अपने सपने संस्था ने मनाया जरूरतमंद बच्चो का जन्मदिन
देहरादून | आए दिन लोग असहाय एवम जरूरतमंद बच्चों के साथ अपना या तो अपने बच्चों का जन्मदिन मनाते है यह एक अच्छी सोच एवम नेक कार्य है पर उन असहाय एवम जरूरतमंद बच्चों का जन्मदिन मनाना क्यो नही | इसी सोच के साथ अपने सपने संस्था जरूरतमंद बच्चों का जन्मदिन प्रत्येक महीने के अंतिम रविवार को मनाते आ रहा है | इसी कड़ी में आज अपने सपने संस्था सिमरन , माधुरी, नव्या, अजीत, श्रेया बच्चो का जन्मदिन मनाया गया | इस आयोजन का उद्देश्य यह कि जब कोई अपना या अपने बच्चों का जन्मदिन इन असहाय एवम जरूरतमंद बच्चो के…
हैंडिकैप स्टूडेंट के लिए मुफ़्त में ऑनलाइन ट्यूशन जानिए ख़बर…
आज कल बच्चों के लिए ट्यूशन ढूंढना पैरंट्स के लिए किसी आफत से कम नहीं है। हैंडिकैप स्टूडेंट को लेकर पैरंट्स की टेंशन और बढ़ जाती है। इस टेंशन को दूर करने के लिए इंदिरापुरम की रहने वाली शिखी उपाध्याय ने हाल ही में एक प्रॉजेक्ट शुरू किया है। इसके जरिए ऐसे स्टूडेंट्स घर बैठे अपने टाइमिंग के मुताबिक ऑनलाइन लाइव ट्यूशन ले सकेंगे। इस ऑनलाइन ट्यूशन में गर्ल्स और हैंडिकैप स्टूडेंट्स को फ्री क्लास दी जाएगी, जिसमें वे महत्वपूर्ण चैप्टर्स कवर कर सकते हैं। इससे अलग-अलग स्टेट के करीब 22 टीचर जुड़े हैं जो बच्चे के इंट्रेस्ट को परखने…
जॉब छोड़ मशरूम उगा रहे हैं युवा जानिए ख़बर
आज कुछ उत्साही युवा हैं, जो उत्तराखंड में पलायन के दावे के बीच सरकार की रिवर्स मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने न सिर्फ खुद रिवर्स माइग्रेशन किया, बल्कि उनसे प्रेरणा लेकर दूसरे युवा भी गांवों की ओर लौटने लगे हैं। मशरूम लेडी दिव्या रावत, गोट फार्मर श्वेता तोमर, डेयरी फार्मर हरिओम नौटियाल जैसे युवा प्रदेश में रिवर्स माइग्रेशन की मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं। रिवर्स माइग्रेशन की इन युवाओं की मुहिम रंग भी ला रही है, तमाम लोग इनसे ट्रेनिंग लेकर अब अपने गांव में खुद का काम कर रहे हैं। वे उजड़े घरों को फिर से आबाद करना…
कभी चराता था बकरियां आज है कामयाब निशानेबाज , जानिए ख़बर
जब जीवन ने हौसला हो तो यह कहावत ‘हिम्मत करने वालों की कभी हार नहीं होती’ सत्य साबित होती है । जी हां हम बात कर रहे है भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाले निशानेबाज जीतू राय का जिनका जिंदगीनामा भी कुछ इसी तरह का रहा है। बचपन से ही दुश्वारियां साये की तरह उनकी जिंदगी में शामिल रहीं लेकिन बकरियां चराते, नेपाल के खेतों में वक्त बिताते हुए वह एक दिन गोल्ड कॉस्ट में कामयाबी की बुलंदी पर पहुंच जाएंगे, आज वह सब जानकर आसानी से यकीन करना मुश्किल सा हो जाता है। जानकारी हो कि जीतू राय भारतीय…
फुटपाथ पर लोगों का फ्री इलाज करते है डॉक्टर अजीत
कानपुर | उम्र कोई भी हो यदि सम्माज की सेवा करनी है तो करनी है यह जज्बा कायम किया है फुटपाथ पर लोगों का फ्री इलाज करने वाले डॉ अजीत ने | यही नहीं इन डॉक्टर को प्रधानमंत्री ने मन की बात में फुटपाथ पर लोगों का फ्री इलाज करने वाले डॉक्टर का जिक्र भी किया है, उनकी कहानी काफी प्रेरणादायक है। एमडी करने के बाद 1980 से प्रैक्टिस शुरू करने वाले डॉ अजीत मोहन चौधरी पिछले एक महीने से चकेरी के चेतना चौराहे पर रोज एक घंटे गरीबों का इलाज करते हैं। डॉ अजीत कहते हैं, मैंने सारी दुनिया…
पहचान : जीवन का संघर्ष टॉपर पूनम टोडी से सीखें
देहरादून। जीवन एक संघर्ष है यह कथन सत्य किया है देहरादून की पूनम टोडी ने | अगर आपमें कुछ कर गुजरने का जज्बा है, तो चाहे आपकी सफलता की राहों में कितनी भी मुश्किलें आए, आपके हौंसलों को डगा नहीं सकती। कुछ ऐसी ही है हमारी आज पीसीएस-जे परीक्षा की टॉपर पूनम टोडी। दो बार न्यायिक सेवा के इंटरव्यू तक पहुंचने पर मिली असफलता भी पूनम टोडी के हौसले को हिला नहीं सकी और उन्होंने असफलता को सफलता का हथियार बना आज उत्तराखण्ड पीसीएस-जे की परीक्षा में टॉप में जगाह बनाई। इसके आलावा उन्होने उत्तर प्रदेश की सहायक अभियोजन अधिकारी…
जब इंस्पेक्टर ने पेश की अनूठी मिसाल….
हैदराबाद | अपनी ड्यूटी के दौरान हैदराबाद में एक पुलिस इंस्पेक्टर ने कुछ ऐसा कर दिखाया, जिससे उन्होंने ना सिर्फ पुलिस विभाग की शान बढ़ाई है बल्कि इंसानियत की एक मजबूत मिसाल पेश की है। दरअसल, इस इंस्पेक्टर ने सड़क दुर्घटना में घायल हुए सात साल के एक बच्चे को बचाया और उसके इलाज के लिए अपनी जेब से पैसे भी भरे। सर्कल इंस्पेक्टर महेश एक बच्चे को अपनी पट्रोलिंग कार से निकालकर अस्पताल के अंदर ले जा रहे हैं। बाद में पता चला कि 7 साल के इस बच्चे का ऐक्सिडेंट किसी कार से हो गया था। इंस्पेक्टर महेश…
10 साल की चाँदनी और कामनी का सम्मान
देहरादून | अपने सपने संस्था द्वारा ” शान और अभिमान बेटियां ” रूपी कार्यक्रम में जहां लड़कियों को पढ़ाने के लिए लोगो को जागरूक किया गया वही आयोजित कार्यक्रम में चाँदनी और कामनी बालिकाओं को सम्मानित किया गया | विदित हो कि आज से चार साल पहले चाँदनी और कामनी पढ़ाई लिखाई से दूर थी, अपने सपने संस्था द्वारा इन बच्चियों का सरकारी स्कूल में दाखिला कराया गया | तब और अब चार साल से जहाँ यह स्कूल में पढ़ाई कर रही है वही संस्था में प्रतिदिन आ कर पठन -पाठन रूपी कार्य कर है | यही नही बालिकाएं पढ़ाई…
छोटी सी दुकान चलाने वाले की बेटी अमेरिका में बनी वैज्ञानिक
एक छोटे से घर में माता-पिता के साथ रहने वाली अनुराधा गुप्ता गोंडा के पटेल नगर इलाके में निवास है । जहा उनके पिता राम सुंदर गुप्ता छोटी सी स्टेशनरी दुकान चलाते हैं। वही माता सत्यवती गुप्ता गृहणी है। पिता राम सुंदर गुप्ता के अनुसार वह बचपन से ही वैज्ञानिक बनना चाहती थीं। कक्षा आठ तक उन्होंने मोहनलाल मेमोरियल स्कूल गोंडा स्कूल में पढ़ाई की थी | मोहनलाल मेमोरियल स्कूल की प्रबंधक उषा श्रीवास्तव के अनुसार अनुराधा बचपन से ही तेज दिमाग की लड़की थी जो अपने लक्ष्य को पाने के लिए हमेशा उत्साहित रहती थी। कक्षा 9 से 12…
महापुरुषों में से एक थे स्वामी विवेकानंद….
स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी को कोलकाता के एक बंगाली परिवार में हुआ था। उनका वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था। विवेकानंद प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। वे अपने गुरु रामकृष्ण देव से काफी प्रभावित थे। रामकृष्ण परमहंस की मृत्यु के बाद विवेकानंद ने धर्म प्रचार के लिए भारतीय उपमहाद्वीप का दौरा किया था। उन्होंने 1893 में विश्व धर्म संसद भारत का प्रतिनिधित्व किया और यहां दिए गए भाषण की वजह से वे देश-दुनिया में प्रसिद्ध हो गए। स्वामीजी के जन्मदिन 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। समाज को उनके द्वारा दिए हुए कुछ अनमोल…






























