प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक समय धर्म, साधना और आत्मकल्याण के लिए देना चाहिए : आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी
देहरादून में होगा आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी का चातुर्मास 2 अगस्त को मंगल कलश स्थापना का भव्य आयोजन एवं 16, 17 एवं 18 अगस्त को दीक्षा दिवस देहरादून | देवभूमि उत्तराखंड के जैन समाज के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है कि आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महामुनिराज एवं आचार्य गुरुदेव समयसागर जी महाराज की प्रत्यक्ष शिष्या, आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी का वर्ष 2026 का चातुर्मास देहरादून में संपन्न होने जा रहा है। इसी संदर्भ में गुरुवार को जैन भवन, गांधी रोड, देहरादून में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न समाचार-पत्रों एवं मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों ने…
मॉडल एवं अभिनेत्री वैष्णवी लोहनी बनीं ‘साईं सृजन पटल’ के सलाहकार मंडल की सदस्य
डोईवाला। उत्तराखंड की उभरती हुई मॉडल एवं अभिनेत्री वैष्णवी लोहनी को साहित्य, संस्कृति और सृजन के क्षेत्र में सक्रिय संस्था ‘साईं सृजन पटल’ के सलाहकार मंडल का सदस्य नामित किया गया है। यह जानकारी पटल के संस्थापक एवं सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रो. के.एल. तलवाड़ ने दी। उन्होंने बताया कि ‘लेखन और सृजन के उन्नयन के लिए सदैव प्रतिबद्ध’ ध्येय वाक्य के साथ साईं सृजन पटल की स्थापना 9 अगस्त 2024 को की गई थी। संस्था साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित करने का कार्य भी निरंतर कर…
शिक्षाविद एवं समाजसेवी जितेंद्र कुमार डंडोना विवेकानंद आदर्श रतन पुरस्कार से सम्मानित
देहरादून | दून फूड रिलीफ फाउंडेशन के अध्यक्ष शिक्षाविद एवं समाजसेवी जितेंद्र कुमार डंडोना को निर्धन विद्यार्थियों की शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए फ्री कोचिंग एवं स्टडी मैटेरियल की व्यवस्था, लिखित परीक्षाओं एवं साक्षात्कार, स्कूल एवं कॉलेजों में उनकी रुचि के अनुसार विषय एवं कैरियर चयन हेतु सेमिनार के आयोजन हेतु स्वामी विवेकानंद आदर्श रतन पुरस्कार 2026 से ऑनलाइन सम्मानित किया गया। शिक्षा के माध्यम से सामाजिक जागरूकता, नशाबंदी, विद्यार्थियों को मोबाइल का सही उपयोग होने श्री डंडोना ने संस्था का आभार जताते हुए कहा कि यह अवार्ड उन्हें इस क्षेत्र में आगे और…
साहस : पिता की जान बचाने के लिए गुलदार से भिड़ गई बहादुर बेटी
चंपावत। जिले के सिमल्टा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब घर के अंदर टीवी देख रहे बुजुर्ग पर घात लगाकर गुलदार ने हमला कर दिया। ससुराल से मायके आई बुजुर्ग की बेटी ने चीख पुकार कर गुलदार से अपने पिता को बचाया, बेटी ने बहादुरी दिखाते हुए गुलदार को घर के अंदर कैद कर दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने देर रात तक चले रेस्क्यू अभियान में गुलदार को पकड़ लिया। वहीं चैतरफा पिता को गुलदार से बचाने वाली बहादुर बेटी की चर्चा हो रही है। चंपावत जिला मुख्यालय के निकटवर्ती ग्राम…
साईं सृजन पटल द्वारा डॉ. कीर्तिराम डंगवाल हुए सम्मानित
डोईवाला। साहित्य, संस्कृति और उत्तराखंड की लोक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ. कीर्तिराम डंगवाल, असिस्टेंट प्रोफेसर, राजकीय महाविद्यालय कर्णप्रयाग को साईं सृजन पटल की ओर से पत्रिका में निरंतर एवं गुणवत्तापूर्ण लेखन के लिए सम्मानित किया गया। डॉ. डंगवाल ने साईं सृजन पटल के माध्यम से उत्तराखंड की संस्कृति, लोकजीवन, पर्यावरण, इतिहास, पर्यटन, कृषि तथा प्रेरणादायी व्यक्तित्वों पर आधारित अनेक शोधपरक एवं ज्ञानवर्धक लेख लिखे हैं, जिन्हें पाठकों ने भरपूर सराहना दी।पत्रिका में उनके प्रकाशित प्रमुख लेखों में सितम्बर 2024 में ‘हस्तशिल्प की विरासत को आगे बढ़ा रहे राजेन्द्र बड़वाल’, नवम्बर 2024 में…
पहचान : राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर चिकित्सकों का हुआ सम्मान
देहरादून 1 जुलाई 26 । राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन द्वारा ओमकार सुपर स्पेशलिटी क्लिनिक, किशन नगर चौक, कोलागढ़ रोड, देहरादून में चिकित्सकों के सम्मान में एक समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री एवं वरिष्ठ अस्थि एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. बी.के.एस. संजय रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष सचिन जैन ने की।इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. बी.के.एस. संजय (अध्यक्ष, एम्स गुवाहाटी), डॉ. विशाल गुप्ता (अस्थि एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ), डॉ. नेहा अग्रवाल (वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट), डॉ. ओ.पी. गुप्ता (नेत्र रोग विशेषज्ञ) तथा डॉ. पवन कुमार गोयल (होम्योपैथिक चिकित्सक) को…
जूनून और साहस के आगे झुकी दिव्यांगता
भरतपुर | राजस्थान में दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं है | कोई ट्रेन दुर्घटना में अपना हाथ गंवा बैठा, किसी का हाथ बचपन में करंट लगने से कट गया तो कोई जन्मजात दिव्यांगता के साथ जीवन की चुनौतियों से लड़ रहा है | इन तमाम मुश्किलों के बावजूद ये खिलाड़ी खेल के मैदान में अपने सपनों को जिंदा रखे हुए हैं. प्रदेश के अलग-अलग जिलों के पैरा खिलाड़ियों ने अपने संघर्ष, उपलब्धियों और व्यवस्था की कमियों को खुलकर सामने रखा | बालोतरा निवासी शिल्पा भाटी की कहानी बेहद मार्मिक है | उन्होंने बताया कि बचपन में…
पहचान : डीआईटी यूनिवर्सिटी की एनसीसी गर्ल्स कैडेट्स ने संस्थान और राष्ट्र का नाम किया रोशन
देहरादून। डीआईटी यूनिवर्सिटी की एनसीसी गर्ल्स बटालियन ने दो उल्लेखनीय उपलब्धियों के माध्यम से संस्थान और राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है। ये उपलब्धियाँ समर्पण, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की उत्कृष्ट मिसाल प्रस्तुत करती हैं। एक प्रतिष्ठित उपलब्धि के तहत, अंडर ऑफिसर (यूओ) वृंदा बोजम्मा एम का चयन अत्यंत प्रतिष्ठित यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम (वाईईपी) के लिए सिंगापुर जाने वाले देशभर के केवल दस कैडेट्स में हुआ है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में पाँच बालिका एवं पाँच बालक कैडेट्स शामिल हैं, जिनका चयन देश के सर्वश्रेष्ठ एनसीसी कैडेट्स में से गहन चयन प्रक्रिया के बाद किया गया। इस प्रक्रिया में कठोर प्रशिक्षण शिविरों में…
संघर्ष, अनुशासन और आत्मविश्वास की मिसाल बनी बिनीता रावत
गाँव की बेटी बिनीता बनी UKPCS में शिक्षा अधिकारी वर्ग की टॉपर देहरादून (विशेष संवाददाता) |उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग (UKPCS) परीक्षा 2026 में शिक्षा अधिकारी (Education Officer) श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्त कर बिनीता रावत ने प्रदेश की हजारों युवतियों और प्रतियोगी छात्रों के लिए एक नई प्रेरणा प्रस्तुत की है। सीमित संसाधनों, पारिवारिक जिम्मेदारियों और कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच उन्होंने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर हो, तो सफलता अवश्य मिलती है। 10 सितम्बर 1995 को जन्मी बिनीता रावत ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा के बाद B.Sc.-B.Ed. रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, भोपाल से…
पहचान : ऋषिकेश में घर-घर टिफिन पहुंचाने वाली बेटी बनी एसडीएम
ऋषिकेश। परिस्थिति कितनी भी विषम क्यों न हों, अगर दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर कड़ी मेहनत से लक्ष्य को पाने में जुटा जाए तो असंभव कुछ भी नहीं है।ऋषिकेश में बेहद निम्न परिवार में रहने वाली मीनाक्षी भाटिया ने उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा में एसडीएम के पद पर चयनित होकर इस कथन को चरितार्थ कर दिखाया है।एक साल पहले मीनाक्षी की बड़ी बहन ने भी उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल कर सांख्यिकी अधिकारी बनी थी।ऐसे में मीनाक्षी की सफलता न सिर्फ युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा है, बल्कि पुत्र मोह की मानसिकता पालने वाले समाज के लिए भी बड़ी सीख…






























