साईं सृजन पटल द्वारा डॉ. कीर्तिराम डंगवाल हुए सम्मानित
डोईवाला। साहित्य, संस्कृति और उत्तराखंड की लोक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ. कीर्तिराम डंगवाल, असिस्टेंट प्रोफेसर, राजकीय महाविद्यालय कर्णप्रयाग को साईं सृजन पटल की ओर से पत्रिका में निरंतर एवं गुणवत्तापूर्ण लेखन के लिए सम्मानित किया गया। डॉ. डंगवाल ने साईं सृजन पटल के माध्यम से उत्तराखंड की संस्कृति, लोकजीवन, पर्यावरण, इतिहास, पर्यटन, कृषि तथा प्रेरणादायी व्यक्तित्वों पर आधारित अनेक शोधपरक एवं ज्ञानवर्धक लेख लिखे हैं, जिन्हें पाठकों ने भरपूर सराहना दी।पत्रिका में उनके प्रकाशित प्रमुख लेखों में सितम्बर 2024 में ‘हस्तशिल्प की विरासत को आगे बढ़ा रहे राजेन्द्र बड़वाल’, नवम्बर 2024 में…
पहचान : राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर चिकित्सकों का हुआ सम्मान
देहरादून 1 जुलाई 26 । राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन द्वारा ओमकार सुपर स्पेशलिटी क्लिनिक, किशन नगर चौक, कोलागढ़ रोड, देहरादून में चिकित्सकों के सम्मान में एक समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री एवं वरिष्ठ अस्थि एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. बी.के.एस. संजय रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष सचिन जैन ने की।इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. बी.के.एस. संजय (अध्यक्ष, एम्स गुवाहाटी), डॉ. विशाल गुप्ता (अस्थि एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ), डॉ. नेहा अग्रवाल (वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट), डॉ. ओ.पी. गुप्ता (नेत्र रोग विशेषज्ञ) तथा डॉ. पवन कुमार गोयल (होम्योपैथिक चिकित्सक) को…
जूनून और साहस के आगे झुकी दिव्यांगता
भरतपुर | राजस्थान में दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं है | कोई ट्रेन दुर्घटना में अपना हाथ गंवा बैठा, किसी का हाथ बचपन में करंट लगने से कट गया तो कोई जन्मजात दिव्यांगता के साथ जीवन की चुनौतियों से लड़ रहा है | इन तमाम मुश्किलों के बावजूद ये खिलाड़ी खेल के मैदान में अपने सपनों को जिंदा रखे हुए हैं. प्रदेश के अलग-अलग जिलों के पैरा खिलाड़ियों ने अपने संघर्ष, उपलब्धियों और व्यवस्था की कमियों को खुलकर सामने रखा | बालोतरा निवासी शिल्पा भाटी की कहानी बेहद मार्मिक है | उन्होंने बताया कि बचपन में…
पहचान : डीआईटी यूनिवर्सिटी की एनसीसी गर्ल्स कैडेट्स ने संस्थान और राष्ट्र का नाम किया रोशन
देहरादून। डीआईटी यूनिवर्सिटी की एनसीसी गर्ल्स बटालियन ने दो उल्लेखनीय उपलब्धियों के माध्यम से संस्थान और राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है। ये उपलब्धियाँ समर्पण, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की उत्कृष्ट मिसाल प्रस्तुत करती हैं। एक प्रतिष्ठित उपलब्धि के तहत, अंडर ऑफिसर (यूओ) वृंदा बोजम्मा एम का चयन अत्यंत प्रतिष्ठित यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम (वाईईपी) के लिए सिंगापुर जाने वाले देशभर के केवल दस कैडेट्स में हुआ है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में पाँच बालिका एवं पाँच बालक कैडेट्स शामिल हैं, जिनका चयन देश के सर्वश्रेष्ठ एनसीसी कैडेट्स में से गहन चयन प्रक्रिया के बाद किया गया। इस प्रक्रिया में कठोर प्रशिक्षण शिविरों में…
संघर्ष, अनुशासन और आत्मविश्वास की मिसाल बनी बिनीता रावत
गाँव की बेटी बिनीता बनी UKPCS में शिक्षा अधिकारी वर्ग की टॉपर देहरादून (विशेष संवाददाता) |उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग (UKPCS) परीक्षा 2026 में शिक्षा अधिकारी (Education Officer) श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्त कर बिनीता रावत ने प्रदेश की हजारों युवतियों और प्रतियोगी छात्रों के लिए एक नई प्रेरणा प्रस्तुत की है। सीमित संसाधनों, पारिवारिक जिम्मेदारियों और कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच उन्होंने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर हो, तो सफलता अवश्य मिलती है। 10 सितम्बर 1995 को जन्मी बिनीता रावत ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा के बाद B.Sc.-B.Ed. रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, भोपाल से…
पहचान : ऋषिकेश में घर-घर टिफिन पहुंचाने वाली बेटी बनी एसडीएम
ऋषिकेश। परिस्थिति कितनी भी विषम क्यों न हों, अगर दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर कड़ी मेहनत से लक्ष्य को पाने में जुटा जाए तो असंभव कुछ भी नहीं है।ऋषिकेश में बेहद निम्न परिवार में रहने वाली मीनाक्षी भाटिया ने उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा में एसडीएम के पद पर चयनित होकर इस कथन को चरितार्थ कर दिखाया है।एक साल पहले मीनाक्षी की बड़ी बहन ने भी उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल कर सांख्यिकी अधिकारी बनी थी।ऐसे में मीनाक्षी की सफलता न सिर्फ युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा है, बल्कि पुत्र मोह की मानसिकता पालने वाले समाज के लिए भी बड़ी सीख…
गौ माता : 5 हजार किमी साइकिल यात्रा से दो युवा पहुंचे कार्तिक स्वामी धाम
रुद्रप्रयाग। गौ संरक्षण, सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और भारतीय संस्कृति के संवर्धन का संदेश लेकर गुजरात के सोमनाथ क्षेत्र से निकले दो युवा साइकिल यात्री विश्वविख्यात कार्तिक स्वामी तीर्थ पहुंच गए हैं। करीब 5 हजार किलोमीटर की लंबी और चुनौतीपूर्ण साइकिल यात्रा तय कर हिमालय की गोद में स्थित कार्तिक स्वामी धाम पहुंचने पर दोनों युवाओं का मंदिर समिति, स्थानीय श्रद्धालुओं, व्यापारियों और क्षेत्रीय जनता ने भव्य स्वागत किया। गुजरात के सोमनाथ निवासी 20 वर्षीय सियाल निकुल और जगदीश ने बताया कि उन्होंने 14 फरवरी से अपनी जनजागरण यात्रा प्रारंभ की थी। यात्रा का उद्देश्य गौ माता को राष्ट्र…
कई बार असफल हुए, रील बनाने लगे पर पेपर नहीं छोड़े, आज इनकम टैक्स अफसर
टांडा | उत्तर प्रदेश के टांडा जैसे छोटे कस्बे से निकलकर असहाब अहमद अंसारी ने अपने मेहनत और टैलेंट से अलग पहचान बनाई। एक वीडियो में वह बताते हैं कि उनके 10वीं-12वीं में अच्छे नंबर आए। इसके बाद वह कोटा गए और इसके बाद उनका कई जगह बीटेक में एडमिशन मिल रहा था। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया और अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। जब वह घर से निकले थे तो उनके ऊपर कोई जिम्मेदारी नहीं थी। इसलिए असहाब ने यूपीएससी की ओर अपना रुख कर लिया। इसके लिए उन्होंने 2017 में दिल्ली के मुखर्जी नगर…
प्रो.ढींगरा ने किया साईं सृजन पटल पत्रिका के 22 वें अंक का विमोचन, जानिए खबर
प्रोफेसर (डॉ.) गुलशन कुमार ढींगरा लेखक श्री सम्मान से नवाजे गये डोईवाला । साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को समर्पित साईं सृजन पटल मासिक पत्रिका के 22वें अंक का भव्य विमोचन श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर (डॉ.) गुलशन कुमार ढींगरा द्वारा किया गया। इस अवसर पर साहित्य, शिक्षा, पत्रकारिता एवं समाज में रचनात्मक लेखन की भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने पत्रिका के निरंतर प्रकाशन एवं उसके सामाजिक योगदान की सराहना की। मुख्य अतिथि प्रोफेसर (डॉ.) गुलशन कुमार ढींगरा ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होने के साथ-साथ परिवर्तन का…
मिड-डे मील बनाने वाली का बेटा बना आइएएस
हैदराबाद | यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना मानी जाति हैं, लेकिन कुछ लोग अपने हौसले और मेहनत से हर मुश्किल को पार कर लेते हैं | ऐसी ही एक कहानी है डोंगरे रेवैया की, जिन्होंने गरीबी और कठिन हालात के बावजूद आइएएस बनने का सपना पूरा किया | डोंगरे रेवैया एक बेहद गरीब परिवार से आते हैं | उनके पिता की लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था, जिसके बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां पर आ गई | उनकी मां सरकारी स्कूल में मिड-डे मील बनाकर परिवार का गुजारा…






























