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होम शांति वेब सीरीज में दून की चकोरी द्विवेदी ने बिखेरा जलवा

 

 

देहरादून। वर्तमान समय वेब सीरीज का है। लेकिन टीआरपी की भागमभाग ने वेब सीरीज को मसाला वेब मात्र बना कर रख दिया है। ऐसे में पिछले कुछ हफ्ते सकूं देने वाले हैं जब मारधाड़ और खून-खराबे से इतर हमें गुल्लक और होम शांति जैसी हल्की-फुल्की लेकिन मनोरंजन से भरपूर वेब सीरीज देखने को मिल रही हैं। आकांक्षा दुआ की वेब सीरीज जिसमें थियेटर के मंझे हुए कलाकारों में से छोटे पर्दे के बड़े नाम सुप्रिया पाठक और मनोज पाहवा हैं। वहीं नए कलाकारों चकोरी द्विवेदी व पूजन छाबरा भी इतने बड़े नामों के साथ अपनी छाप छोड़ते नजर आ रहे हैं। सच में दिल और दिमाग को चौन और सकून देनी वाली होम शांति की तुलना एकता कपूर की होम ईट्स आ फीलिंग व पलास वासवानी की गुल्लक से की जा रही है। हालांकि एकता कपूर की वेब सीरीज होम ईट्स ए फीलिंग में तनाव काफी बढ़ जाता है जब परिवार को पता चलता है कि उनका 22 साल पुराना आशियाना अवैध रूप से बना है व जल्द ही जमींदोज हो जाएगा वहीं अन्नू कपूर स्टारर गुल्लक 3 में भी तनाव कम होने का नाम नहीं लेता जब पता चलता है कि परिवार के अकेले कमाने वाले की नौकरी चली जायेगी। इससे अलग होम शांति में जोशी परिवार 40×60 के एक प्लॉट में अपने सपनों के घर में अपनी सभी जरूरतों को पूरा तो करना चाहता है लेकिन तनाव रहित रहकर। होम शांति की  कहानी एक मध्यम वर्गीय परिवार के ताने-बाने, रोज़मर्रा की जरूरतों व छोटी-मोटी उलझनों को दर्शाती है। कहानी में उलझनों की गांठे तो हैं लेकिन ऐसी नहीं कि जिन्हें सुलझाया ना जा सके। देहरादून के जोशी परिवार को एक अदद घर की जरूरत है और घर में अपनी-अपनी जरूरतों को लेकर उनकी प्राथमिकताएं भी हैं। सरला जोशी ( सुप्रिया पाठक) एक स्कूल की उप प्रधानाचार्या हैं और इसीलिए स्वभाव से कड़क भी। वहीं उनके पति उमेश (मनोज पाहवा) एक शौकिया कवि हैं, क्रिकेट उनका जुनून है और अंदाज बिल्कुल हल्का-फुल्का। जोशी परिवार की बिटिया जिज्ञासा (चकोरी द्विवेदी) को तेज-तर्रार और एक्स्ट्रा समझदार समझा जाता है। जबकि बेटे नमन (पूजन छाबरा) को गैर-जिम्मेदार और अक्ल से कमतर आंका गया है। जोशी परिवार के इस नए आशियाने में सरला व उमेश एक बड़ा सा स्टडी रूम चाहते हैं जहां सरला जोशी रिटायरमेंट के बाद टैगोर व टॉलस्टॉय को पढ़ना चाहती हैं वहीं उमेश जोशी सूर्यकांत त्रिपाठी निराला को पढ़ खुद को उनके साथ तोलना चाह रहे हैं। वहीं जिज्ञासा मध्यम वर्ग की उस लड़की का प्रतिनिधित्व कर रही है।जो किसी दृष्टिकोण से खुद को करीना, कैटरीना या आलिया से कमतर नहीं आंकती। तभी तो उसे लगता है कि अपने अलग बाथरूम के बाथ टब में वह हीरोइनों की तरह बुलबुले उड़ाते हुए मजा करेगी। उधर नमन को भी अटूट विश्वास है कि अगर उसे एक अपना जिम मिल जाए तो वह टाइगर श्रॉफ को पीछे छोड़ सकता है। लेकिन यहां तो जोशी परिवार के भूमि पूजन में अड़चनें आ रही हैं। क्या जोशी परिवार को अपने नए आशियाने में अपने सपनों को पूरा करने की आजादी मिलेगी। तो इसके लिए आपको हॉटस्टार पर जाकर देखनी होगी शांति होम। और हमारा मानना है कि आपको यह सीरीज पसंद ही नहीं आएगी वरन शांति भी प्रदान करेगी। अब आगे बात यह है कि छोटे पहाड़ी प्रदेश उत्तराखंड के लिए यह सीरीज इसलिए खास है कि उनकी बेटी देहरादून की रहने वाली जिज्ञासा यानि चकोरी द्विवेदी ने इसमें अहम किरदार निभाया है। दून के कान्वेंट ऑफ जीसस एंड मेरी से पढ़ी चकोरी द्विवेदी ने अपनी स्नातक दिल्ली यूनिवर्सिटी से की।

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