Breaking News:

सांख्य योग फाउंडेशन द्वारा देहरादून के विभिन्न विद्यालयों में अलमारी का किया वितरण -

Saturday, March 7, 2026

देहरादून : ओगल भट्टा में प्रेमी प्रेमिका ने एक दूसरे को चाकू मार किया घायल, जानिए खबर -

Saturday, March 7, 2026

अनिल नेगी बने सचिवालय क्रिकेट क्लब के नए अध्यक्ष -

Thursday, February 26, 2026

एक मार्च को अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन उत्तराखंड द्वारा होली मिलन कार्यक्रम होगा आयोजन -

Thursday, February 26, 2026

गर्व : उत्तराखंड के सोवेंद्र भंडारी और साहिल हुए भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल टीम में शामिल -

Thursday, February 19, 2026

मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन ने जरुरतमंद बच्चों के चेहरे पर लाई मुस्कान, जानिए खबर -

Wednesday, February 18, 2026

चारधाम यात्रा की तैयारियाँ तेज, जानिए खबर -

Tuesday, February 17, 2026

बुजर्ग दम्पति को पुत्रों ने घर निकाला बाहर, डीएम देहरादून ने थामा हाथ, जानिए खबर -

Tuesday, February 17, 2026

देहरादून : कांग्रेस का प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ हल्ला बोल -

Tuesday, February 17, 2026

शेफाली ,अनुष्का और शीतल के संघर्ष ने पहुंचाया मुकाम तक -

Monday, February 16, 2026

वसूली एजेंटो के दुर्व्यवहार पर शिकंजा कसने के कदम स्वागत योग्य, जानिए खबर -

Friday, February 13, 2026

देहरादून : सिल्वर सिटी मॉल राजपुर रोड के पास बदमाशों ने एक को गोलियों से भूना, मौत -

Friday, February 13, 2026

निःशुल्क हेल्थ चैकअप कैम्प का आयोजन, जानिए खबर -

Wednesday, February 11, 2026

उद्घाटन समारोह : वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 -

Wednesday, February 11, 2026

डिजिटल धोखाधड़ी से ग्राहकों को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सुझाव स्वागत योग्य : जितेंद्र कुमार डंडोना -

Wednesday, February 11, 2026

मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मेधावी छात्रों को किया पुरस्कृत -

Friday, February 6, 2026

पहचान : नरेश सिंह नयाल को नेशनल ब्लाइंड फुटबॉल टीम का चयनकर्ता और ट्रेनर का मिला जिम्मा -

Friday, February 6, 2026

रिजर्व बैंक ने ग्राहकों को दी बड़ी राहत, जानिए खबर -

Friday, February 6, 2026

साईं सृजन पटल के 18वें अंक का हुआ विमोचन -

Monday, February 2, 2026

क्लेमेंट टाउन सुभाष नगर में भव्य वार्षिक रथयात्रा का बैंडबाजे के साथ आयोजन -

Monday, February 2, 2026



बुजुर्ग महिला को यूबीआई को देना ही पड़ेगा हर्जाना, जानिए खबर

KKK

देहरादून। राज्य उपभोक्ता प्रतितोश निवारण आयोग ने सर्वे ऑफ इंडिया से सेवानिवृत्त महिला को बैंक द्वारा उसके फिक्स्ड डिपॉजिट के भुगतान में बेवजह किये गए विलम्ब एवंइस कारण हुए उत्पीड़न को आधार मानते हुए किये महत्वपूर्ण निर्णय में बैंक की अपील खारिज कर दी। जिसके उपरांत अब बैंक को जिला उपभोक्ता फोरम देहरादून का आदेश मानते हुए पीड़िता को बीस हजार रुपये के हर्जाने के साथ साथ उसको वाद व्यय के रूप में पांच हजार रुपये भी अलग से देने होंगे इसके साथ ही अब तक कि अवधि 8 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी देना पड़ेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार बल्लुपुर रोड निवासी सिनियर सिटिजन महिला शैल बाला ने जिला उपभोक्ता फोरम देहरादून के समक्ष यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की सर्वे ऑफ इंडिया शाखा के विरुद्ध 09 सितंबर 2011 एक वाद दायर करते हुए कहा था कि उपरोक्त बैंक में उन्होंने दस दस हजार रुपये की तीन एफ डी आर बनवाई थी जिनका वो समय समय पर नवीनीकरण करवाती रही किन्तु 2004 में उन्हें ब्रेन हैमरेज ही गया था एवं उन्हें सामान्य होने में बहुत वक्त लगा इसी बीच वो इन एफ डी आर के सर्टिफिकेट कही रख के भूल गयीं। नवंबर 2011 में अचानक अपने कागजों में उन्हें यह तीनों सर्टिफिकेट मिल गए तो उन्होंने तुरंत बैंक की शाखा में उन्हें प्रस्तुत करते हुए उन्हें फिर से नवीनीकृत करने का निवेदन किया। जिस पर बैंक अधिकारियों ने पुराना मामला हो जाने और फिर रिकॉर्ड नहीं मिलने और फिर रिकार्ड खो जाने के बहाने महिला को चक्कर पे चक्कर कटवा रहे है जिससे उनका मानसिक एवं आर्थिक उत्पीड़न हो रहा है। वहीं बैंक ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि महिला की अपनी जमा राशि के प्रति उदासीनता के कारण ही विलम्ब हो रहा है। लगभग साढ़े चार साल तक चले इस मामले में उपभोक्ता फोरम ने बैंक की दलीलो को आधारहीन मानते हुए 03 फरवरी 2016 को पारित अपने आदेश में यूनियन बैंक को भुगतान में देरी करने और ग्राहक सेवाओँ में कई गयी कमियों का जिम्मेदार मानते हुए बैंक पर बीस हजार रुपये का हर्जाना और पांच हजार रुपये वाद व्यय के रूप मे महिला को देने का आदेश दिया था। इस आदेश के विरुद्ध बैंक ने स्टेट कमिशन में मई 2016 अपील दायर की थी। राज्य कमीशन के अध्यक्ष जस्टिस बीएस वर्मा एवं सदस्य वीना शर्मा ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद बैंक के तर्को को खारिज करते हुए उनकी अपील को निरस्त कर दिया और माना कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का महिला के प्रति व्यवहार ठीक नही था और बैंक ने उन्हें बेवजह अनेक चक्कर कटवा कर उनका उत्पीडन किया जबकि बैंक को अपने ही नियमानुसार खुद ग्राहक को उसकी जमा राशि के परिपक्व होने पर उसे सूचित करना चाहिये था।

Leave A Comment