भारतीय न्याय संहिता 2023 पर जागरूकता कार्यक्रम का समापन, जानिए खबर
Posted by Pehchanexpress Admin on Tuesday, March 12, 2024 · Leave a Comment

देहरादून / पौड़ी | स्कूल आफ लॉ ,हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय,उत्तराखंड द्वारा एकदिवसीय भारतीय न्याय संहिता 2023 पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में टिहरी कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री शांति प्रसाद भट्ट जी थे । इन्होंने अपने वक्तव्य में तीन नए आपराधिक कानूनो अर्थात भारतीय न्याय संहिता 2023 ,भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के प्रमुख प्रावधानों को विस्तार से बताया ।साथ ही यह भी बताया की पूर्व में जो तीनों कानून थे अर्थात् भारतीय न्याय संहिता 1860 ,दंड प्रक्रिया संहिता 1973 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 इन अधिनियमों और वर्तमान कानूनों में जो परिवर्तन किए गए हैं तथा उनमें व्यवस्थाएं बताई गई हैं वह न्यायिक प्रणाली में कैसे कारगर होगा, इसके बारे में विस्तार से बताया। भारतीय न्याय संहिता में जो नए प्रावधान लाए गए हैं अर्थात संगठित अपराध , आतंकवाद, देशद्रोह,सामुदायिक सेवाएं ,साइबर अपराध और दंड प्रावधानों में जो परिवर्तन किए गए हैं उनके बारे में विस्तार से बताया। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के अंतर्गत जमानत प्रावधान, फॉरेंसिक जांच,हस्ताक्षर नमूना, आवाज का नमूना अन्वेषण आदि के बारे में भी जानकारी दी तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के अंतर्गत जो प्रावधान प्राथमिक साक्ष्य और द्वितीयक साक्ष्य के बारे में बताए गए हैं उसको भी विस्तार से बताये। इस दौरान प्रतिभागियों ने भी मुख्य वक्ता से अपने प्रश्नों को रखकर उनसे समाधान प्राप्त किया। तत्पश्चात स्कूल ऑफ लॉ के हेड व संकायप्रमुख प्रो एस .सी. गुप्ता (पौड़ी परिसर) ने कहा की तीनों कानूनो में जो परिवर्तन किए गए हैं निश्चित रूप से यह समाज के लिए एक लाभान्वित रहेगा तथा कम समय में पीड़ित पक्षकारों को न्याय मिलेगा।कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक विधि विभाग टिहरी परिसर के डॉ एस. के. चतुर्वेदी द्वारा किया गया lइस अवसर पर विधि विभाग पौड़ी व टिहरी परिसर के समस्त शिक्षक, शोधार्थी, छात्र – छात्राएं उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में 150से अधिक प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।