, 2019

उत्तराखण्ड : समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल निलंबित -

Tuesday, November 19, 2019

मैट्रो से नही दून-ऋषिकेश व हरिद्वार को मिनी मैट्रो से जोड़ा जायेगा -

Tuesday, November 19, 2019

भोजपुरी फिल्म प्रोड्यूसर एवं फिल्म निर्देशक सीएम से की भेंट -

Tuesday, November 19, 2019

केदारनाथ परिसर में बनेगा भगवान शिव की पुरातात्विक महत्व की प्रतिमाओं का नया संग्रहालय, जानिए खबर -

Tuesday, November 19, 2019

कांग्रेस बागी विधायकों के लिए फिर दरवाजे खोलने को तैयार ! -

Monday, November 18, 2019

सीएम ने स्वच्छ कॉलोनी के पुरस्कार से किया सम्मानित, जानिए खबर -

Monday, November 18, 2019

राज्य आंदोलनकारियों को बड़ा झटका, 10% के क्षैतिज आरक्षण असंवैधानिक घोषित

Nainital-High-Court

उच्च न्यायालय ने सरकार और राज्य आंदोलनकारियों को बड़ा झटका देते हुए सरकारी सेवा में दस प्रतिशत के क्षैतिज आरक्षण को असंवैधानिक घोषित कर दिया है। बुधवार को न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। इससे पहले खंडपीठ में मत विभाजन होने के कारण इस मामले में फैसला नहीं हो पाया था। इसके बाद यह मामला एकल पीठ के पास पहुंचा था और न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकल पीठ ने भी करीब तीन महीने पहले सुनवाई पूरी करने के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया था। सरकारी सेवा में दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का तत्कालीन कांग्रेस सरकार काफैसला विवाद में आने के कारण उच्च न्यायालय पहुंचा था। इसमें राज्य आंदोलनकारियों की सीधी नियुक्ति को चुनौती दी गई थी। इस बीच राज्य आंदोलनकारियों की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया था कि सरकार ने दो अलग-अलग शासनादेश जारी कर राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी सेवा में 10% का क्षैतिज आरक्षण दिया है। इसी के तहत उनको नियुक्तियां दी जा रही हैं। हाइकोर्ट ने बुधवार को सुनाए गए अपने फैसले में क्षैतिज आरक्षण को असंवैधानिक घोषित कर दिया है। खंडपीठ में जजों ने दी थी अलग-अलग राय इस प्रकरण खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई तो उसमें दोनों न्यायमूर्तियों की राय अलग-अलग होने पर मामला मुख्य न्यायाधीश को रेफर कर दिया गया था। खंडपीठ के न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया का मत था कि राज्य आंदोलनकारियों को आरक्षण देना असंवैधानिक है। इस पीठ के न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी ने आरक्षण को विधि सम्मत माना था। मत विभाजन होने के कारण मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ ने मामला तीसरी बेंच को रेफर किया था। सरकार के सामने आंदोलनकारियों को मनाने की चुनौती क्षैतिज आरक्षण को असंवैधानिक ठहराए जाने से सरकार और राज्य आंदोलनकारियों को बड़ा झटका लगा है। सरकार की ओर से राज्य आंदोलन में आंदोलनकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका का जिक्र करते हुए उनके लिए क्षैतिज आरक्षण को सही ठहराया गया था। ठीक गैरसैंण सत्र से पहले यह फैसला सामने आने से सरकार के सामने अब मायूस आंदोलनकारियों को मनाने की चुनौती भी होगी। राज्य आंदोलनकारी भी इस मामले को अब सरकार के पाले में खिसका रहे हैं। राज्य आंदोलनकारी राजेंद्र बिष्ट का कहना है कि सरकार इस मामले को सदन में लेकर आए और इस पर कानून बनाए।

Leave A Comment